डुडिया में पवार परिवार द्वारा हो रहा संगीतमय शिव महापुराण कथा , रसपान करने पहुंचे विधायक कुंवर निषाद

बालोद। अर्जुंदा ब्लॉक के ग्राम डुडिया में श्री टामन सिंह पवार एवं समस्त पवार परिवार द्वारा आयोजित संगीतमय शिव महापुराण कथा के आयोजन में गुंडरदेही विधानसभा के लोकप्रिय विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद शामिल होकर भगवान शिव जी का पूजा अर्चना कर श्री शिव महापुराण कथा का रसपान किया। इस दौरान विधायक निषाद ने कहा कि शिव महापुराण की कथा में साक्षात शिव और पार्वती स्वयं यजमान बनकर कथा को श्रवण करने आते हैं। कहा कि श्रावण और पुरुषोत्तम मास हरिहर मिलन का माह है। इसमें हरिहर की कथा सुनने से जीवन धन्य हो जाता हैै। उन्होंने कहा मनुष्य जीवन में व्यक्ति को दान पुण्य करते रहना चाहिए ।

जानिए आखिर क्यों चर्चा में है बालोद जिले की ये गोंदली सभ्यता! कैसे इस जगह का पड़ा था नाम ,डैम से पहले था यहां कभी 25 गांव की संस्कृति का पुराना ठिकाना,,,

1956 में गोंदली डैम बनाने 20 से 25 गांव किए गए थे खाली, करीब 68 साल बाद सूखाया जा रहा डैम तो दिखने लगा प्राचीन शीतला मंदिर और कई कुएं और बावली

बालोद। बालोद जिला मुख्यालय की बात करें तो यहां दो डैम ज्यादा चर्चित है। एक है तांदुला तो दूसरा है गोंदली। जो तांदुला की एक सहायक परियोजना के तहत है । बीएसपी को पानी देने के लिए गोंदली डैम का पानी भी कैनाल के जरिए तांदूला डैम में लाया जाता है। 1956 से बने इस डैम के गेट और अन्य जगहों की मरम्मत हेतु इस बार इसे पूरा सूखाकर खाली किया जा रहा है। लेकिन इस बीच ये डैम चर्चा में इसलिए आया है क्योंकि यहां डैम के बीच एक प्राचीन मंदिर नजर आ रहा। जिसे लोग शीतला माता का मंदिर मान रहे हैं। इस मंदिर के साथ इस जगह की करीब दो सौ साल पुरानी सभ्यता को भी लोग अब याद करने लगे हैं। जो देश की आजादी के पहले यहां फलीफुली थी। पर आजादी के बाद डैम बना तो ग्रामीणों को अपना गांव छोड़ना पड़ा। गोंदली गांव सहित आसपास के सभी गांव खाली किए गए और यहीं आगे चलकर गोंदली डैम बना। आज यहां मिल रहे बावली, कुएं और मंदिर के साथ मिट्टी के कुछ मूर्तियां इस जगह के इतिहास और संस्कृति को बयां करते हैं। जो बताती है कि उस दौर में घने जंगल के बीचोबीच कैसे एक घनी आबादी यहां रहा करती थी। ये जगह भी औरों की तरह आबाद हुआ करता था।

लोगों में पानी बचाने के प्रति विशेष जागरूकता यहां मिले कुएं और बावली से देखने को मिलती है। साथ ही धार्मिक एकता का प्रतीक उनका एक मात्र शीतला मंदिर का अवशेष भी अपनी अनूठी पहचान आज की पीढ़ी को दिखा रहा है। पांच साल से इस मंदिर का कुछ ढांचा नजर आ रहा था लेकिन अब डैम ज्यादा खाली होने से मंदिर का पूरा हिस्सा अवशेषनुमा नजर आ रहा है। यह मंदिर ग्रामीणों के पूर्वजों द्वारा स्थापित बताया जा रहा है। जो करीब 68 साल तक पानी में डूबा रहा। अब जब मंदिर सामने आया तो लोगो की आस्था उमड़ रही है।

