बालोद। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गोडेला, संकुल देवरी (द) में होली के पावन अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश दिया गया। शिक्षिका प्रतिभा त्रिपाठी के मार्गदर्शन में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने पारंपरिक एवं पर्यावरण-अनुकूल होलिका दहन के प्रति जागरूकता अभियान चलाया।
इस अवसर पर बच्चों को गोबर के कंडों को हाथों में लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। शिक्षिका प्रतिभा त्रिपाठी ने बताया कि होलिका दहन में प्रायः बड़ी मात्रा में लकड़ियों और अन्य सामग्रियों का उपयोग किया जाता है, जिससे निकलने वाला धुआं वनों की कटाई और वायु प्रदूषण को बढ़ावा देता है। उन्होंने अपील की कि पेड़ों की कटाई से बचते हुए गोबर के कंडों एवं सूखे पत्तों का उपयोग कर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहयोग करें।
आयोजित गतिविधि के माध्यम से विद्यार्थियों को बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश देने के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण का महत्व भी समझाया गया। बच्चों ने संकल्प लिया कि वे अपने परिवार और समाज में पर्यावरण-अनुकूल होलिका दहन के लिए जागरूकता फैलाएंगे।
संस्था के प्रमुख रमेश कुमार हिरवानी, शोभाराम देवांगन, सनत कुमार देशमुख, संतोष कुमार शर्मा एवं देवेंद्र कुमार साहू ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
