ब्रह्माकुमारीज़ समर कैम्प 2024 का आयोजन 20 से 24 मई तक प्रतिदिन प्रातः 09 बजे से 11 बजे तक निशुल्क जारी

बालोद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय आत्मज्ञान भवन आमापारा बालोद के तत्वाधान में कक्षा 5वीं से 10वीं के बच्चों के लिये समर कैम्प का आयोजन किया गया है।

द्वितीय दिवस पर बी.के. तुलसी दीदी ने आंतरिक सुंदरता पर उद्बोधन दिया।

उन्होनें अपने उद्बोधन में कहा आंतरिक सुंदरता का अर्थ हैं कि व्यक्ति का सुंदर चरित्र वाला हो, अच्छा व्यवहार करने वाला हो, उसके कर्म अच्छे हो, दिव्य गुणों वाला हो, उसकी वाणी में मिठास हो। जिस व्यक्ति का चरित्र अच्छा होता हैं उसकी अहमियत ज्यादा होती हैं और जिसका चरित्र अच्छा नहीं होता उसको कोई पुछता तक नहीं। इस पर दीदी ने दो तोतो की कहानी बताई। जिसमें एक तोता अच्छे संग में रहने के कारण अच्छे चरित्र वाला तोता बन गया और दूसरा तोता बुरी संगति में रहने के कारण बुरे चरित्र वाला तोता बन गया, इस कारण बाज़ार में अच्छे तोते की कीमत दस हजार रूपये थी और बुरे तोते की किमत दो हजार रूपये थी। इस कहानी से हमे यह सीख मिलती हैं हमें हमेशा अच्छे लोगों का संग करना चाहिये। बी.के. नेहा दीदी, रेणु दीदी, प्रीति बहन, ने एक्टीविटी, के साथ-साथ बच्चों को खेल-खेल में म्यूजिकल एक्सरसाइज कराया जिससे तन व मन की एकाग्रता को प्राप्त कर सकें। इस कैम्प में बच्चों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया। गौरतलब है कि ब्रह्माकुमारीज़ आत्मज्ञान भवन आमापारा बालोद में समर कैम्प 20 मई से 24 मई तक प्रतिदिन प्रातः 09 बजे से 11 बजे तक संचालित होगी। यह समर कैम्प निःशुल्क रखा गया है, जिसमें शहर के सभी बच्चें भाग ले सकते हैं। कैम्प में पेपर आर्ट एवं क्राफ्ट, गेम्स, नैतिक शिक्षा एवं आध्यात्मिक मूल्यों की शिक्षा दी जा रही है।

आदिम जाति कल्याण विभाग कर्मचारी संघ के प्रांतीय पदाधिकारी की उपस्थिति में हुआ संगठन का चुनाव

बालोद। आदिम जाति कल्याण विभाग कर्मचारी संघ के प्रांत अध्यक्ष धन्नूलाल देवांगन एवं संभाग अध्यक्ष विकास देशमुख एवं बालोद के समस्त कार्यभारित आकस्मिकता निधि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियो की उपस्थिति में जिला बालोद के पदाधिकारी एवं कार्यकारिणी सदस्य का गठन हुआ।

जिसमें सर्वसम्मति से श्री संदीप कुमार साहू को बालोद जिला अध्यक्ष मनोनीत किया गया। इसी क्रम में उपाध्यक्ष श्री सोमकांत प्रजापति, सचिव: श्री वीरेंद्र कुमार कश्यप ,महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष: – श्रीमती उषा साहू, मीडिया प्रभारी: – श्री ललित कुमार सिंन्हा एवं श्री ओमकार सोरी, महिला कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती लीला पिस्दा, सुश्री हेमलता ठाकुर, श्रीमती पूर्णेश्वरी कुंभकार, श्रीमती मधुलता साहू कार्यकारिणी सदस्य में श्री सुमन लाल माहला , श्री तुलेश कुमार ध्रुव, श्री छन्नू लाल , श्री गौरव वर्मा, श्री यदू साहू, श्री भंवरलाल इत्यादि कर्मचारियों को संगठन का दायित्व सौंपा गया है।

