लिखा है?….एक रचना ऋचा की..
कोरे कागज मन चंचल में, तुमने सौ सौ नाम लिखा है।मैने तो अपने हृदय में, केवल सीता राम लिखा है।। आसक्ति का कारण धरके, तुमने केवल मोह लिखा है।प्रणय पात…
कोरे कागज मन चंचल में, तुमने सौ सौ नाम लिखा है।मैने तो अपने हृदय में, केवल सीता राम लिखा है।। आसक्ति का कारण धरके, तुमने केवल मोह लिखा है।प्रणय पात…
बालोद/विशेष लेख। हर वर्ष 14 फरवरी को मनाया जाने वाला वैलेंटाइन डे केवल प्रेमी-प्रेमिकाओं का दिन नहीं, बल्कि प्रेम, इंसानियत और त्याग की एक ऐतिहासिक कहानी से जुड़ा हुआ है।…
बालोद। बुधवार को कुर्मी भवन बालोद में सिटी प्रेस क्लब बालोद का स्थापना दिवस, विचार गोष्ठी और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें लोकतंत्र की रक्षा में मीडिया की…
बालोद । बालोद जिले में सिटी प्रेस क्लब बालोद का एक वृहद आयोजन क्लब के स्थापना दिवस पर होने जा रहा है। जिसमें स्थापना दिवस के साथ-साथ विचार गोष्ठी व…
भाजी म सिरी भगवान बसे,अउ मास म बसे मसान जी।मोर गोठ ल गुनव थोरकिन,जम्मों लइका सियान जी। पर के बुध म परबुधिया आथे,अपन बुध चलथे बुधमान जी।मोर गोठ कतका सहीं…
मोहागेव तहु मन हा समारू,सोले अउ देशी दारू म।त बोहावत नाली अउ कचड़ा,के ढ़ेरा बर कहां बोल पाहू तुमन।। मोहागेव दाई,दीदी तहु मन,दु सौ रुपया अउ एकठन।लुगरा म त तुहर…
मनुष्य विधाता की सर्वश्रेष्ठ रचना है।वह विधाता की सर्वोत्तम अभिव्यक्ति भी है। हमारी संस्कृति में मनुष्य शरीर की काफी महिमा गायी गयी है। स्वस्थ जीवन का महत्व भी बताया गया…
भारत का जनजातीय समाज अपनी पारम्परिक विशेषता के लिए पहचाना जाता है । इस समाज में मौखिक शिक्षा की परम्परा रही है। अपनी सभ्यता संस्कृति और सहजता की विशिष्टता लिए…
कोई भी लोकपर्व हमारे जनजीवन को सुसंगठित और सुरभित करने की कार्य करती है ।ऐसा ही भारतीय ,प्राचीन देशज सभ्यता और संस्कृति का सुमेल करने वाली महान धार्मिक पर्व है…
लेख: बिजेंद्र सिन्हा दुर्ग राम राज्य की चर्चा इन दिनों जोरों पर है परन्तु राम राज्य से पहले प्रेम राज्य होना चाहिए। विद्वानों का मत है कि राम राज्य की…
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