तस्वीर प्रतीकात्मक है
शराब, गांजा और तोड़फोड़ से ग्रामीणों में दहशत, युवाओं का भविष्य अंधकार की ओर
बालोद/जगन्नाथपुर। ग्राम जगन्नाथपुर में असामाजिक तत्वों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। गांव के सार्वजनिक सुलभ कॉम्प्लेक्स और उसके आसपास का क्षेत्र देर शाम से लेकर रात तक शराबियों और नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां खुलेआम शराब पी जाती है और कई युवा गांजे का सेवन करते हुए दिखाई देते हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल लगातार खराब हो रहा है।
सार्वजनिक शौचालय में तोड़फोड़, बिजली के तार तक जला दिए
असामाजिक तत्वों ने सार्वजनिक शौचालय को भी नहीं छोड़ा। शौचालय के भीतर बिजली के तार जला दिए गए हैं तथा प्रसाधन कक्ष के कई दरवाजे तोड़ दिए गए हैं। इससे आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शौचालय बना गांजा फूंकने का अड्डा
ग्रामीणों के अनुसार सार्वजनिक शौचालय का उपयोग अब जरूरतमंद लोगों की बजाय नशा करने वाले युवाओं द्वारा अधिक किया जा रहा है। यहां दिन और रात में कई बार गांजा पीने और शराबखोरी की घटनाएं देखने को मिलती हैं, जिससे आसपास के लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल है।
पढ़ाई छोड़ चुके कई युवा नशे की गिरफ्त में
चिंता की बात यह है कि गांव के कुछ युवा, जिन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़ दी है, वे शराब और गांजे की लत में पड़ते जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय रहते इन युवाओं का उचित मार्गदर्शन और नशामुक्ति की दिशा में प्रयास नहीं किए गए तो उनका भविष्य पूरी तरह बर्बाद हो सकता है।
निगरानी के अभाव का उठा रहे फायदा
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में नियमित निगरानी नहीं होने के कारण असामाजिक तत्व बेखौफ होकर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं। देर रात तक यहां लोगों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आसपास रहने वाले परिवार परेशान हैं।
सीसीटीवी में कैद हो रही गतिविधियां
बताया जा रहा है कि क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में कई संदिग्ध गतिविधियां और असामाजिक तत्वों की हरकतें रोजाना कैद हो रही हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिस और संबंधित प्रशासन इन फुटेज की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे।
ग्रामीणों की मांग
- सुलभ कॉम्प्लेक्स और आसपास नियमित पुलिस गश्त शुरू की जाए।
- असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
- क्षतिग्रस्त सार्वजनिक शौचालय की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
- नशे के कारोबार और खुलेआम शराबखोरी पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
- युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता और नशामुक्ति अभियान चलाया जाए।
यदि समय रहते इस गंभीर समस्या पर रोक नहीं लगी, तो जगन्नाथपुर का सामाजिक वातावरण और अधिक बिगड़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर गांव में कानून व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।












