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महाशिवरात्रि पर आत्मज्ञान भवन में शिव ध्वजारोहण, श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई गई 90वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती

बालोद। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शहर के आमापारा स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय आत्मज्ञान भवन में भक्ति, आध्यात्मिकता और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। इस अवसर पर शिव ध्वजारोहण के साथ 90वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ब्रह्माकुमारीज एवं शहरवासी उपस्थित रहे और परमात्मा शिव को याद कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।

कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की मुख्य संचालिका बीके विजयलक्ष्मी दीदी ने माउंट आबू से ऑनलाइन जुड़कर सभी को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि का महान पर्व संपूर्ण भारतवर्ष में उमंग, उत्साह और भक्ति भाव के साथ मनाया जाता है। यह पर्व परमपिता परमात्मा शिव के अवतरण की याद दिलाता है, जब संसार में अज्ञानता, विकारों और पापों का अंधकार फैल जाता है।

उन्होंने कहा कि ऐसे समय में परमात्मा शिव अवतरित होकर सभी आत्माओं की ज्योति को सत्य ज्ञान से प्रकाशित करते हैं और उन्हें सही मार्ग दिखाते हैं। महाशिवरात्रि के दिन लोग जागरण करते हैं ताकि अपने अंदर के नकारात्मक विचार, कड़े संस्कार और बुराइयों को परमात्मा शिव में समर्पित कर जीवन में सुख और शांति का अनुभव कर सकें।

बीके सरिता दीदी ने भी उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि महाशिवरात्रि केवल उत्सव नहीं बल्कि आत्मचिंतन और संकल्प का दिन है। इस अवसर पर हमें अपने अवगुणों को त्यागने, जीवन को आध्यात्मिक ऊर्जा से भरने और परमात्मा शिव के मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब हम अपने जीवन में सकारात्मक सोच और आध्यात्मिकता को अपनाते हैं तो शिव पिता परमात्मा से सुख, शांति और समृद्धि का वरदान प्राप्त होता है।

कार्यक्रम के दौरान गीता में वर्णित कलयुग के अंतिम चरण पर भी प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में अज्ञानता का अंधकार मानव मन पर छाया हुआ है। ऐसे समय में परमात्मा शिव, प्रजापिता ब्रह्मा के माध्यम से सत्य ज्ञान और राजयोग की शिक्षा देकर मानव जीवन को नई दिशा दे रहे हैं। यह आध्यात्मिक शिक्षा अंधकारमय रात्रि को स्वर्णिम भारत की ओर ले जाने का मार्ग प्रशस्त कर रही है।

शिव ध्वजारोहण के साथ पूरे परिसर में भक्ति और शांति का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने शिव जयंती के अवसर पर आध्यात्मिक गीत, ध्यान और प्रवचन के माध्यम से परमात्मा शिव का स्मरण किया। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने इसे आत्मिक जागृति और सकारात्मक जीवन की प्रेरणा देने वाला आयोजन बताया।

आयोजकों ने कहा कि महाशिवरात्रि का यह पर्व हमें आत्मशुद्धि, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक उन्नति की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश देता है। कार्यक्रम के अंत में सभी ने विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना करते हुए परमात्मा शिव को नमन किया।

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