20 से 25 गांव आए थे डुबान में

गोंडली डैम जहां बना है वही पर गोंदली नाम का भी गांव हुआ करता था। इसके अलावा करीब 20 से 25 छोटे छोटे टोले, बस्ती नुमा गांव होते थे। जब सिंचाई विभाग ने यहां आजादी के बाद डैम बनाया तो डूबान क्षेत्र में आने वाले ग्रामीणों को आसपास गांव में बसाया गया। उन्हे मुआवजा और जमीन दी गई। आसपास जितने गांव जैसे तरौद, मालीघोरी, कोरगुड़ा, सहगांव खपरी, भैसबोंड , दैहान, अमलीडीह, खेरथाडीह हैं, वहां के बुजुर्ग बताते हैं उनके दादा परदादा पहले गोंदली ग्राम और आसपास रहते थे। डैम की कार्य योजना बनने के साथ सब इधर उधर पलायन कर गए या दूसरे गांव में जाकर बस गए लेकिन उनका मंदिर यहीं रह गया। यही वजह है कि पूर्वजों की यादों को ताजा करता ये शीतला मंदिर आज की युवा पीढ़ी के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है।

भैंसबोड़ के सुरेंद्र देवांगन ने बताया यहां कई बावली और कुंए भी मिलें है। जो पुराने जमाने के लोगों में जल संरक्षण की जागरूकता को भी दर्शाते हैं। मंदिर स्थल पर मिट्टी के कुछ मूर्तियां भी मिली है जिनकी लोग आज भी पूजा कर रहें हैं। डैम बनाया गया तो ये सभी बावली और कुंए यही समा गए। यहां पूरी तरह बरसाती पानी जमा होता है। आसपास का नजारा प्राकृतिक खूबसूरती से भरा पड़ा है। हरियाली लोगो को सहज ही आकर्षित करती है।

पास में चितवा डोंगरी से डैम का विहंगम दृश्य नजर आता है। यहां लोग पिकनिक मनाने केलिए बड़ी संख्या में जाते हैं। हालंकि इलाका सुनसान होने के कारण अपराध की घटना भी इस इलाके में सामने आते रहे हैं। हरेली और नए साल के दिन यहां विशेष भीड़ जुटती है।

गोंदली जलाशय प्रकृति के विभिन्न संसाधनों से परिपूर्ण रहा है। जिले में बड़ी संख्या में जल प्रबंधन हेतु जलाशयों का निर्माण किया गया है। जिसमे से एक प्रमुख गोंदली जलाशय है, जो की जिला मुख्यालय बालोद से लगभग 9 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है। यह जलाशय चारों ओर घने जंगल से घिरा हुआ है। यहाँ के पानी का उपयोग सिंचाई, निस्तारी और तांदुला जलाशय के भराव में भी किया जाता है। साथ ही यहाँ केज कल्चर स्थापित कर मछलीपालन किया जा रहा था जिसे फिलहाल बंद किया गया है।

क्यों पड़ी खाली करने की जरूरत

गोदली जलाशय के मुख्य गेट को बदलने पहली बार खाली किया जा रहा है। वर्तमान में यहां कुछ फीट ही पानी बचा है। जलाशय सूखने के बाद यहां वर्षों पुराना मंदिर दिखाई दिया है, जिसे ग्रामीण शीतला मंदिर बता रहे हैं। लगभग 68 साल बाद इस मंदिर को देखा गया है। मंदिर गोंदली जलाशाय के अंदर पानी में डूबा हुआ था।

मंदिर 200 साल से भी अधिक पुराना बताया जा रहा है।
गोंदली जलाशय का निर्माण 1956 में हुआ था। जबसे जलाशय बना है, तबसे गेट व चैन की मरम्मत नहीं हुई है। हर साल गेट खोलने के दौरान चैन टूटने की घटना होती है। इसलिए सिंचाई विभाग ने इसे बदलने का फैसला लिया। वहीं बांध की सुरक्षा को देखते हुए नया गेट व चैन लगाई जाएगी। डेम सेफ्टी टीम निरीक्षण करेगी। इसके बाद काम शुरू होगा। फिलहाल लोगो का यहां मिले मंदिर कुंए और बावली देखने रोजाना भीड़ जुट रही।

