जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा— “मुझे नहीं मालूम किसने किया अटैच और किसने किया रिलीव”
बालोद। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिपरछेड़ी में पदस्थ लिपिक दीपेश साहू (सहायक ग्रेड-2) को कलेक्टर बालोद के 31.12.2025 के आदेशानुसार जिला कार्यालय की खाद्य शाखा में आगामी आदेश पर्यंत अटैच किया गया। प्राचार्य द्वारा कलेक्टर आदेश का हवाला देते हुए उन्हें तत्काल कार्यमुक्त कर दिया गया, जबकि इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी को पूर्व सूचना नहीं दी गई।
लिपिक के रिलीव होने से पिपरछेड़ी डीडीओ से वेतन प्राप्त करने वाले स्कूल लिमोरा, बिरेतरा एवं पिपरछेड़ी के कुल 43 कर्मचारियों का फरवरी माह का वेतन अटक गया। वेतन तैयार करने वाले लिपिक के अभाव में कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
राज्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र देशलहरे एवं जिला सचिव गजेंद्र पुरी गोस्वामी ने जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी से चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि “किसके आदेश से रिलीव किया गया, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। रिलीव करने से पहले प्राचार्य को मुझे सूचित करना चाहिए था।”
जिला खाद्य अधिकारी टी.आर. ठाकुर ने बताया कि खाद्य शाखा में कर्मचारियों की कमी के कारण लिपिक को अटैच किया गया है।
संघ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि अधिकारियों के बीच समन्वय के अभाव में ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। कलेक्टर कार्यालय के आदेश की प्रतिलिपि जिला शिक्षा अधिकारी को भी भेजी गई थी, फिर भी विभागीय जानकारी का अभाव चिंता का विषय है।
संघ प्रतिनिधिमंडल ने अपर कलेक्टर अजय किशोर लकड़ा से मुलाकात कर मांग की कि लिपिक को मूल कार्यस्थल पर वापस भेजा जाए और होली पूर्व वेतन जारी किया जाए। अपर कलेक्टर ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को वेतन बनाने के निर्देश दिए।
संघ ने यह भी कहा कि अधिकांश कर्मचारियों ने बैंकों से ऋण लिया है, जिसकी किश्त वेतन से कटती है। समय पर वेतन न मिलने से उन्हें कर्ज लेकर किश्त चुकानी पड़ती है। उल्लेखनीय है कि अटैच किए गए लिपिक को भी वेतन प्राप्त नहीं हुआ है।
संघ ने भविष्य में अत्यावश्यक स्थिति को छोड़कर शिक्षा विभाग से लिपिक अटैचमेंट न करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में घनाराम देशमुख, भेद कोसले, लोमन राणा, निर्मल कुमार साहू, नरेंद्र कुमार जांगड़े, मुरारी सोनवानी, वेद देवांगन एवं राजेश साहू शामिल रहे। जल्द ही प्रभारी मंत्री एवं शिक्षा मंत्री से भी मुलाकात कर जिलेभर में हो रहे शिक्षकों और लिपिकों के अटैचमेंट समाप्त करने की मांग की जाएगी।
