आतंकियों से मुठभेड़ में गोली लगने के बावजूद डटे रहे मोर्चे पर, पूरे जिले में गर्व और खुशी का माहौल

बालोद। बालोद जिले के डौंडी विकासखंड अंतर्गत ग्राम ढोर्रीठेमा निवासी एवं असम राइफल्स के वीर जवान भोजराम साहू को उनकी अद्वितीय वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और मातृभूमि के प्रति समर्पण के लिए देश के प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में 8 जून 2026 को आयोजित गरिमामय समारोह में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बालोद जिले सहित पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी और गर्व का माहौल है। जिले के लोगों ने इसे बालोद की शान और देशभक्ति का प्रतीक बताया है।
कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने दी बधाई
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जवान भोजराम साहू की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें और उनके परिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि भोजराम साहू ने वर्ष 2025 में मणिपुर के टेंगनौपाल क्षेत्र में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए अभियान के दौरान जिस साहस, वीरता और कर्तव्यपरायणता का परिचय दिया, वह पूरे देश के लिए प्रेरणादायक है।
कलेक्टर ने कहा कि उनके इस अतुलनीय शौर्य और राष्ट्रसेवा के परिणामस्वरूप उन्हें राष्ट्रपति के हाथों शौर्य चक्र प्राप्त करने का गौरव मिला है, जिससे पूरा बालोद जिला गौरवान्वित हुआ है।
गोली लगने के बाद भी नहीं छोड़ा मोर्चा
जानकारी के अनुसार वर्ष 2025 में मणिपुर के टेंगनौपाल क्षेत्र में आतंकवादियों के खिलाफ चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर घात लगाकर हमला कर दिया था। बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में जवान भोजराम साहू ने अपनी जान की परवाह किए बिना मोर्चा संभाला और आतंकियों का डटकर मुकाबला किया।
मुठभेड़ के दौरान उन्हें गोली भी लगी, लेकिन घायल होने के बावजूद उन्होंने पीछे हटने से इनकार कर दिया और अंतिम समय तक अपने कर्तव्य पर अडिग रहे। उनके साहसिक नेतृत्व और बहादुरी ने अभियान की सफलता में निर्णायक भूमिका निभाई।
छोटे से गांव से राष्ट्रपति भवन तक का गौरवपूर्ण सफर
ग्राम ढोर्रीठेमा जैसे छोटे ग्रामीण परिवेश से निकलकर देश के सर्वोच्च सैन्य सम्मान प्राप्त करने वाले जवान भोजराम साहू आज प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा बन गए हैं। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, साहस और देशभक्ति के बल पर कोई भी व्यक्ति राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है।
युवाओं के लिए बने प्रेरणा स्रोत
कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने कहा कि भोजराम साहू ने अपनी बहादुरी से न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाया है। उनका जीवन युवाओं को राष्ट्रसेवा, अनुशासन और समर्पण की प्रेरणा देता है।
बालोद जिले के इस वीर सपूत की उपलब्धि पर जिलेवासियों ने गर्व व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