फैक्ट फाइल

1956 में बना है गोंदली जलाशय

68 साल बाद गेट रिपेयर के लिए पानी छोड़ा गया है

80 से 90 साल पहले डूबा शीतला मंदिर है

20 से 25 गांव डूबा हुआ है यहां

50 से 60 कुआं भी जलमग्न हुए

40 से 50 तालाब भी इसी इलाके में आए, इतने बड़े क्षेत्र में डैम का कैचमेंट एरिया है।

जनपद सदस्य संजय बैस शामिल हुए समर कैंप में , देखी बच्चों को चित्रकारी

बालोद/दल्लीराजहरा। शासन के निर्देशानुसार सभी शासकीय विद्यालयों में समर केंप का आयोजन 20 से 31 मई तक किया जा रहा है। जनपद सदस्य संजय बैस अपने जनपद क्षेत्र के स्कूलों का निरीक्षण कर बच्चो के हौसला बढ़ा रहे है। इसी क्रम में जनपद सदस्य संजय बैस ग्राम पंचायत अरमुरकसा के प्राइमरी स्कूल पहुंच समर केंप का निरीक्षण किया।

विद्यार्थी धूम्रपान निषेध पर चित्रकला कर रहे थे। बच्चो के साथ बैठकर जनपद सदस्य ने बच्चो को चित्रकला की विधा के बारे में भी बताकर उनकी चित्रकला की तारीफ भी खूब किए। उनके साथ ग्राम की सरपंच सरोज बाई बालेंद्र शिक्षा समिति के हलधर गोरे भी उपस्थित रहे। जनपद सदस्य संजय बैस के आगमन से शिक्षको के साथ विद्यार्थी गर्मजोशी के साथ अभिनंदन किए। संजय बैस ने बताया शासन की सोच ग्रामीण स्तर के बच्चो के प्रतिभा को निखारना है और हमारे शिक्षक बच्चो के साथ बच्चे बनकर इनकी प्रतिभा को निखार भी रहे है। इनको प्लेटफार्म मिल रहा है।

अभी जो प्रतिभावान छात्र छात्राएं गांव के स्कूल से जिला और प्रदेश तक अपना जौहर भी इस समर केंप के माध्यम से दिखाएंगे। मैं इन सभी बच्चो के उज्वल भविष्य की शुभकामनाए देता हूं। इनके साथ शिक्षाविद शमशेर खान भी उपस्थित रहे।

पानी अनमोल है इसका संरक्षण एवं संवर्धन करें: कलेक्टर श्री चन्द्रवाल

गुरूर विकासखण्ड के ग्राम कुलिया एवं कनेरी में
किया गया जल संरक्षण पखवाड़ा का शुभारंभ

कलेक्टर ने ग्रामीणों द्वारा स्वप्रेरणा से अपने-अपने घरों में निर्मित किए गए सोख्ता गड्ढा की सराहना की

बालोद।
कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने कहा कि पानी की एक-एक बूंद बहुत ही अनमोल है।

