बालोद। कलेक्टर जनमेजय महोबे ने बताया कि भारत सरकार जल शक्ति मंत्रालय, जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग, नई दिल्ली के पत्र में उल्लेखित है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के प्रकरण में अनुपयोगी हो चुके नलकूप में बच्चों के गिरने जैसी घातक दुर्घटनाओं से बचने के सुरक्षा उपाय संबंधी मार्गदर्शी निर्देश जारी किए गए हैं। इस संबंध में जिलास्तर से भी पूर्व में निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि विभिन्न शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी संस्थाओं, नगरीय निकाय, ग्राम पंचायत स्तर पर कराए गए समस्त ट्यूबवेल, बोरवेल, डगवेल्स, हैण्डपम्प की जानकारी संकलित कर पंजीबद्ध करें। उसमें से अनुपयोगी हो चुके नलकूपों में मार्गदर्शी निर्देशानुसार तत्काल सुरक्षात्मक उपाय किया जाना है।
कलेक्टर ने सर्व विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया है कि जिले में जितने भी ट्यूबवेल, बोरवेल, डगवेल्स, हैण्डपम्प हैं, वर्तमान में जो उपयोग में नहीं है या मानव-जाति के लिए असुरक्षित हैं, उसमें सुरक्षा के उपाय किए जाने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। इस संबंध में तत्काल कार्यवाही की जाए। उन्होंने बताया कि अनुपयोगी हो चुके नलकूपों में सुरक्षात्मक उपाय किए जाने हेतु लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता नोडल अधिकारी होंगे। कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के मार्गदर्शी निर्देश का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करते हुए अपने संस्थाओं में उपयोगी एवं अनुपयोगी ट्यूबवेल, बोरवेल की जानकारी के साथ-साथ अनुपयोगी ट्यूबवेल, बोरवेल में किए गए सुरक्षात्मक उपाय की अद्यतन जानकारी नोडल अधिकारी को उपलब्ध कराए।
जांजगीर चांपा की घटना से सबक- बालोद कलेक्टर का अनुपयोगी नलकूपों पर निर्देश- लापरवाही मिली तो अधिकारी नपेंगे
