रमेश धनकर के खेत में लगी भीषण आग, रिहायशी इलाके तक पहुंचने से पहले पाया गया काबू
कुसुमकसा। कुसुमकसा क्षेत्र में एक बार फिर पूर्व जनपद सदस्य एवं जनसेवक संजय बैंस की तत्परता ने बड़ी जन-धन हानि को टाल दिया। ग्राम के किसान रमेश धनकर के खेत में रखे पैरावट में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। समय रहते ग्रामीणों और जनसेवकों के संयुक्त प्रयास से आग पर काबू पा लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार किसान रमेश धनकर के लगभग 6 एकड़ खेत में पैरावट रखा हुआ था। इनमें से 2 एकड़ के पैरे से पशुओं के चारे के लिए लगभग 50 क्विंटल से अधिक कुट्टी तैयार कर अलग रखी गई थी, जबकि शेष 4 एकड़ का पैरावट एक बड़े ढेर के रूप में रखा गया था। अचानक अज्ञात कारणों से पैरावट में आग लग गई और तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैलने लगी।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे संजय बैंस
आग की भयावह स्थिति को देखकर ग्रामीणों ने तत्काल पूर्व जनपद सदस्य संजय बैंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही वे बिना देर किए अपने सहयोगियों के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के साथ मिलकर आग बुझाने में जुट गए।
काफी मशक्कत और सामूहिक प्रयासों के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। इस दौरान लगभग 50 क्विंटल कुट्टी को सुरक्षित बचा लिया गया, हालांकि 4 एकड़ का पैरावट पूरी तरह जलकर राख हो गया।
रिहायशी क्षेत्र तक पहुंच सकती थी आग

संजय बैंस ने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। पैरावट घर की बाड़ी के समीप रखा हुआ था और आसपास घना रिहायशी इलाका है। आग की चिंगारी यदि घरों तक पहुंच जाती तो बड़ी जनहानि और संपत्ति का नुकसान हो सकता था।
“पैरावट की आग बुझाना लगभग नामुमकिन होता है”
संजय बैंस ने कहा कि पैरावट अत्यंत ज्वलनशील होता है और एक बार आग लगने के बाद उस पर काबू पाना बेहद कठिन होता है। लेकिन ग्रामीणों के सहयोग, त्वरित कार्रवाई और जनसेवा की भावना के कारण संभावित बड़ी दुर्घटना को टालने में सफलता मिली।
इनका रहा विशेष सहयोग
आग बुझाने और राहत कार्य में संतोष जैन (अध्यक्ष, राम जानकी सेवा समिति), गोबिंद सिन्हा, भीष्म ठाकुर, पुष्पजीत बैंस, कमलकांत साहू, देवराज जैन सहित अन्य ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ग्रामीणों ने समय पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण पाने वाले सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया।
