“कचरा फैलाया तो भरना पड़ेगा जुर्माना” : बालोद में लागू हुए नए स्वच्छता नियम



सीईओ सुनील चंद्रवंशी बोले — घर से शुरू होगी स्वच्छता, तभी बनेगा स्वस्थ और स्वच्छ भारत

बालोद, 29 मई 2026। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी ने कहा है कि स्वच्छता को जनआंदोलन बनाकर ही स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार भारत सरकार द्वारा लागू किए गए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसडब्ल्यूएम) रूल्स 2026 अब गांवों और शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को नई दिशा देंगे।


अब हर घर में अलग-अलग रखना होगा कचरा

नए नियमों के तहत घरों, सरकारी कार्यालयों, संस्थानों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों में गीला, सूखा, सैनिटरी एवं विशेष श्रेणी के कचरे को अलग-अलग रखना अनिवार्य किया गया है। प्रशासन का मानना है कि स्रोत स्तर पर कचरे की छंटाई होने से प्रदूषण कम होगा और स्वच्छता व्यवस्था मजबूत बनेगी।


नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी

सीईओ श्री चंद्रवंशी ने बताया कि एसडब्ल्यूएम रूल्स 2026 में “पॉल्यूटर पेय प्रिंसिपल” लागू किया गया है। इसके तहत नियमों का पालन नहीं करने वालों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति और जुर्माने जैसी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अब स्वच्छता केवल सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक की सहभागिता से ही संभव होगी।


गांवों में सरपंचों की बढ़ेगी जिम्मेदारी

नए नियमों में ग्राम स्तर पर सरपंचों और जनप्रतिनिधियों की भूमिका भी तय की गई है। गांवों में कचरा प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पंचायतों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी।


जागरूकता अभियान लगातार जारी

जिला प्रशासन द्वारा लोगों को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। सीईओ ने कहा कि यदि हर परिवार घर से ही स्वच्छता की शुरुआत करे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।

You cannot copy content of this page