उन्होंने कहा कि इसके बिना मनुष्य के साथ-साथ संपूर्ण जीव-जगत की जीवन की परिकल्पना करना सर्वथा असंभव है। इसलिए पानी का संरक्षण एवं संवर्धन करना नितांत आवश्यक है। श्री चन्द्रवाल आज जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम कुलिया एवं कनेरी में आज आयोजित जल संरक्षण पखवाड़ा के शुभारंभ अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। वे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को जल संरक्षण के महत्व एवं इसकी उपयोगिता की जानकारी देते हुए सभी लोगों को अपने-अपने घरों में सोख्ता गड्ढा का निर्माण करने तथा जल संरक्षण के पूनीत कार्य में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की। इस दौरान कलेक्टर श्री चन्द्रवाल एवं अधिकारियों ने ग्राम कुलिया एवं कनेरी के विभिन्न घरों में पहुँचकर घर मालिकों के द्वारा बनाए गए सोख्ता गड्ढा का अवलोकन भी किया। उन्होंने ग्रामीणों द्वारा स्वप्रेरणा से सोख्ता गड्ढा के निर्माण करने पर ग्रामीणों के जल संरक्षण के प्रति सजगता एवं प्रयासों की भूरी-भूरी सराहना की। कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत ने ग्राम कुलिया में श्रमदान कर सोख्ता गड्ढा के निर्माण में अपनी सहभागिता निभाते हुए इसी प्रकार जनसहयोग से अपने-अपने घरोें में सोख्ता गड्ढा का निर्माण कराने प्रोत्साहित किया। इस मौके पर कलेक्टर श्री चन्द्रवाल, जिला पंचायत के सीईओ डाॅ. संजय कन्नौजे सहित अन्य अधिकारियों ने सोख्ता गड्ढा में गिट्टी एवं रेत डालकर जल संरक्षण पखवाड़ा का शुभारंभ किया। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशानुसार जिला प्रशासन द्वारा जिलेवासियों को जल संरक्षण के महत्व की जानकारी देने तथा जल का संरक्षण एवं संवर्धन करने जिले के गुरूर विकासखण्ड में 24 मई से 05 जून तक जल संरक्षण पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत सोख्ता गड्ढा के निर्माण हेतु शेष रह गए गुरूर विकासखण्ड के 17 हजार घरों में पहुँचकर 05 जून तक उन्हें स्वप्रेरणा से सोख्ता गड्ढा के निर्माण के लिए पे्ररित किया जाएगा। कलेक्टर श्री चन्द्रवाल के निर्देशानुसार जिला एवं ब्लाॅक स्तरीय नोडल अधिकारियों के द्वारा जल वाहिनी के सदस्य, रोजगार सहायक सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा पे्ररित किया जा रहा है। इस दौरान कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने पानी के संरक्षण एवं संवर्धन करने तथा इसका विवेकपूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के संबंध में कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को शपथ दिलाई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने पानी के हरेक बूंद को संरक्षण करने तथा ’कैच द रेन’ को बढ़ावा देने की पूरा सहयोग करने की शपथ ली। इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे, उप संचालक पंचायत श्री आकाश सोनी, जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री उमेश रात्रे सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
कलेक्टर श्री चन्द्रवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संपूर्ण जीव जगत के लिए पानी की उपयोगिता एवं महत्व के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इसके अलावा उन्होंने पानी की अपव्यय एवं दुरूपयोग करने पर भविष्य में आने वाले संकट एवं चुनौतियों पर भी प्रकाश डाला। श्री चन्द्रवाल ने कहा कि पानी के संरक्षण एवं संवर्धन के विशेष प्रायोजन के फलस्वरूप गुरूर विकासखण्ड में जल संरक्षण पखवाड़ा का महत्वपूर्ण आयोजन किया जा रहा है। कलेक्टर ने सभी लोगों को अपने-अपने घरोें में सोख्ता गड्ढा का निर्माण करने और इसके लिए अन्य लोगों को भी प्रेरित करने को कहा। उन्होंने कहा कि हम छोटे-छोटे प्रयास के माध्यम से जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों को आगामी एक माह के भीतर गुरूर ब्लाॅक के सभी घरों में अनिवार्य रूप से सोख्ता गड्ढा का निर्माण कर जल संरक्षण के इस महति अभियान में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅं. संजय कन्नौजे ने कहा कि ग्रामीणों ने स्वपे्ररणा से अपने घरों में सोख्ता गड्ढा का निर्माण किया है। सचमूच बहुत ही सराहनीय एवं जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को जल संरक्षण के उपायों तथा पानी की उपयोगिता एवं महत्ता के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी।
इस अवसर पर अधिकारियों ने ग्राम कुलिया के ग्रामीण श्री जगतराम पटेल एवं गोपीकृष्ण साहू तथा ग्राम कनेरी निवासी श्री विजय साहू के घरों में पहुँचकर उनके द्वारा स्वपे्ररणा से बनाए गए सोख्ता गड्ढा का अवलोकन किया। उन्होंने ग्रामीण कृषकों द्वारा स्वपे्ररणा से सोख्ता गड्ढा के निर्माण करने पर उनके इस कार्य की भूरी-भूरी सराहना की। इस दौरान कलेक्टर एवं सीईओ जिला पंचायत द्वारा ग्राम कुलिया के कृषक श्री गोपीकृष्ण साहू के निवास में कुदाल से खुदाई कर सोख्ता गड्ढा निर्माण कार्य का शुभांरभ किया गया। इस दौरान महिलाओं एवं छात्राओं ने नुक्कड़-नाटक की प्रस्तुति कर आम लोगों को पानी के महत्व एवं जल संरक्षण के उपायों के संबंध में जानकारी दी। ग्राम कुलिया एवं कनेरी पहुँचने पर ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल, सीईओ जिला पंचायत डाॅ. संजय कन्नौजे सहित अन्य अधिकारियों का आत्मीय स्वागत किया गया।

