बालोद के किसान ने अपनाई आधुनिक तकनीक, कम समय, कम श्रम और बेहतर पैदावार की नई उम्मीद
बालोद, 12 जुलाई 2026। खेती-किसानी में आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल अब किसानों के लिए वरदान साबित होने लगा है। बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड अंतर्गत ग्राम भरदाकला के सरपंच क्रांति भूषण साहू ने अपने खेतों में पैडी ट्रांसप्लांटर (धान रोपाई मशीन) का उपयोग कर खेती में आधुनिकता की नई मिसाल पेश की है। उनकी यह पहल अब क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
करीब 35 से 40 एकड़ भूमि पर खेती करने वाले श्री साहू ने इस वर्ष 10 से 12 एकड़ में पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान की रोपाई कराई। उन्होंने बताया कि पहले जहां पारंपरिक तरीके से मजदूरों के माध्यम से रोपाई करने में 20 से 25 दिन लग जाते थे, वहीं अब यह कार्य मशीन की सहायता से बहुत कम समय में आसानी और सटीकता के साथ पूरा हो रहा है।
कम मेहनत, ज्यादा लाभ

पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान के पौधे समान दूरी और सीधी कतारों में लगाए जाते हैं। इससे फसल का विकास बेहतर होता है, निंदाई-गुड़ाई में आसानी रहती है और उत्पादन बढ़ने की संभावना भी अधिक होती है। साथ ही रोपाई के मौसम में मजदूरों की कमी जैसी बड़ी समस्या से भी किसानों को राहत मिलती है।
भविष्य की खेती का आधार बनेगा मशीनीकरण
क्रांति भूषण साहू ने बताया कि शुरुआत में ट्रे आधारित नर्सरी तैयार करने में कुछ अतिरिक्त खर्च अवश्य आता है, लेकिन बड़े स्तर पर खेती करने वाले किसानों के लिए यह तकनीक अधिक किफायती और लाभदायक साबित होती है। उनका कहना है कि भविष्य में श्रमिकों की कमी और समय की चुनौती को देखते हुए खेती में मशीनीकरण ही सबसे प्रभावी समाधान है।
अन्य किसान भी दिखा रहे रुचि
कृषि विभाग के मार्गदर्शन में अब क्षेत्र के कई किसान भी पैडी ट्रांसप्लांटर तकनीक को समझने और अपनाने के लिए आगे आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर रोपाई, कम लागत, कम श्रम और अधिक उत्पादन की दृष्टि से यह तकनीक किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी और जिले में आधुनिक कृषि को नई दिशा देगी।












