निकुम में हो रहा नाचा गम्मत कलाकारों का संगम: तीन दिवसीय स्वर्गीय रामचंद्र देशमुख प्रदेश स्तरीय नाचा गम्मत महोत्सव जारी

बालोद। तीन दिवसीय स्वर्गीय रामचंद्र देशमुख प्रदेश स्तरीय नाचा गम्मत महोत्सव निकुम में आयोजित है। जहां नाचा गम्मत महोत्सव के रंग में रंग कर मदमस्त होकर नाचे कलाकारों को सम्मान हुआ।

लगातार तीसरे वर्ष ग्राम निकुम में तीन दिवसीय स्वर्गीय रामचंद्र देशमुख प्रदेश स्तरीय नाचा गम्मत महोत्सव होने से नाच विधा से जुड़े कलाकारों व दर्शकों में काफी उत्साह दिख रहा है। जिसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश के 300 नाच पार्टी के कलाकार पूरे उमंग के साथ इस आयोजन में सम्मिलित हुए हैं। जिसमें प्रतिदिन 6 नाच प्रसिद्ध नाच पार्टी अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं । जिसमें 18 मई को सुबह 10 बजे से जय अंबे नाच पार्टी ऊसरवारा बालोद,नव किरण नाच पार्टी पंढरपुर, भूले बिसरे नाच पार्टी मुंगरा पाली, चरोदा, जय मंगल पाठ रंग परिवार नाच पार्टी भुरकोनी और जय अंबे नाच पार्टी नीचे कोहरा मोहला की प्रस्तुति ने दशकों से खूब तालियां बटोरी। वहीं नाच के माध्यम से समाज में कई प्रकार की शिक्षा मिली । इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश नाच संघ के संयोजक व आयोजक युवा जनपद सदस्य रूपेश देशमुख ने कहा कि लोक कला के संरक्षण संवर्धन और प्रदर्शन के उद्देश्य से लगातार तीसरे वर्ष नाचा गम्मत का भव्य आयोजन हो रहा है। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध नाच कलाकारों द्वारा अपने हाथ से अदाकारी उनके भाव पक्ष नाच पार्टी का उद्देश्य हमारे मानव समाज में निहित विभिन्न बुराइयों के प्रति समाज में शिक्षा संदेश से आगे आने प्रोत्साहित करती है। यह सिर्फ मनोरंजन का साधन न होकर हमारे संस्कृति लोक धरोहर के साथ समाज में फैली रूढ़ी, अंधविश्वास अशिक्षा पर कटाक्ष का माध्यम है। नाचा गम्मत को सहेजने सभी मिलकर आगे आकर समय-समय पर आयोजन नाच का करें ताकि लुप्त हो रही नाच गम्मत को बचाया जा सके। निश्चित ही आने वाले भविष्य के लिए बेहतर संदेश होगा। साथ ही इस वृहद मंच में नाचा गम्मत से जुड़े 130 लोक कलाकारों को प्रशस्ति पत्र व मोमेंटो से सम्मानित किया। जिसमें नाच के वृद्ध कलाकार 85 वर्ष दीनदयाल पटेल चाराचर छेड़ीया बागदई व नाच कलाकार 85 वर्ष के नंदू साहू भाटा गांव का सम्मान  साल श्रीफल से किया गया। वहीं नाच गम्मत देखने पहुंचे निगम सहित अंचल व दूर-दराज से दर्शकों के लिए आयोजन में निशुल्क भोजन भंडारा मिल रहा है। निकुम के 46 बिहान समूह के 600 महिलाएं  एक ही रंग की साड़ी पहनकर मातृ शक्ति व एकता का परिचय देते हुए सभी ग्रामीण जन भी सहयोग कर रहें है। 19 मई रविवार को पूर्व मंत्री कवासी लखमा व पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्यक्ष साहू इस आयोजन में शामिल होंगे।

