पंजीयन नहीं होने पर धान सहित अन्य फसलों की समर्थन मूल्य पर बिक्री और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में हो सकती है परेशानी
बालोद, 22 जुलाई 2026। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ किसानों तक सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ पहुंचाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा शुरू किए गए एग्रीस्टैक पोर्टल में किसानों को अपने प्रत्येक खाते का अनिवार्य रूप से पंजीयन कराना आवश्यक है। पंजीयन के अभाव में किसानों को धान एवं अन्य फसलों की समर्थन मूल्य पर बिक्री करने के साथ ही राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा संचालित विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाई हो सकती है।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने एग्रीस्टैक पोर्टल में किसानों के पंजीयन कार्य को अत्यंत महत्वाकांक्षी एवं किसान हितैषी पहल बताते हुए इसकी सराहना की है। उन्होंने बालोद जिले के सभी किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समयावधि में अपने प्रत्येक खाते का एग्रीस्टैक पोर्टल में अनिवार्य रूप से पंजीयन कराएं, ताकि उन्हें धान एवं अन्य फसलों की समर्थन मूल्य पर बिक्री तथा शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बताया कि एग्रीस्टैक पोर्टल एक डिजिटल कृषि मंच है, जिसके तहत किसानों को विशिष्ट 11 अंकों की फार्मर आईडी प्रदान की जाती है। यह आईडी किसान के आधार कार्ड एवं भूमि रिकॉर्ड से जुड़ी होती है। एग्रीस्टैक का मुख्य उद्देश्य किसानों और कृषि से संबंधित जानकारियों का एक केंद्रीकृत डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है।
उन्होंने बताया कि किसानों के सभी खातों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन होने से प्रधानमंत्री किसान योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं विभिन्न कृषि अनुदानों का लाभ पात्र किसानों को सीधे एवं पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा। इसके अलावा पंजीयन होने के बाद किसानों को खाद, बीज एवं अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए बार-बार पटवारी कार्यालय के चक्कर लगाने और बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता भी कम होगी।
जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी किसानों एवं संयुक्त खाताधारकों के लिए आवश्यक सूचना जारी की गई है। इसके अनुसार यदि किसी एक ऋण पुस्तिका या खाते में 2, 3 या 4 लोगों के नाम दर्ज हैं, तो सभी संयुक्त खाताधारकों का अलग-अलग एग्रीस्टैक पंजीयन कराना अनिवार्य है। इसी तरह जिन किसानों के नाम एक ही खाते में अलग-अलग खसरा नंबर दर्ज हैं, उन्हें उन सभी संबंधित खसरा नंबरों पर अपना पंजीयन कराना होगा।
एग्रीस्टैक पंजीयन से संबंधित अधिक जानकारी एवं सहायता के लिए किसान अपने क्षेत्र के ग्राम पंचायत, पटवारी, कृषि विभाग, सेवा सहकारी समिति अथवा लोक सेवा केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि बालोद जिले में कुल 2 लाख 62 हजार 126 खाताधारक किसानों में से अब तक 1 लाख 49 हजार 189 खाताधारकों का किसान पंजीयन उनके सभी खसरा नंबरों एवं सह खाताधारकों के साथ पूर्ण किया जा चुका है। वहीं, शेष 1 लाख 12 हजार 937 सह खाताधारकों का एग्रीस्टैक पोर्टल में किसान पंजीयन किया जाना बाकी है। राजस्व, कृषि एवं सहकारी समितियों के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा शेष किसानों को संबंधित सहकारी समितियों एवं लोक सेवा केंद्रों में बुलाकर शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने का कार्य किया जा रहा है।









