
जनभागीदारी से शुरू हुआ ‘बालिकाएं शिक्षामित्र प्रोत्साहन कार्यक्रम’, शिक्षा के प्रति किया जागरूक
डौण्डी लोहारा। स्वयंसेवी सामाजिक महिला कमांडो एवं जनभागीदारी के सहयोग से विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी ‘बालिकाएं शिक्षामित्र प्रोत्साहन कार्यक्रम’ की शुरुआत की गई। अभियान का शुभारंभ विकासखंड डौण्डी के ग्राम जामुलवही से हुआ। इसके साथ ही अन्नूटोला एवं जोगीभाठ की महिला कमांडो ने अपने-अपने गांवों के विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को कॉपी, पेन और पहाड़ा पुस्तकें वितरित कर शिक्षा के प्रति प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान महिला कमांडो ने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने का संदेश दिया। पुरस्कार स्वरूप अध्ययन सामग्री मिलने पर बच्चों के चेहरों पर खुशी और उत्साह साफ दिखाई दिया।
शिक्षकों ने जताया आभार
जोगीभाठ की प्रधान पाठिका पार्वती ठाकुर ने बताया कि महिला कमांडो पुष्पा देशमुख एवं उनकी टीम विद्यालय पहुंची और बच्चों को शिक्षा के महत्व के बारे में प्रेरित किया। इसके बाद छात्र-छात्राओं को कॉपी, पेन और पहाड़ा वितरित किया गया। उन्होंने इस सराहनीय पहल के लिए महिला कमांडो एवं सभी दानदाताओं का आभार व्यक्त किया।
‘हर बच्चा हमारा अपना है’
महिला कमांडो अनुसुईया जांगड़े (जामुलवही) ने कहा कि वे बच्चों को अध्ययन सामग्री देने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित करती हैं कि सभी बच्चे नियमित रूप से स्कूल जाएं। वहीं मनभा साहू (अन्नूटोला) ने कहा कि गांव के सभी बच्चे हम सबकी जिम्मेदारी हैं। उन्हें प्रोत्साहित करना और शिक्षा के प्रति जागरूक करना समाज का कर्तव्य है, जिसे महिला कमांडो लगातार निभाती रहेंगी।
जनसहयोग से सफल हुआ अभियान
इस अभियान में महिला कमांडो सावित्री, रामती, सुशीला (जामुलवही), सुलोचना, पुनिया, रामसो (अन्नूटोला), पुष्पा देशमुख, मगतीन साहू, सुमरित ठाकुर (जोगीभाठ) सहित कई महिलाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। वहीं कमलेश देशमुख, शत्रुघ्न देशमुख, डोमार देशमुख एवं कमलेश पठारे ने दानदाता के रूप में सहयोग प्रदान किया।
यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बालिकाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन रही है।