नए कानून के अनुरूप खुद को ढालने लगी पुलिस, आयोजित किया गया एकदिवसीय कार्यशाला

बालोद। बालोद पुलिस द्वारा महेश्वरी भवन बालोद में पुलिस अधिकारियों को नवीन कानून के संबंध में हुए संशोधनों से अवगत कराने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक किया गया । कार्यक्रम की शुरुआत पुलिस अधीक्षक एवं कार्यशाला में उपस्थित अन्य अतिथियों के द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया । कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्य से अवगत कराने के लिए सीजेएम संजय सोनी, पुलिस अधीक्षक एस आर भगत और एएसपी अशोक जोशी द्वारा उद्बोधन दिया गया। आईजीपी दुर्ग रेंज श्री राम गोपाल गर्ग द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़कर कार्यशाला में उपस्थित सभी लोगों को सारगर्भित रूप में नवीन कानून के संबंध में अवगत कराते हुए कार्यशाला के लिए शुभकामनाएं दिए। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता के रूप में कलिंगा विश्वविद्यालय के कानून विभाग से आए सहायक प्राध्यापक श्रीमती सलोनी त्यागी ने भारतीय न्याय संहिता पर विस्तार से चर्चा किया। इसके बाद सहायक प्राध्यापक सुरभि अग्रवाल ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं सहायक प्राध्यापक सुश्री आकांक्षा चौधरी ने भारतीय साक्ष्य संहिता पर विस्तार से परिचर्चा की। इस दौरान विवेचको के द्वारा सवाल करके अपना शंका समाधान भी किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन एसडीओपी बालोद देवांश सिंह राठौर द्वारा किया गया। उक्त कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आईजीपी दुर्ग रेंज रामगोपाल गर्ग, पुलिस अधीक्षक एस आर भगत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद अशोक जोशी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बालोद संजय सोनी, डीडीपी पेमेंद्र बैसवाड़े , जिला अभियोजन अधिकारी अजय सिंह, डीएसपी सुश्री नवनीत कौर, श्रीमती गीता वाधवानी , डॉक्टर चित्रा वर्मा , राजेश बागडे , बोनीफ़ास एक्का, दीपक भगत राजपत्रित अधिकारी गण एवं जिले के थानों एवं चौकी के थाना प्रभारी एवं विवेचक सम्मिलित हुए।

क्या था कार्यशाला का प्रमुख उद्देश्य

नए आपराधिक कानूनों के अनुसार कानूनी प्रावधानों का जिला के सभी पुलिस पदाधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। जिले के सभी थानास्तर पर वरीय पदाधिकारी की उपस्थिति में पुलिसकर्मियों को नवीनतम कानूनी प्रावधानों व प्रक्रियाओं से परिचित कराया जा रहा है। प्रशिक्षण में उन्हें नवीनतम कानूनी प्रावधानों और प्रक्रियाओं से परिचित कराया गया , ताकि वे अपराध नियंत्रण और न्याय प्रदान करने में और अधिक कुशल हो सकें। इस प्रशिक्षण के माध्यम से पुलिस बल को नए कानूनों के अनुसार अपराधों की जांच, साक्ष्य संग्रह और मामलों की प्रक्रिया पूर्ण करने में मदद मिलेगी। नई धाराएं जोड़ी गई है, जैसे चैन स्नेचिंग, संगठित अपराध, आतंकवाद के संबंध में अवगत कराया गया। पुलिस प्रक्रिया में जीरो एफआईआर ,वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी के संबंध में नए प्रावधान किए गए हैं।

1 जुलाई 2024 से लागू हो रहें हैं नए कानून

ज्ञात हो कि एक जुलाई 2024 से आईपीसी, सीआरपीसी तथा एविडेंस एक्ट के स्थान पर सम्पूर्ण भारत में लागू हो रहे तीन नये कानून भारतीय न्याय सहिंता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियिम के क्रियान्वयन के सम्बंध में सभी अधिकरियों/कर्मचारियों को नये कानूनो के बारें में विस्तृत जानकारी देने के लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ । कार्यक्रम के दौरान सभी अधि0/कर्म0 को परिवर्तित नये कानूनों के अन्तर्गत पुरानी धाराओ में किये गये सशोंधनों तथा वर्तमान परिप्रेक्ष्य में उनमें जोड़ी गई नई धाराओं के सम्बंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई, साथ ही परिवर्तित कानूनों का पुलिसिंग के साथ-साथ न्यायालय के विचारण पर पड़ने वाले प्रभावों के सम्बन्ध व उनके प्रभावी क्रियान्वयन के सम्बन्ध में भी जानकारी प्रदान की गई।

इंटरनेशनल आयोजन में छत्तीसगढ़ की संस्कृति का जलवा: बालोद जिले के सोनहा बादर चिटौद के कलाकारों को मिला नेपाल काठमांडू में प्रथम पुरस्कार, विदेशियों ने भी की छग के संस्कृति की सराहना

