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क्रमोन्नति या समयमान वेतनमान? बिना अध्ययन विकल्प भरना पड़ सकता है भारी: शिक्षक फेडरेशन

फेडरेशन ने शासन से मांगा स्पष्टीकरण, कहा- गलत विकल्प चुनने से कर्मचारियों को हो सकता है आर्थिक नुकसान

बालोद। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी क्रमोन्नत वेतनमान एवं समयमान वेतनमान संबंधी विकल्प पत्र को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं। फेडरेशन का कहना है कि बिना तुलनात्मक अध्ययन और स्पष्ट दिशा-निर्देश के कर्मचारियों से विकल्प पत्र भरवाना उचित नहीं है तथा इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

शासन को भेजा विस्तृत ज्ञापन

फेडरेशन के प्रांताध्यक्ष राजेश चटर्जी ने मुख्य सचिव, वित्त सचिव, स्कूल शिक्षा सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव तथा संचालक लोक शिक्षण को ई-मेल के माध्यम से विस्तृत ज्ञापन भेजकर कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है।

जिला अध्यक्ष राधेश्याम साहू, जिला सचिव गिरीश देवांगन, बालोद ब्लॉक अध्यक्ष राजकुमार उर्वशा, डौंडी लोहारा तहसील अध्यक्ष मनसुखदास साहू, सचिव भूधर जोशी तथा गुंडरदेही ब्लॉक अध्यक्ष इंद्रजीत बनपाल ने संयुक्त रूप से जानकारी देते हुए बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश RULE/81/2026-GAD-3 (दिनांक 09 जून 2026) के तहत 31 मार्च 2026 तक नियुक्त शासकीय सेवकों को क्रमोन्नत वेतनमान अथवा समयमान वेतनमान में से किसी एक का विकल्प चुनने के निर्देश दिए गए हैं।

फेडरेशन ने उठाए कई महत्वपूर्ण प्रश्न

फेडरेशन का कहना है कि आदेश के पैरा-1 में 31 मार्च 2026 के बाद पूर्व की क्रमोन्नति संबंधी व्यवस्थाओं को समाप्त मानने का उल्लेख है। ऐसे में विकल्प भरने का औचित्य स्पष्ट किया जाना चाहिए।

साथ ही आदेश के पैरा-7 के अनुसार जिन पदों का समयमान वेतनमान में समावेश नहीं हुआ है, उनके लिए संबंधित विभागों को वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजना है। फेडरेशन का दावा है कि सहायक शिक्षक पद अभी भी समयमान वेतनमान की सूची में शामिल नहीं है, इसलिए इस संवर्ग से विकल्प पत्र भरवाना भी स्पष्ट नहीं है।

सहायक शिक्षकों के लिए अलग स्थिति

फेडरेशन ने कहा कि सहायक शिक्षक संवर्ग को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान का लाभ दिलाने के लिए कई बार शासन को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

फेडरेशन के अनुसार—

  • क्रमोन्नत वेतनमान दो स्तरीय योजना है।
  • समयमान वेतनमान तीन स्तरीय योजना है, जो कई मामलों में अधिक लाभप्रद साबित हो सकती है।
  • जिन कर्मचारियों की नियुक्ति सीधे शिक्षक, व्याख्याता अथवा प्राचार्य पद पर हुई है या जो पदोन्नति के बाद इन पदों पर कार्यरत हैं, उनके लिए समयमान वेतनमान का विकल्प अधिक लाभकारी हो सकता है।
  • वहीं सहायक शिक्षक पद पर प्रथम नियुक्त कर्मचारियों के लिए अभी समयमान वेतनमान संबंधी शासन का स्पष्ट आदेश उपलब्ध नहीं है।

अंतिम और अपरिवर्तनीय होगा विकल्प

फेडरेशन ने यह भी चिंता जताई कि विकल्प पत्र में संविलियन अथवा पदोन्नति संबंधी आवश्यक जानकारी दर्ज करने का प्रावधान नहीं है, जबकि शासन के अनुसार एक बार दिया गया विकल्प अंतिम और अपरिवर्तनीय होगा। ऐसे में जल्दबाजी में लिया गया निर्णय भविष्य में कर्मचारियों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

शासन से स्पष्ट दिशा-निर्देश की मांग

छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने शासन से मांग की है कि सभी संवर्गों के लिए क्रमोन्नत एवं समयमान वेतनमान का स्पष्ट तुलनात्मक विवरण जारी किया जाए, लंबित विसंगतियों का निराकरण किया जाए तथा कर्मचारियों को पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के बाद ही विकल्प पत्र भरवाए जाएं, ताकि किसी भी कर्मचारी को आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।

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