बालोद। पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन को जनअभियान का रूप देने के उद्देश्य से बालोद जिला प्रशासन द्वारा गुरुवार 30 जुलाई 2026 को वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसी अवसर पर महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हितग्राहियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान’ का भी आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले की महतारी वंदन योजना से लाभान्वित लगभग 2 लाख 50 हजार महिलाओं से अपील की है कि वे 30 जुलाई को ‘एक पेड़ महतारी (मां) के नाम’ से पौधरोपण करें और लगाए गए पौधों की समुचित देखभाल एवं सुरक्षा सुनिश्चित करें।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण एवं संवर्धन हम सभी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा जल शक्ति अभियान के तहत ‘कैच द रेन’ कार्यक्रम के माध्यम से जल संचयन और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए जिले की लगभग 2.50 लाख महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से 30 जुलाई को पौधरोपण अभियान में अनिवार्य रूप से सहभागी बनने की अपील की गई है।
उन्होंने बताया कि 30 जुलाई को सुबह 11 बजे जिला प्रशासन द्वारा आयोजित ‘महतारी वंदन वृक्षारोपण अभियान’ के तहत पौधरोपण किया जाएगा। कलेक्टर ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं के साथ-साथ जिले की सभी मातृशक्तियों एवं बालिकाओं से भी इस अभियान का हिस्सा बनने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने घर, बाड़ी, खेत के आसपास की शासकीय भूमि, आंगनबाड़ी केंद्र एवं पंचायत भवन परिसर सहित उपयुक्त स्थानों पर अपनी मां के नाम या अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य की कामना के साथ पौधरोपण कर उनकी सुरक्षा एवं देखभाल की जिम्मेदारी लें।
जिला प्रशासन द्वारा पौधरोपण के लिए पौधे निःशुल्क उपलब्ध कराकर पंचायतों तक पहुंचाए जाएंगे। कलेक्टर ने बताया कि पौधरोपण के दौरान पौधे के साथ अपनी फोटो निर्धारित सेल्फी लिंक पर अपलोड करने वाले प्रतिभागियों को पर्यावरण संरक्षण में उनके योगदान के लिए प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने कहा कि एक पौधा लगाना भले ही छोटा प्रयास दिखाई दे, लेकिन यही प्रयास आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की मजबूत नींव बन सकता है। उन्होंने जिलेवासियों से अपील की कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखें, ताकि बालोद जिले को हराभरा बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक नई मिसाल कायम की जा सके।