बालोद। नेपाल काठमांडू महोत्सव,इंटरनेशनल डांस एवं म्युसिक फेस्टिवल 2024 के तत्वाधान में 11 एवं 12 मई 2024 को इंटरनेशनल डांस एवं म्युसिक महोत्सव का कार्यक्रम, स्टूडियो थिएटर नेपाल फ़िल्म कैम्पस गौशाला श्री पशुपति नाथ मंदिर के समीप नेपाल काठमांडू मे किया गया।

जिसमे बांग्लादेश, प्रतापगढ़, दमोह, असम, कटक, पुणे, सिलीगुड़ी वेस्ट बंगाल, सहित देश विदेश के अनेको कलाकारों की प्रस्तुति किया गया। जहां पर छत्तीसगढ़ से बालोद ज़िला के अंतिम छोर मे बसे गुरुर ब्लॉक के ग्राम चिटौद के छत्तीसगढी लोककला मंच सोनहा बादर व श्रुति संगीत विद्यालय चिटौद के विद्यार्थी एवं कलाकार भी नेपाल में आदिवासी नृत्य, कर्मा नृत्य एवं कत्थक नृत्य के माध्यम से इस महोत्सव में भाग लिया। जहां पर सोनहा बादर के आदिवासी नृत्य, कर्मा नृत्य व श्रुति संगीत विद्यालय चिटौद के कत्थक नृत्य को नंबर 1 का सम्मान मिला।

जिसमे सोनहा बादर व श्रुति संगीत विद्यालय के कलाकारों व विद्यार्थियों को क्रमशः नृत्य पशुपतिनाथ सम्मान, नृत्य मनाकामना सम्मान,नृत्य कला सम्मान, व कला रत्न सम्मान से सम्मानित किया गया। पुरे नेपाल सांगितिक यात्रा के प्रोडक्शन मैनेजर, लीलम साहू (सविता साउंड गंगोरीपार के संचालक ),ज्योतिष साहू (नृत्य नृत्य निर्देशक, अभिनेता, व नर्तक सोनहा बादर ), वीरेंद्र कुंजाम (गायक, बांसुरी वादक व बहुमुखी प्रतिभा के धनी ) व रामकुमार यादव मार्गदर्शक ने बताया कि,प्रस्तुत लोक नृत्य के इस प्रस्तुति में पारम्परिक व जीतेन्द्र साहू के गीत संगीत संयोजन व ज्योतिष साहू एवं वोमेश गंगराले के नृत्य निर्देशन रहा। साथ ही इस यात्रा दौरान नेपाल के वरिष्ठ बांसुरी वादक व बांसुरी मेकर बुद्धा लामा सहित असम, गोवहाटी, पुणे, बांग्लादेश के वरिष्ठ जनो के बीच छत्तीसगढ़ के सुपसिद्ध बासुरी व मोहरी, सहनाई वादक भोला यादव, वीरेंद्र कुंजाम, बांसुरी के माध्य्म से व जीतेन्द्र साहू, आशीष यादव खंजेरी वादन से सभी के हृदय मे अमिट छाप छोड़ते हुए छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति,गीत संगीत को दिखाने प्रयास करने मे सफल रहा । देश विदेश से आये कलाकारों ने कहा, अनेको प्रतिभा के साथ साथ, साहित्य,कला, गीत नृत्य,संगीत, संस्कृति के मामले के छत्तीसगढ़ बहुत अमीर है । जो कि आपके समस्त विधाओं मे देखने को मिला। छत्तीसगढ़ के सोनहा बादर के कलाकारों को आगामी प्रस्तुति के लिए, यूरोप, असम, गोवहाटी, का अग्रिम आमंत्रण भी मिला है। छत्तीसगढ़ सोनहा बादर व श्रुति संगीत विद्यालय के संचालक, निर्देशक जितेन्द्र साहू ने बताया कि विगत वर्ष 2023 मे दो लोक नृत्य व एक ड्रामा की प्रस्तुति शिमला हरियाणा में किया गया था। जहां पर उनकी प्रस्तुति को क्रमशः प्रथम, द्वितीय व बेस्ट प्ले अवार्ड से सम्मानित किया गया।