जिले में सड़क दुर्घटना की रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करने हेतु जिला स्तरीय समिति का किया गया गठन

प्रत्येक माह के द्वितीय शुक्रवार को आयोजित की जाएगी समीक्षा बैठक

बालोद।
कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल के निर्देशानुसार बालोद जिले में सड़क दुर्घटनाओं के रोकथाम के लिए प्रभावी उपाय सुनिश्चित करने हेतु जिला स्तरीय समिति का गठन किया गया है। अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अशोक कुमार जोशी समिति के सदस्य सचिव होंगे। जिले के सभी राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों के अलावा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. महेश कुमार सूर्यवंशी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री पीसी मारकले, जिला परिवहन अधिकारी श्री प्रकाश कुमार रावटे, जिला जनसंपर्क अधिकारी श्री चंद्रेश कुमार ठाकुर, रक्षित निरीक्षक जिला बालोद रेवती वर्मा एवं यातायात निरीक्षक श्री राकेश ठाकुर को समिति का सदस्य बनाया गया है। सड़क दुर्घटना के रोकथाम के उपायों की समीक्षा एवं दुर्घटना के कारण होने वाले आकस्मिक जनहानि के प्रकरणों की समीक्षा के संबंध में प्रत्येक माह के द्वितीय शुक्रवार को दोपहर 04 बजे समिति की बैठक आयोजित की जाएगी।

शासकीय आईटीआई दल्लीराजहरा एवं गुण्डरदेही में किया जाएगा मेगा प्लेसमेंट कैंप का आयोजन

आईटीसी लिमिटेड हैदराबाद के द्वारा महिला ट्रेनी आपरेटर के पदों पर
की जाएगी भर्ती

बालोद।
शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था दल्लीराजहरा एवं गुण्डरदेही में मेगा प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें आईटीसी लिमिटेड हैदराबाद के द्वारा महिला ट्रेनी आपरेटर के विभिन्न पदों पर भर्ती की जाएगी। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था दल्लीराजहरा के प्राचार्य ने बताया कि शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था दल्लीराजहरा में 29 मई 2024 को सुबह 09 बजे से प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा। जिसमें आईटीसी लिमिटेड हैदराबाद के द्वारा ट्रेनी ऑपरेटर पद के लिए प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाएगा। जिसमें आईटीआई से किसी भी ट्रेड में उत्तीर्ण केवल महिला अभ्यर्थी ही शामिल हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि किसी भी ट्रेड से आईटीआई उत्तीर्ण महिला अभ्यर्थी की आयु 18 से 30 वर्ष निर्धारित की गई है। इसी तरह शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था गुण्डरदेही में 30 मई 2024 को सुबह 09 बजे से प्लेसमेंट का आयोजन किया जाएगा। प्लैसमेंट कैंप में अभ्यर्थी अपने समस्त शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यताओं के प्रमाण पत्र, अंकसूची, आधार कार्ड, पैन कार्ड एवं आवश्यक दस्तावेजों की मूल प्रतियों के साथ 03-03 प्रति फोटोकाॅपी एवं 05 नवीनतम पासपोर्ट साइज फोटोग्रॉफ के साथ शामिल होकर प्लैसमेंट कैंप में शामिल हो सकते हैं।

नाबालिग को शादी का प्रलोभन देकर अपने घर में रखकर किया दुष्कर्म, आरोपी को मिला 20 वर्ष का कारावास

