बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां तीन साल की मासूम बच्ची के दफनाए गए शव के साथ कथित तंत्र-मंत्र किए जाने की आशंका से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। घटना के बाद ग्रामीणों में भय और आक्रोश का माहौल है, जबकि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, बालोद जिले के गुंडरदेही थाना क्षेत्र के गांव माहुद बी में तीन वर्षीय मासूम बच्ची की कुछ समय पहले मृत्यु हो गई थी। परिजनों ने गांव में ही बच्ची को दफनाया था। कुछ दिनों बाद जब परिजन और ग्रामीण दफन स्थल पर पहुंचे तो वहां की स्थिति देखकर सभी हैरान रह गए।
बताया जा रहा है कि कब्र के आसपास संदिग्ध वस्तुएं मिलीं, जिनमें कटे हुए नींबू, दीये, अगरबत्ती और अन्य सामग्री शामिल थी। इन वस्तुओं को देखकर ग्रामीणों ने आशंका जताई कि किसी ने तंत्र-मंत्र या टोना-टोटका जैसी गतिविधि के लिए कब्र से छेड़छाड़ की है। प्रशासन की अनुमति के बाद कब्र खोदकर देखा गया तो बच्ची का सिर गायब था।
कब्र से छेड़छाड़ की आशंका से फैली दहशत

ग्रामीणों का कहना है कि जब उन्होंने दफन स्थल को देखा तो मिट्टी उखड़ी हुई थी और आसपास तंत्र-मंत्र से जुड़ी सामग्री पड़ी थी। इस दृश्य ने पूरे गांव में डर का माहौल बना दिया। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। पुलिस ने मामले को गंभीर मानते हुए जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आखिर किसने और किस उद्देश्य से कब्र के साथ छेड़छाड़ की।
जांच में जुटी पुलिस, दोषियों की तलाश
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि दफन स्थल के साथ छेड़छाड़ हुई है। हालांकि अभी तक किसी आरोपी की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है—चाहे वह अंधविश्वास से जुड़ा हो या किसी अन्य वजह से। दोषियों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों में भय और आक्रोश
घटना के बाद से गांव में दहशत का माहौल है। खासकर बच्चों के परिजन चिंतित हैं और रात में बाहर निकलने से भी बच रहे हैं। कई ग्रामीणों ने प्रशासन से सुरक्षा बढ़ाने और जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में भय और अंधविश्वास को बढ़ावा देती हैं। लोगों ने प्रशासन से अपील की है कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई हो ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।
अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता की जरूरत
यह घटना एक बार फिर समाज में फैले अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र जैसी कुप्रथाओं पर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने और शिक्षा के माध्यम से अंधविश्वास को दूर करना जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकें।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और पूरे मामले पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। जल्द ही इस सनसनीखेज मामले का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
