EXCLUSIVE- भगवा चोला पहन खुद को हिंदू बताकर पहुंचे थे भिक्षा मांगने, पुलिस ने पूछा गायत्री मंत्र तो हुई बोलती बंद, दो मुस्लिम फेरीवाले गिरफ्तार



सुप्रीत शर्मा/ कमलेश वाधवानी, बालोद इन दिनों छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में बच्चा चोरी की घटनाएं सामने आ रही है। तो वही फेरी वालों द्वारा कई तरह के कृत्य को अंजाम दिए जा रहे हैं। जिसे देखते हुए लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। ऐसा ही एक मामला गुरुर थाना क्षेत्र में सामने आया है। जहां पर भगवा चोला पहन कर दो मुस्लिम संदिग्ध रूप से घूम रहे थे। पुलिस ने मुखबिर से इसकी सूचना मिलने पर दोनों को बस स्टैंड के पास से पकड़ा फिर पूछताछ के लिए थाने ले गए। दोनों की गतिविधियां संदिग्ध लग रही थी। दिखने में तो दोनों बकायदा भगवा रंग के कपड़े पहनकर पंडित की तरह घूमने, लोगों से भिक्षा मांगते आने की बात कर रहे थे। लेकिन उनका हाव-भाव अलग ही नजर आ रहा था। जिससे पुलिस को शक हुआ और उनसे पूछा गया कि चलो महाराज हो तो गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र बोल कर बताओ। दोनों फिर हड़बड़ा गए और उनकी बोलती बंद हो गई। पुलिस ने उनकी चोरी पकड़ ली और फिर कड़ाई से पूछताछ की गई तो मालूम हुआ कोई पंडित महाराज नहीं है बल्कि दोनों उत्तर प्रदेश प्रतापगढ़ के मुसलमान हैं। फिर दोनों ने अपने असली नाम पता बताया। पुलिस को दोनों की गतिविधि संदिग्ध होने और नाम पता छुपाने के साथ ही हुलिया बदल दिए जाने से अपराध घटित किए जाने की आशंका से दोनों के खिलाफ धारा 151 प्रतिबंधात्मक धारा लगाकर दोनों को रिमांड पर जेल भेजा जा रहा है। मामले के जांचकर्ता गुरुर थाने में पदस्थ विश्वजीत मेश्राम ने बताया दोनो खुद को हिन्दू बता रहे थे। ग्रामीणों को उन पर संदेह हुआ जिसके बाद हमें सूचना मिलते ही हम दोनों को पकड़ थाने लाये थे। आरोपी झगरू उर्फ सदद्दाम पिता मुसाफिर और याद अली उर्फ माले सज्जन दोनो ग्राम नेवादा, थाना पट्टी, प्रताप गढ़ , उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं। जो मुसलमान होकर खुद को हिंदू बता रहे थे।

पुलिस प्रशासन और बजरंग दल ने की ऐसे लोगों से सावधान रहने की अपील

जिला पुलिस प्रशासन द्वारा बाहर से आने वाले लोगों से सावधान रहने की अपील की गई है। बालोद जिले में जेवर चमकाने के नाम से दो ठगी के मामले भी सामने आ चुके हैं। ऐसे में पंचायत प्रशासन को भी आगाह किया जा रहा है कि उनके गांव में कोई भी बाहर से आ रहे हैं तो उनसे मुसाफिरी की जानकारी जरूर लें। बजरंग दल के जिला संयोजक उमेश सेन ने कहा कि बजरंग दल के सदस्यों के जरिए भी लोगों को सचेत करने का काम चल रहा है। बजरंग दल भी गांव-गांव में इस तरह पहुंच रहे अनजान लोगों पर नजर रख रही है। जरूरत पड़ने पर उनसे पूछताछ कर पुलिस के हवाले भी किया जाएगा। ग्रामीणों को खासतौर से ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। बाहर से आने वाले फेरी वाले विभिन्न कारोबार के बहाने आते हैं और ग्रामीणों के भोलेपन का फायदा उठाकर अपनी बातों में फंसा कर उनसे लूट खसोट व अन्य अपराध करते हैं।

हिंदुओं को बदनाम करने के इरादे से आए थे उत्तर प्रदेश से ये दो लोग

सद्दाम खान और यादअली, जो प्रतापगढ़ उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। जाति से मुस्लिम है लेकिन भगवा वस्त्र धारण कर गुरूर क्षेत्र में आए थे। जिसे गुरुर पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान
गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र उच्चारण करने के लिए कहा तो उच्चारण नहीं कर पाने पर पुलिस को इन लोगों पर शक होने पर गुरुर पुलिस द्वारा उन दोनो लोगों से पूछताछ करने पर जानकारी हुई कि वे लोग मुसलमान हैं और हिंदू बनकर चोरी और कई प्रकार के अपराध कर के हिंदुओं को बदनाम करने के इरादे से आए थे। जिन पर गुरुर पुलिस द्वारा अपराध दर्ज कर धारा 151 लगा कर रिमांड में भेज दिया गया। जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद बजरंग दल गुरुर थाना पहुंची। जिसमें महेंद्र सोनवानी मोनू विश्व हिंदू परिषद सतीश विश्वकर्मा विश्व हिंदू परिषद शाह मंत्री उमेश कुमार सेन बजरंग दल जिला संयोजक नीलांबर साहू बजरंग दल गुरुर प्रखंड संयोजक अंजेंद्र साहू प्रमोद सिन्हा वीरेंद्र साहू राजेन्द्र साहू शामिल रहे।

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