‘साहित्य में पर्यावरण का वैज्ञानिक अध्ययन’ शोध ग्रंथ विमर्श

                आधुनिक तकनीकी को पारिस्थितिकी से माफी माँगनी चाहिए - मनोज श्रीवास्तव

इंदौर /एमपी। साझा संसार नीदरलैंड्स की पहल पर ‘साहित्य में पर्यावरण का वैज्ञानिक अध्ययन’ शोध ग्रंथ पर विमर्श आयोजन ऑनलाइन संपन्न हुआ।
इस आयोजन की अध्यक्षता प्रख्यात, वरिष्ठ साहित्यकार एवं मध्यप्रदेश शासन के सेवा निवृत, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव ने की। विशिष्ट वक्ता, जाने माने कवि, आलोचक और निदेशक अन्तर्राष्ट्रीय विभाग, इग्नू दिल्ली से श्री जितेन्द्र श्रीवास्तव, कनाडा से डॉ शैलजा सक्सेना, यूएई से डॉ आरती लोकेश और स्पेन से पूजा अनिल ने इस महत्वपूर्ण पुस्तक विमर्श में अपने वक्तव्य की प्रस्तुति दी। इस आयोजन का सफल संचालन नीदरलैंड्स से शगुन शर्मा व तकनीकी संचालन राजेंद्र शर्मा ने किया।
अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि यह पुस्तक वाकई हिंदी साहित्य का अछूता प्रयोग है। मैंने जब इस पुस्तक क पढ़ा तो सुखद आश्चर्य से भर गया कि इस पुस्तक में वैज्ञानिकता का टैरर नहीं है। यह आवश्यक है ऐसे शोध और हों। पर्यावरण संरक्षण की बात करते हुए उन्होंने कहा कि संविधान और मीडिया की सतर्कता बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। हमारा साहित्य प्रेम और प्रकृति सौन्दर्य से भरा पड़ा है। पुस्तक में उल्लिखित पुष्टिमार्ग की चर्चा करते हुए श्रीवास्तव जी ने कहा कि मीरा गौतम की आधुनिकता इसमें है कि वे पुष्टि से पोषण का, धरती से पोषण का अर्थ समझाती हैं। साथ ही वे सही निष्कर्ष निकालती हैं कि भारतीय संस्कृति में श्रीकृष्ण पर्यावरण के सबसे बड़े संरक्षक कहे जा सकते हैं। श्रीवास्तव जी के मतानुसार आधुनिक तकनीकी को पर्यावरण से माफी माँगनी चाहिए।
इग्नू दिल्ली से जितेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि पर्यावरण विमर्श, जीवन विमर्श है। पर्यावरण जीवन का अभिन्न हिस्सा है।
किसान चेतना की समझ से पर्यावरण की चिंता जागेगी। यह पुस्तक शोधार्थियों के लिए सैकडों दरवाजे खोलती है।
डॉ शैलजा सक्सेना ने कहा कि साहित्य ने मनुष्य को अधिक संवेदना दी है। मनुष्य प्रकृति के साथ सामञ्जस्य पूर्वक रहे अन्यथा समस्याएँ बनी रहेंगी। यह पुस्तक प्रस्थान बिंदु है। मीरा गौतम ने मशाल जलाई है।
पूजा अनिल ने कहा कि यह पुस्तक पुरातन से नवीनतम का समावेश है। साहित्य ने मानव जीवन को सदा समृद्ध ही किया है।
डॉ आरती लोकेश ने कहा कि मीरा गौतम ने भगवद्गीता के श्लोकों में पर्यावरण को टटोला है। वे अभीष्ट से अनिष्ट को व्याख्यायित करती हैं। यह पुस्तक इस मिथ को तोड़ रही है कि प्रकृति ही पर्यावरण है।
आयोजन के संयोजक रामा तक्षक ने अपने स्वागत वक्तव्य में कहा कि पर्यावरण की महत्ता एक छोटी सी वैदिक बात से समझ आती है कि खुरपी से हटाई गई मिट्टी को पुनः वापस वहीं डालना, पर्यावरण के संरक्षण, पर्यावरण के प्रति जागरूकता का सबसे अच्छा उदाहरण है। उन्होंने आगे बताया कि अनपढ़ और पढ़े लिखे सब पर्यावरण की अनदेखी करते हैं। धन नया धर्म बन गया है। धन के लिए मानव अपने आत्मीय सम्बंध, अपना जीवन, आर्थिक विकास के पीछे, धन के आगे नतमस्तक, हम अपना सब, पूरी विरासत बलिदान करने के लिए राजी हैं।

