बालोद, 23 जुलाई 2026। भारत सरकार द्वारा किसानों को विभिन्न जनकल्याणकारी एवं किसान हितैषी योजनाओं का लाभ सुगमता से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए एग्रीस्टैक पोर्टल में बालोद जिले में किसान पंजीयन कार्य तेजी से जारी है। जिले के कुल 2 लाख 62 हजार 126 खाताधारक किसानों में से 1 लाख 51 हजार 535 किसानों का एग्रीस्टैक किसान पंजीयन पूर्ण कर लिया गया है। इसके साथ ही एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीकृत सभी किसानों के खसरों की एंट्री का कार्य भी पूरा कर लिया गया है।
संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष ने बताया कि जिले में अभी 1 लाख 10 हजार 591 सह-खाताधारक किसानों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन किया जाना शेष है। शेष किसानों का पंजीयन पूरा कराने के लिए उन्हें संबंधित सेवा सहकारी समितियों एवं लोक सेवा केंद्रों में बुलाकर पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने एग्रीस्टैक पोर्टल में किसान पंजीयन को महत्वाकांक्षी एवं किसान हितैषी पहल बताते हुए जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समयावधि में अपने प्रत्येक खाते का अनिवार्य रूप से एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन कराएं। इससे किसानों को धान एवं अन्य फसलों की समर्थन मूल्य पर बिक्री के साथ-साथ शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बताया कि एग्रीस्टैक एक डिजिटल कृषि मंच है, जिसके अंतर्गत किसानों को विशिष्ट 11 अंकों की फार्मर आईडी प्रदान की जाती है। यह आईडी किसान के आधार कार्ड एवं भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी होती है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों एवं कृषि से संबंधित जानकारियों का एक केंद्रीकृत डेटाबेस तैयार करना है। पंजीयन होने के बाद पात्र किसानों को प्रधानमंत्री किसान योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं कृषि अनुदान जैसी योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी एवं सुगम तरीके से मिल सकेगा। साथ ही खाद, बीज एवं अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को बार-बार दस्तावेज जमा करने और पटवारी कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता भी कम होगी।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एक ऋण पुस्तिका या खाते में यदि दो, तीन या चार लोगों के नाम दर्ज हैं, तो सभी संयुक्त खाताधारकों का अलग-अलग एग्रीस्टैक पंजीयन कराना अनिवार्य है। इसी तरह यदि किसी किसान के एक ही खाते में अलग-अलग खसरा नंबर दर्ज हैं, तो संबंधित किसान को सभी संबंधित खसरा नंबरों पर अपना पंजीयन कराना होगा।
प्रशासन ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे समय रहते अपना एग्रीस्टैक पंजीयन अवश्य पूरा कराएं। पंजीयन से संबंधित अधिक जानकारी के लिए किसान अपने ग्राम पंचायत, पटवारी, कृषि विभाग, सेवा सहकारी समिति अथवा लोक सेवा केंद्र से संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने कहा है कि समय पर पंजीयन कराने से किसानों को भविष्य में समर्थन मूल्य पर फसल बिक्री एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।










