बालोद के कपिलेश्वर महोत्सव में अद्भुत संयोग: महाआरती के बाद दुर्गा माता की मूर्ति पर बैठा दिखा लक्ष्मी वाहन उल्लू, श्रद्धालुओं ने किया चमत्कार मानकर दर्शन



बालोद। बालोद के कपिलेश्वर महोत्सव के पावन आयोजन के दौरान महाशिवरात्रि की शाम एक अद्भुत और आश्चर्यजनक घटना देखने को मिली, जिसने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। भगवान भोलेनाथ की महाआरती के पश्चात दुर्गा माता मंदिर में ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसे भक्तों ने आस्था और चमत्कार से जोड़कर देखा। मंदिर समिति के अनुसार, महाआरती संपन्न होने के बाद दुर्गा माता मंदिर परिसर में अचानक लक्ष्मी माता के वाहन माने जाने वाले उल्लू का आगमन हुआ। उल्लू दुर्गा माता की प्रतिमा के ऊपर बैठ गया और काफी देर तक वहीं विराजमान रहा। मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं ने इसे माता का आशीर्वाद और शुभ संकेत मानते हुए भावपूर्वक दर्शन किए। घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं की भीड़ दुर्गा माता मंदिर की ओर उमड़ पड़ी। सभी भक्त इस अद्भुत दृश्य को देखकर आश्चर्यचकित रह गए और “बोल बम” के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। कई श्रद्धालुओं ने इस दृश्य को अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया और इसे दिव्य संयोग बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की। मोहन कलिहारी सहित मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि कपिलेश्वर महोत्सव के आयोजन के दौरान इस प्रकार का दृश्य पहली बार देखने को मिला है। समिति ने इसे माता लक्ष्मी और दुर्गा माता की विशेष कृपा बताया और कहा कि इस पावन अवसर पर सभी श्रद्धालुओं को दुर्लभ दर्शन प्राप्त हुए हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि महाशिवरात्रि जैसे पुण्य अवसर पर लक्ष्मी वाहन उल्लू का मंदिर में दर्शन होना क्षेत्र के लिए शुभ संकेत है। देर रात तक मंदिर परिसर में भक्तों का आना-जाना लगा रहा और सभी ने श्रद्धा भाव से माता के दर्शन कर मंगलकामना की।

कई घंटों तक बैठा रहा उल्लू, भीड़ के बावजूद नहीं हुआ विचलित

मंदिर परिसर में स्थापित दुर्गा प्रतिमा के ऊपर अचानक एक उल्लू आकर बैठ गया और काफी देर तक वहीं विराजमान रहा। इस दृश्य को देखने के लिए मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु और आसपास के लोग एकत्र हो गए। लोगों की भीड़ और शोर के बावजूद उल्लू जरा भी विचलित नहीं हो रहा था। वह आराम से मूर्ति के ऊपर बैठा रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महाशिवरात्रि की शाम पूजा-अर्चना और दर्शन के दौरान अचानक एक उल्लू उड़कर आया और दुर्गा प्रतिमा के ऊपर बैठ गया। सामान्यतः रात में दिखाई देने वाला यह पक्षी दिन और शाम के समय मंदिर परिसर में दिखाई देना लोगों के लिए आश्चर्य का विषय बन गया। कुछ श्रद्धालुओं ने इसे माता लक्ष्मी और शक्ति का प्रतीक मानते हुए शुभ संकेत बताया, वहीं कई लोग इसे अद्भुत संयोग मानकर चर्चा करते रहे। जानकारों के अनुसार हिंदू धर्म में उल्लू को माता लक्ष्मी का वाहन माना जाता है और कई स्थानों पर इसे शुभ संकेत के रूप में भी देखा जाता है। महाशिवरात्रि जैसे पावन पर्व पर मंदिर में इस प्रकार का दृश्य दिखाई देना भक्तों के बीच आस्था और जिज्ञासा का विषय बन गया। लोगों ने इस घटना की तस्वीरें और वीडियो भी अपने मोबाइल में कैद कर लिए, जो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। कुछ घंटे बाद उल्लू अपने आप उड़कर वहां से चला गया, लेकिन मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए यह घटना लंबे समय तक यादगार और चर्चा का विषय बनी रही। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हुई इस अनोखी घटना ने भक्तों के बीच धार्मिक आस्था और उत्सुकता का विशेष माहौल बना दिया।

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