नासिक से जगन्नाथ पुरी तक ‘राष्ट्रगौरव रथयात्रा’ का शंखनाद: 150 देशों में गूंजेगा शिवाजी महाराज का जयघोष, ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय शिव जन्मोत्सव की तैयारी,आज छग प्रवेश पर भव्य स्वागत



बालोद/ राजनांदगांव। छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने के उद्देश्य से 19 फरवरी 2026 को भगवान जगन्नाथ की पावन नगरी जगन्नाथ पुरी में ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय शिव जन्मोत्सव समारोह आयोजित होने जा रहा है। भारत क्रांति मिशन के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम को लेकर देश-विदेश में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है।

आयोजकों के अनुसार छत्रपति शिवाजी महाराज केवल किसी एक राज्य या भाषा के राजा नहीं थे, बल्कि वे संपूर्ण विश्व को दिशा देने वाले ‘विश्वमानव’ थे। उनके सुशासन, न्याय और राष्ट्रप्रेम की भावना आज भी आधुनिक विश्व के लिए प्रेरणा है। इसी विचार को जन-जन तक पहुंचाने के लिए नासिक से जगन्नाथ पुरी तक ‘राष्ट्रगौरव रथयात्रा’ निकाली जा रही है, जो 14 फरवरी से प्रारंभ होकर 18 फरवरी को जगन्नाथ पुरी पहुंचेगी और 19 फरवरी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शिव जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

तीन राज्यों में जोरदार तैयारी, शिवभक्तों में उत्साह

महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और ओडिशा—इन तीन राज्यों में इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां चल रही हैं। नासिक से शुरू होने वाली रथयात्रा के स्वागत के लिए विभिन्न शहरों में स्वागत समितियां, स्वास्थ्य दल और भोजन व्यवस्था की गई है। सह्याद्रि की पर्वत श्रृंखलाओं से लेकर महानदी के तट तक शिवभक्तों का उत्साह चरम पर है और हर शहर शिवमय वातावरण में रंगा नजर आ रहा है।

रथयात्रा जिन-जिन शहरों से गुजरेगी, वहां लाखों श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना जताई जा रही है। आयोजकों का कहना है कि यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं बल्कि सांस्कृतिक और राष्ट्रीय एकता का भी प्रतीक बनेगी।

जनसागर और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता

इस महा-समारोह में राजनीतिक, सामाजिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियों के साथ कई देशों के राजदूतों की उपस्थिति भी प्रस्तावित है। नासिक से जगन्नाथ पुरी तक पांच दिनों की यात्रा में हर पड़ाव पर भव्य स्वागत की तैयारी की गई है।

आयोजकों का मानना है कि यह आयोजन ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को साकार करेगा और मराठा साम्राज्य के गौरवशाली इतिहास को पुनः जीवंत करेगा। महाराष्ट्र की भूमि से निकली यह यात्रा ओडिशा की पावन धरती पर पहुंचकर सांस्कृतिक एकता का संदेश देगी।

‘एक समय, एक गर्जना’ – वैश्विक स्तर पर नया कीर्तिमान

19 फरवरी 2026 को सुबह ठीक 10 बजे इस समारोह का सबसे बड़ा आकर्षण देखने को मिलेगा। भारत सहित विश्व के 150 देशों में एक साथ ‘विश्व शिवराष्ट्र दिवस’ के रूप में शिवाजी महाराज को नमन करते हुए सामूहिक जयघोष किया जाएगा। इस ‘एक समय, एक गर्जना’ कार्यक्रम में करोड़ों शिवभक्त एक साथ महाराज को वंदन करेंगे, जो वैश्विक स्तर पर नया कीर्तिमान स्थापित कर सकता है।

रथयात्रा का मार्ग और कार्यक्रम

राष्ट्रगौरव रथयात्रा 14 फरवरी को नासिक से प्रारंभ होकर सिन्नर, छत्रपति संभाजीनगर, जालना, सिंदखेड राजा, वर्धा, नागपुर, रायपुर, संबलपुर, कटक और भुवनेश्वर होते हुए 18 फरवरी को जगन्नाथ पुरी पहुंचेगी।

19 फरवरी को जगन्नाथ पुरी में मुख्य कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें समुद्र तट पर शिवाजी महाराज की प्रतिमा का दुग्धाभिषेक व जलाभिषेक, राजभवन भुवनेश्वर में शासकीय समारोह, भव्य जुलूस और जगन्नाथ मंदिर के अरुण स्तंभ के पास पूजन शामिल है। शाम 4 बजे भगवान जगन्नाथ की साक्षी में इस वैश्विक समारोह का समापन होगा।

आयोजकों की अपील

भारत क्रांति मिशन के मुख्य समन्वयक सरदार विजय काकडे पाटिल सहित आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों ने शिवभक्तों और आमजन से बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बनने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह समारोह सह्याद्रि की शक्ति और जगन्नाथ की भक्ति का अद्भुत संगम होगा, जो भारत की सांस्कृतिक एकता और गौरव को विश्व मंच पर स्थापित करेगा।

आयोजकों का विश्वास है कि नासिक से जगन्नाथ पुरी तक की यह राष्ट्रगौरव रथयात्रा और अंतरराष्ट्रीय शिव जन्मोत्सव आने वाले समय में भारतीय संस्कृति और शिवाजी महाराज के आदर्शों को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगा। प्रदेश युवा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ प्रदेश कुर्मी समाज योगेश्वर देशमुख ने बताया कि आज 16 फरवरी को राजनांदगांव के जरिए छत्तीसगढ़ प्रदेश के साथ इस यात्रा का भव्य स्वागत किया जाएगा।

You cannot copy content of this page