‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत सेजेस खलारी के विद्यार्थियों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
डौंडी/बालोद। बालोद जिले के आदिवासी विकासखंड डौंडी में तांदुला बांध के किनारे बसे शासकीय उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय (सेजेस) खलारी में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार द्वारा उत्साहपूर्वक पौधारोपण किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी माताओं के सम्मान में फलदार, छायादार एवं औषधीय पौधे रोपे और उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लिया। पौधारोपण के दौरान विद्यालय परिसर हरियाली से सराबोर नजर आया और विद्यार्थियों में प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण का महत्व बताते हुए कहा कि वर्तमान समय में बढ़ता प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, वनों की अंधाधुंध कटाई और बढ़ता वैश्विक तापमान पूरी मानवता के सामने गंभीर चुनौती बन चुके हैं। इन चुनौतियों से निपटने का प्रभावी उपाय अधिक से अधिक वृक्षारोपण करना और लगाए गए पौधों को वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना है। एक वृक्ष अपने जीवनकाल में असंख्य लोगों को शुद्ध ऑक्सीजन, शीतल छाया, फल, औषधियां और स्वच्छ वातावरण प्रदान करता है।
विद्यार्थियों को बताया गया कि वृक्ष केवल पर्यावरण की सुंदरता बढ़ाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वर्षा चक्र को संतुलित रखने, भूजल स्तर को बनाए रखने, मिट्टी के कटाव को रोकने और जीव-जंतुओं के प्राकृतिक आवास को संरक्षित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आज यदि हम वृक्षों का संरक्षण करेंगे तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, पर्याप्त जल, संतुलित जलवायु और स्वस्थ जीवन का अमूल्य उपहार मिल सकेगा।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान मातृ सम्मान के साथ प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी का भी संदेश देता है। जिस प्रकार मां अपने बच्चों का निस्वार्थ भाव से पालन-पोषण करती है, उसी प्रकार वृक्ष भी बिना किसी स्वार्थ के जीवनभर मानव समाज का पोषण करते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह कम से कम एक पौधा लगाए और उसे वृक्ष बनने तक पूरी जिम्मेदारी के साथ सुरक्षित रखे।
वृक्षारोपण से पूर्व राज्य स्तरीय कार्यक्रम में प्रदर्शित की जाने वाली विज्ञान नाटिका के विद्यार्थियों ने ‘महतारी के सुग्घर अंचरा’ पर आधारित पर्यावरण संदेश गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। गीत के माध्यम से विद्यार्थियों ने प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का प्रभावी संदेश दिया।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने लगाए गए पौधों की नियमित सिंचाई, सुरक्षा एवं संरक्षण का संकल्प लेते हुए अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी अधिक से अधिक पौधे लगाने के लिए प्रेरित करने का वचन लिया। विद्यालय परिवार ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन या एक अभियान तक सीमित रहने वाला कार्य नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की आजीवन जिम्मेदारी है।
विद्यालय की प्राचार्य एवं शिक्षकों ने कहा कि यदि प्रत्येक विद्यार्थी हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाकर उसे जीवित रखने का संकल्प ले, तो आने वाले वर्षों में हमारा क्षेत्र फिर से हरियाली से भर सकता है। इससे न केवल पर्यावरण सुरक्षित होगा, बल्कि भावी पीढ़ियों को स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध जीवन का आधार भी मिलेगा।
‘आज लगाया गया एक पौधा, आने वाले कल की सांस है।’ इसी संदेश के साथ विद्यालय परिवार ने सभी लोगों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ने और प्रकृति की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया।
इस अभियान को सफल बनाने में श्रीमती एस. जॉनसन, प्राचार्य; ईको क्लब कार्यक्रम प्रभारी संजय कुमार खरे; साइंस क्लब कार्यक्रम प्रभारी धर्मेंद्र कुमार श्रवण; वरिष्ठ व्याख्याता जी.एस. कोर्राम, भीखम सिंह रावटे, श्रीमती भूमिका देवी पाटिल, भीमा भारती खोब्रागढ़े, कविता गायकवाड़, सरिता उर्वशा, सरिता यादव, गंगोत्री मारकांडे, मधुलता चंद्राकर, यामिनी साहू, शिल्पा प्रमोद, शिवराम वैद्य, मनमोहन सिंह धाकड़, डोमेंद्र कुमार राणा, जागेंद्र कुमार अमरिया, प्रदीप कुमार शुक्ला, अजित शिव तिवारी, विकास साहू, परसुराम, धनेन्द्र, साधुराम कृषाण एवं विद्या सोरी सहित समस्त शिक्षकगण, पालक, विद्यार्थी एवं शाला विकास समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम को लेकर विद्यालय परिवार में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण रहा।












