नक्सलगढ़ से विश्व मंच तक: दंतेवाड़ा के बच्चों ने रचा इतिहास, इंटरनेशनल अबेकस ओलंपियाड में शानदार प्रदर्शन, बालोद की बेटी राशि ठाकुर बनी जिले का गौरव



दंतेवाड़ा/बालोद। कभी नक्सलगढ़ के नाम से पहचाना जाने वाला दंतेवाड़ा जिला आज शिक्षा, नवाचार और प्रतिभा के क्षेत्र में नई पहचान गढ़ रहा है। जिले के तीन होनहार बच्चों—दिव्या साहू, एकलव्य वर्मा और राशि ठाकुर—ने इंटरनेशनल अबेकस ओलंपियाड में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपना नाम ‘इन्फ्लुएंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में दर्ज कराया है। यह उपलब्धि न केवल दंतेवाड़ा बल्कि पूरे बस्तर अंचल के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है।

बालोद की बेटी राशि ठाकुर की सफलता से गृह जिला गौरवान्वित

इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने बालोद जिले को विशेष रूप से गौरवान्वित किया है, क्योंकि राशि ठाकुर मूल रूप से बालोद जिले के टेकापार गांव की बेटी हैं। उनके पिता विशाल ठाकुर दंतेवाड़ा पुलिस में पदस्थ हैं। राशि की अंतरराष्ट्रीय सफलता की खबर मिलते ही बालोद जिले और उनके गृह ग्राम टेकापार में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों, परिजनों एवं शुभचिंतकों ने इसे जिले की बेटी की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए गर्व व्यक्त किया।
इस उपलब्धि पर दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय ने रिकॉर्ड बनाने वाले बच्चों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

पुलिस की पहल से शिक्षा में बदलाव की नई कहानी

दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राय के निर्देशन में अगस्त 2025 से पुलिस लाइन कारली में विशेष अबेकस प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। इस कार्यक्रम के तहत पुलिस परिवारों के बच्चों के साथ-साथ आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल पीड़ित परिवारों के बच्चों को नि:शुल्क अबेकस शिक्षा प्रदान की जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में गणितीय दक्षता, मानसिक तेजी और तार्किक क्षमता विकसित करना तथा शिक्षा के प्रति रुचि बढ़ाना है। पुलिस प्रशासन की यह पहल अब ठोस परिणाम देने लगी है।

8 देशों के बीच दंतेवाड़ा के बच्चों का दबदबा

इंटरनेशनल अबेकस ओलंपियाड में सऊदी अरब, दुबई, बांग्लादेश, श्रीलंका, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और मलेशिया सहित 8 देशों के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में छात्रों को 10 मिनट में 150 प्रश्न हल करने की चुनौती दी गई थी।
दंतेवाड़ा जिले के 13 छात्रों ने लेवल 1 से 6 तक भागीदारी की, जिनमें से तीन बच्चों ने हाई एक्यूरेसी के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

दिव्या, एकलव्य और राशि बने वर्ल्ड रिकॉर्ड चैंपियन

दिव्या साहू – लेवल 4, एकलव्य वर्मा – लेवल 2 और राशि ठाकुर – लेवल 1 पर तीनों ने अपने-अपने लेवल में दुनिया के टॉप-100 प्रतिभागियों में स्थान बनाते हुए ‘चैंपियन’ का खिताब जीता और ‘इन्फ्लुएंसर बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड’ में नाम दर्ज कराया।

अबेकस अकादमी का अहम योगदान

मास्टर माइंड अबेकस अकादमी के संचालक वेद प्रकाश ने बताया कि वर्तमान में 80 बच्चे इस प्रशिक्षण से जुड़े हुए हैं, जिनमें नक्सल प्रभावित एवं नक्सल पीड़ित परिवारों के बच्चे भी शामिल हैं। इस पहल से शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन देखने को मिल रहा है।

नक्सलगढ़ की बदलती तस्वीर, शिक्षा से जगी नई उम्मीद

दंतेवाड़ा अब केवल संघर्ष नहीं, बल्कि संभावनाओं और प्रतिभा की पहचान बनता जा रहा है। अबेकस जैसे कार्यक्रम बच्चों को मानसिक रूप से सशक्त बना रहे हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा रहे हैं।यह सफलता बच्चों की मेहनत, पुलिस प्रशासन की दूरदृष्टि और शिक्षा की शक्ति का जीवंत प्रमाण है।

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