2 परिवार के 8 लोग उल्टी दस्त के कारण अचानक बीमार, 1 की मौत, 3 की स्थिति गंभीर
बालोद/ देवरीबंगला (केशव शर्मा) । ग्राम सुरेगाव में एक मौत का कुआं है। जिसका पानी पीने से लोग मौत का शिकार हो रहे हैं। एक घटना हो भी गई है। जहां बीती रात करीब 3 बजे घर पर ही एक महिला प्रमिला बाई की मौत हो गई। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि उसे डायरिया हुआ था। परिवार जनों को कहना है कि वह सब मोहल्ले के एक कुए का ही पानी पीते हैं लेकिन किसी को क्या मालूम था कि प्यास बुझा कर जीवन देने वाले कुएं का पानी कितना खतरनाक हो जाएगा। यहां से पानी पीने से जान भी जा सकती है और जान चली भी गई । गांव के लोगों में इस बात से दहशत है कि कहीं उनके जल स्रोत भी खराब ना हो। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग कुएं के पानी को ही इस डायरिया का मुख्य वजह मान रहा है। कुए को सील कर दिया गया है। तो वहीं अन्य पीड़ितों का इलाज भी चल रहा है। एक ही मोहल्ले में रहने वाले कुछ परिवार इस डायरिया से प्रभावित हुए हैं जो उसी कुए का पानी पीते थे। फिर भी एहतियात के तौर पर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने गांव का निरीक्षण कर गांव के सभी जल स्रोत की जांच के निर्देश दिए हैं। तो वहीं हर घर सर्वे भी कराया जा रहा है। लोगों के स्वास्थ्य का हाल जाना जा रहा है । विभाग की टीम घर-घर घूमकर निगरानी कर रही है। एक बार फिर बालोद जिला डायरिया से मौत के इस घटना से प्रदेश में सुर्खियों में आ गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन खुद इसकी मॉनिटरिंग कर रहा है। स्वास्थ्य का पूरा अमला गांव में डटा हुआ है। गंभीर लोगों को राजनांदगांव रेफर किया जा रहा है वहीं कुछ का इलाज स्थानीय सुरेगांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व अर्जुन्दाअस्पताल में चल रहा है। देखने वाली बात होगी यहां कब तक स्थिति सामान्य हो पाती है। गांव के अन्य लोग भी दहशत में है। 45 वर्षीय प्रमिला की मौत हो गई है व अन्य 7 लोगों का इलाज जारी है। 7 में से 3 लोगों की स्थिति गंभीर है, जिनको बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर राजनांदगांव रिफर किया गया है। अन्य 3 लोगों का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुरेगांव और 1 पीड़ित का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अर्जुंदा में इलाज चल रहा है। बिहउलाल, बासीन बाई, सिलोचना बाई, कमलेश कुमार, दामिनी, सूर्यकांत और प्रतीक कुमार का इलाज जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि सभी डायरिया पीड़ित एक ही कुंए का पानी पीते थे, जिससे उनकी तबियत खराब हुई है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि पीड़ित परिवार को 3 जून से ही उल्टी दस्त की शिकायत थी। वे निजी चिकित्सक से इलाज करा रहे थे। कलेक्टर जन्मजेय महोबे, जिला पंचायत सीईओ, सीएमएचओ, बीएमओ सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंच कर मामले की जांच कर रही है। कलेक्टर ने ग्राम पंचायत को निर्देश दिया कि पीड़ित परिवार के यहां तत्काल नल कनेक्शन लगाया जाए तथा ग्राम में नाली तथा कचरे की सफाई की जाए। मितानिन व विभाग की टीम घर घर साफ पानी पीने, पानी गर्म करके छानकर पीने की सलाह दे रही है तथा ओआरएस के पैकेट का वितरण किया जा रहा है।
ग्राम सुरेगांव के सभी जल स्त्रोतों को किया गया क्लोरिनेशन
कलेक्टर ने ग्राम सुरेगॉव में उल्टी-दस्त से प्रभावित मरीजों का बेहतर उपचार करने के दिए निर्देश

जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम सुरेगॉव में आज उल्दी-दस्त के प्रकरण की जानकारी मिलने पर कलेक्टर जनमेजय महोबे ग्राम पहुॅचे और उपचार करा रहे ग्रामीणों से चर्चा कर उनका हालचाल जाना। कलेक्टर ने प्रभावितों का बेहतर उपचार करने के निर्देश चिकित्सकों को दिए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री आर.के.धनंजय ने बताया कि ग्राम सुरेगांव के समस्त कुंआ को क्लोरिनेशन किया गया है, तथा सभी जल स्त्रोतों का नमूना जिला जल जांच प्रयोगशाला भेज दिया गया है, उक्त गांव के सभी जल स्त्रोतों के जल की जांच रिपोर्ट जल्द आ जाएगी। उन्होंने बताया कि ग्राम में वर्तमान में नए स्टैंड पोस्ट और टैंकर की व्यवस्था कर दी गई है साथ ही स्वास्थ्य विभाग और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कर्मचारी लगातार निगरानी की जा रही है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.के.मंडल ने बताया कि ग्राम सुरेगॉव में उल्दी-दस्त की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग के जिला व विकासखण्ड काम्बेक्ट टीम के अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा ग्राम सुरेगॉव का निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि ग्राम सुरेगॉव में श्रीमती प्रमिला साहू पति श्री रूखम साहू उम्र 45 वर्ष को 14 जून को मनरेगा कार्य पश्चात् उल्टी-दस्त एवं कमजोरी की शिकायत होने पर निजी चिकित्सक के द्वारा घर पर ही उपचार किया गया तथा 15 जून 2022 की रात्रि 02 से 03 बजे के मध्य श्रीमती प्रमिला साहू की मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य कार्यकर्ता के माध्यम से प्राप्त जानकारी पश्चात् ग्राम में निरीक्षण एवं उपचार हेतु जिला व विकासखण्ड स्तरीय स्वास्थ्य टीम के द्वारा पीड़ित के घर एवं आसपास के क्षेत्र में निरीक्षण किया गया। प्रभावित घर में पेयजल हेतु कुएं का पानी का उपयोग किया जा रहा था। जिसे जॉच रिपोर्ट आने तक पानी के उपयोग हेतु प्रतिबंधित किया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि ग्राम में कुल 08 मरीज प्रभावित हुए हैं, जिसमें से 03 मरीजों का उपचार जिला चिकित्सालय राजनांदगॉव, 01 मरीज का उपचार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अर्जुन्दा और 03 मरीजों का उपचार प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सुरेगॉव में किया जा रहा है। उन्हेांने बताया कि ग्राम में मोबाईल मेडिकल यूनिट, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सुरेगांव के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से 33 सदस्यों को प्राथमिक उपचार दिया गया। ग्राम व प्रभावित घर में क्लोरिन टेबलेट, जींक टेबलेट, ओ.आर.एस. पैकेट स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदाय किया गया। उन्होंने बताया कि ग्राम सुरेगॉव में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानिन, स्थानीय कार्यकर्ताओं की बैठक आहुत की गई। उन्हें ग्राम में लगातार मुनादी कराकर सभी ग्रामवासियों को पानी उबालकर पीने एवं भोज्य पदार्थों को ढंककर रखनेव बासी भोजन न करने की सलाह दी गई तथा पीने के पानी में क्लोरिन की गोली का उपयोग करने सलाह दी गई। प्रभावित ग्राम में 07 दिवस तक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से विशेष निगरानी हेतु निर्देशित किया गया।
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