मीरा गौतम ने बताया कि इस शोध की शुरुआत भारत सरकार की एक विज्ञप्ति ने की।
सामान्यतः ऐसे शोध अंग्रेजी में ही होते रहे हैं। मेरा प्रयास था कि इस शोध को हिंदी भाषा में लिखकर, हिंदी की क्षमताओं को सामने लाऊँ।
ज्ञात रहे कि इस शोध योजना के लिए, ‘मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार ‘अब (शिक्षा मंत्रालय ,भारत सरकार) और ‘अखिल भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद’ ने मिलकर मीरा गौतम का चयन किया था।
इस शोध ग्रंथ को हाल ही में मध्य प्रदेश शासन तथा शासकीय इंदौर संभाग पुस्तकालय संघ, इंदौर द्वारा प्रतिष्ठित ‘कृति कुसुम पुरस्कार 2024’ मिला है। इस ग्रंथ को विश्व प्रसिद्ध प्रकाशन संस्थान ‘ आईसेक्ट पब्लिकेशन, भोपाल ने प्रकाशित किया है।
इस आयोजन में गुजरात से प्रबोध पारीख, सूरीनाम से सान्द्रा लुटावन, ऑस्ट्रेलिया से निर्मल जसवाल आदि प्रमुख विद्वानों ने भाग लिया।

विधायक कार्यालय अर्जुंदा में मनाई गई स्व राजीव गांधीजी की 33 वी पुण्यतिथि

बालोद। विधायक कार्यालय अर्जुंदा में विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद की उपस्थिति में पूर्व प्रधामनंत्री, भारत रत्न स्व राजीव गांधीजी का 33 वां पुण्यतिथि को आतंकवाद विरोध दिवस के रूप में मनाया गया।

देश के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने अपनी दूरदर्शी नीतियों से दूरसंचार क्रांति की शुरुआत कर भारत को कंप्यूटर युग से परिचित कराया. राजीव गांधी के आधुनिक विचारों की छाप उनके सुधारवादी कार्यों में देखी जा सकती है. आधुनिक सोच और अद्भुत निर्णय क्षमता वाले भारत रत्न स्व. राजीव गांधी जी की पुण्य तिथि पर सादर नमन.। विधायक ने कहा कि कुछ लोग ज़मीन पर राज करते हैं और कुछ लोग दिलों पर। मरहूम राजीव गांधी एक ऐसी शख़्सियत थे, जिन्होंने ज़मीन पर ही नहीं, बल्कि दिलों पर भी हुकूमत की। वे भले ही आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन हमारे दिलों में आज भी ज़िंदा हैं। राजीव गांधी ने उन्नीसवीं सदी में इक्कीसवीं सदी के भारत का सपना देखा था।स्वभाव से गंभीर लेकिन आधुनिक सोच और निर्णय लेने की अद्भुत क्षमता वाले राजीव गांधी देश को दुनिया की उच्च तकनीकों से पूर्ण करना चाहते थे। वे बार-बार कहते थे कि भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने के साथ ही उनका अन्य बड़ा मक़सद इक्कीसवीं सदी के भारत का निर्माण है। अपने इसी सपने को साकार करने के लिए उन्होंने देश में कई क्षेत्रों में नई पहल की, जिनमें संचार क्रांति और कम्प्यूटर क्रांति, शिक्षा का प्रसार, 18 साल के युवाओं को मताधिकार, पंचायती राज आदि शामिल हैं। इस अवसर पर चंद्रहास देवांगन अध्यक्ष नगर पंचायत अर्जुंदा, सुरेश गांधी , दिग्विजय ठेठवार, डालम पारख , अनुभव शर्मा विधानसभा अध्यक्ष युवा कांग्रेस, सागर साहू मीडिया प्रभारी, राजू देवांगन , रोमलाल सिन्हा , भोलाराम यादव , रामदास निषाद , शैलेंद्र देशमुख , रूपलाल देवानंद , जगन्नाथ यादव , कार्तिक नेताम , खोमन चंद्राकर , चित्रांश उपस्थित रहे।