बालोद । किरण कुमार जांगड़े, विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बालोद (छ.ग.) के द्वारा आरोपी लुक्की उर्फ लुकेश विश्वकर्मा उम्र 21 वर्ष, निवासी-वार्ड क्र. 12 संजय नगर डौण्डीलोहारा, को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 4 (2) के आरोप में 20 वर्ष का सश्रम कारावास व 3000/- रू० अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। व्यतिक्रम पर एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास से दण्डित किया गया। प्रकरण का संक्षिप्त विवरण सी.एल. साहू, विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) के अनुसार दिनांक 13 फरवरी 2022 को पीड़िता की माता थाना डौण्डीलोहारा में उपस्थित होकर लिखित रिपोर्ट दर्ज करायी कि 11 फरवरी.2022 के सुबह अपने पति के साथ रोजगार गारंटी का काम करने गये थे, काम करके दोपहर करीब 2 बजे वापस घर आये तो घर में उनकी लड़की / पीड़िता अपनी चाची को 12 बजे अपना आधार कार्ड सुधरवाने के लिये डौण्डीलोहारा गयी है, जो शाम तक घर वापस नहीं आयी है, आसपास एवं रिश्तेदारों में पता तलाश किये, कोई पता नहीं चला। दिनांक 13 फरवरी 2022 को एक लड़का फोन करके सूचना दिया कि आपकी लड़की का तबियत खराब होने से शासकीय अस्पताल में भर्ती है, जिसकी सूचना मिलने पर प्रार्थिया के पति अस्पताल जाकर पीड़िता से मिला, तब पीड़िता बतायी कि दिनांक 11 फरवरी। 2022 को लगभग 12 बजे दोपहर में फगेन्द्र तुमसे प्यार करता हूँ, शादी करूंगा, कहकर मिलने के लिये बुलाया और अपने साथी लुकेश के घर संजय नगर डौण्डीलोहारा में ले जाकर जबरदस्ती गलत काम किया तथा लुकेश विश्वकर्मा ने भी यह जानते हुए कि पीड़िता नाबालिग है एवं गोंड़ जाति की है। दिनांक 23 जनवरी से 12 फरवरी 2022 तक तुमसे शादी करूंगा कहकर जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाया है। प्रार्थिया/पीड़िता की माता के उपरोक्त लिखित रिपोर्ट के आधार पर निरीक्षक अरुण नेताम, थाना प्रभारी के द्वारा थाना डौण्डीलोहारा में विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। तत्पश्चात् संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियुक्त के खिलाफ अपराध पाये जाने पर आरोपी के विरूद्ध अभियोग पत्र विचारण न्यायालय में 11 अप्रैल .2022 को प्रस्तुत किया गया। पीड़िता प्रकरण की विवेचना उ.पु. अधीक्षक बोनीफास एक्का के द्वारा किया गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर आरोपी को उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

बचपन से मेधावी छात्रा रही माधुरी यदु दसवी बोर्ड में भी किया कमाल, 91.66% अंक प्राप्त कर मचांदुर सहित पूरे उतई अंचल को किया गौरवान्वित

दुर्ग/उतई। मचांदुर की कु माधुरी यदु छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की दसवीं बोर्ड परीक्षा में 91.66% अंक प्राप्त कर मचांदुर सहित पूरे उतई अंचल को गौरवान्वित किया। बचपन से ही मेधावी छात्रा रही माधुरी यदु ने कक्षा 8वी में भी राष्ट्रीय प्रतिभा खोज चयन परीक्षा में भी सफलता प्राप्त की थी। जिसमें प्रतिवर्ष 12000रू छात्रवृत्ति प्राप्त कर रही है। उसकी सफलता पर विद्यालय परिवार,समस्त जनप्रतिनिधि समस्त ग्रामीणों एवं मार्गदर्शक शिक्षक,शिक्षिका,ने बधाई दी एवं उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। ग्राम मचांदुर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के होनहार विद्यार्थी रही माधुरी यदु ने अभावों और अपनी लगन से पढ़ाई कर छग बोर्ड परीक्षा 10 वी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। पापा दूध बेचने का काम करते हैं,माँ श्रीमती दीपिका यदु,मनरेगा में रोजी मजदुरी का काम करते हैं। उनके चाचा प्रवीण यदु भाजयुमों अध्यक्ष उतई मंडल ने कहा कि हमारे घर की सभी बेटियों में वह पढ़ाई में आगे हैं और माधुरी आगे जाकर कक्षा 12 वीं में अच्छे प्रतिशत से पास होंगे। हमारे ठेठवार समाज के लिए गौरव की बात हैं। अच्छे प्रतिशत से पास होने से पूरे परिवार में खुशी की लहर हैं। कुमारी माधुरी यदु ने माता पिता विद्यालय और गांव का नाम रोशन किया।