रेल्वे में टीसी की नौकरी लगाने के नाम पर 24 लाख रूपये ठगी का मास्टर माइंड नागपुर से हुआ गिरफ्तार, पकड़े जाने के डर से घर वालों को बिना बताए रहता था किराए के मकान में

एक माह पूर्व इसी मामले के 01 आरोपी को दल्लीराजहरा से गिरफ्तार कर भेजा जा चुका है जेल

ठगी का मास्टर माइंड अंकुश मिश्रा 03 दिन तक दे रही थी थाना गुरूर पुलिस को चकमा, अंततः पुलिस की सूझबूझ व तत्परता से चलते पकड़ा गया आरोपी

बालोद। प्रार्थी अक्षय कुमार साहू निवासी खुंदनी थाना गुरूर ने दिनांक 03 अप्रैल 2024 को
एक लिखित आवेदन पत्र पेश कर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराया था कि आरोपी डुलेश कुमार साहू निवासी दल्लीराजहरा अन्य साथियों के साथ मिलकर रेल्वे विभाग में टी.सी. के पद पर नौकरी लगाने के नाम पर 12,00,000 रूपये लेकर धोखाधड़ी किया है। आवेदन पर थाना गुरूर में अपराध क्रमांक 78/2024 धारा 420,467,468,34 भादवि दर्ज कर विवेचना में लिया गया था। गवाह हरिओम साहू निवासी दुपचेरा ने भी बताया कि डुलेश साहू व उनके साथियों ने इससे भी रेल्वे में नौकरी लगाने के लिए 12,00,000 रूपये की धोखाधडी किया है। अपराध की कायमी उपरांत पुलिस अधीक्षक श्री एस.आर.भगत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक जोशी के निर्देशन तथा एसडीओपी राजेश बागड़े के पर्यवेक्षण पर आरोपियों की गिरफ्‌तारी हेतु थाना गुरूर से विशेष पुलिस टीम गठित किया गया। विवेचना के दौरान डुलेश कुमार साहू निवासी दल्लीराजहरा को उसके सकुनत से गिरफ्तार कर पूछताछ पर बताये कि रेल्वे अभ्यर्थियों से नौकरी के लिए पैसे लेकर वह पैसा कमीशन काटकर अंकुश मिश्रा निवासी नागपुर को देना बताया। बाद आरोपी अंकुश मिश्रा निवासी नागपुर की गिरफ्तारी हेतु थाना प्रभारी गुरूर दिनेश कुमार कुर्रे, सउनि हुसैन सिंह ठाकुर एवं सायबर सेल बालोद के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर दिनांक 16 मई को पुलिस टीम नागपुर महाराष्ट्र रवाना हुई थी। आरोपी को शंका था कि छ. ग. पुलिस की नजर उस पर है जिस कारण व अपने घर वालों को बिना बताये नागपुर में किराये के मकान में निवास कर रहे थे, जिसे थाना गुरूर पुलिस के सूझबूझ व तत्परता के परिणामस्वरूप अथक प्रयास के बाद आरोपी अंकुश मिश्रा को नागपुर के थाना हुडकेश्वर से गिरफ्तार कर थाना लाया गया। आरोपी अंकुश मिश्रा से सघन पूछताछ व उसके जप्त मोबाईल तथा अन्य दस्तावेजों के अन्वेषण से मामले में अन्य अभ्यर्थियों से भी ठगी होना पता चला है। फिलहाल आरोपी अंकुश मिश्रा को गिरफ्तार कर 20 मई को न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है। मामले में विवेचना जारी है।उक्त प्रकरण को सुलझाने व आरोपी की गिरफ्तारी एवं विवेचना में निरीक्षक दिनेश कुमार कुर्रे थाना प्रभारी गुरूर, सउनि हुसैन सिंह ठाकुर, आरक्षक कोमल साहू, पिताम्बर निषाद एवं सायबर सेल बालोद स्टाफ की विशेष भूमिका रही।