अब विदेशों में प्रस्तुति का रास्ता मिला

इस वर्ष इंटरनेशनल डांस व म्यूजिक महोत्सव मे हमें छत्तीसगढ़ के लोक कला संस्कृति परम्परा को नेपाल मे दिखाने का अवसर मिला। छत्तीसगढ़ महतारी, भारत माता,गुरुजनो का आशीर्वाद व कलाकारों का निरंतर साधना का परिणाम रहा। नेपाल महोत्सव मे अपनी प्रस्तुति के पहले खिलानन्द ( खिलु )साहू, जीतेन्द्र साहू के,थिएटर मे उपस्थित कलाकार, अतिथि व दर्शक गणो के बीच सफल एंकरिंग रहा। जिन्होंने छत्तीसगढ़ के पारम्परिक आदिवासी नृत्य, कर्मा नृत्य की विशेषता को उपस्थित जनो के बीच मे रखने का प्रयास किया । हमारा सौभाग्य रहा कि हम छत्तीसगढ़ के संस्कृति को थोड़ा सा दिखा पाए। आप सभी का आशीर्वाद निरंतर मिलता रहे ।

यह रहे आयोजन के अतिथि

नेपाल महोत्सव के फेस्टिवल अतिथि जस्टिस डीपी चौधरी ( चीफ एडवाइजर ), प्रवा पटनायक (चेयर पर्शन ), डॉ विजयानंद सिंग (प्रेसीडेंट ), तांका चूलयंगन ( आरटिस्तिक स्कुल थिएटर नेपाल ), शिलादित्य रथ ( जनरल सेकेक्ट्री ), इनके कुशल निर्देशन मे नेपाल महोत्सव मे देश विदेश से आये कलाकारों का खूब मनोबल बढ़ा, व कलाकारों को भरपूर मान सम्मान मिला।

सोनहा बादर की टीम में ये थे शामिल

नेपाल महोत्सव मे छत्तीसगढ़ के सोनहा बादर व श्रुति संगीत विद्यालय से जितेन्द्र साहू, ज्योतिष साहू, लीलम साहू,भोला यादव, आशीष यादव,वीरेंद्र कुंजाम, खिलानन्द ( खिलु ) साहू, रामकुमार यादव,राहुल साहू, गोपाल साहू, पंकज साहू, किशन पटेल, ऋषभ साहू,वेद प्रकाश साहू, भावना सेन, संगीता मानिकपुरी,बसंती पटेल,आकांक्षा साहू,नीरज साहू, हेमा साहू,रेणुका यादव, जानकी साहू, गीतांजली यादव, पोषण साहू, दिनेश साहू,तरुण साहू, दीपक साहू,ने हिस्सा लिया।

इन्होंने दी बधाई

नेपाल महोत्सव मे सफल प्रस्तुति हेतु सांसद मोहन मंडावी, विधायक गुण्डरदेही कुंवर सिंह निषाद, लोक गायिका कविता वासनिक , संगीता मानिकपुरी , जिला पंचायत सभापति ललिता पिमन साहू, कार्तिक साहू, जितेंद्रियम देवांगन, प्रदीप साहू , नंद किशोर शर्मा , पूर्व नगरपंचायत अध्यक्ष, कौशल साहू मंडल अध्यक्ष, तारम सर , साकेत साहू , कमल साहू , पूर्व सैनिक सोहन साहू ,ज़िला पंचायत सभापति मीना सत्येंद्र साहू, ग्राम चिटौद के सरपंच कुमारी साहू ,अधिवक्ता सुरेन्द्र तिवारी ,केशव सिन्हा, के.नागेश , बाल चरण साहू , रमेश चेलक , भारतीय किसान संघ जिला संयोजक देवचंद साहू,परमानन्द गुरुपंच , प्रोफेसर सुरेश देशमुख , तहसीलदार श्याम सर,प्राचार्य वीरेंद्र साहू , रविकांत गजेंद्र , आकाश गिरी गोस्वामी , वोमन सिन्हा , विधायक संगीता सिन्हा , अधिवक्ता मनोज शर्मा, वीरेंद्र कुंजाम , उद्धव साहू त्रिलोकी साहू त्रिलोक सिन्हा, खिलानन्द साहू , सरपंच व लोक गायक इंद्र कुमार गंजीर ,रूपेंद्र टेकाम ,साहू समाज महामंत्री हलधर साहू, लोक गायिका व इंदिरा कला संस्कृति विश्वविद्यालय खैरागढ़ की कुलपति पद्मश्री ममता चंद्राकर ,कला मर्मग्य प्रेम चंद्राकर , दुष्यंत हरमुख़ भूपेन्द्र साहू राजेश मारु , महादेव हिरवानी ,राकेश साहू ,युगल किशोर साहू , विष्णु कश्यप , लीलम पंत, पोषण साहू, डेविड, पंजाब राव, रामकुमार यादव, तुला राम साहू, रघुवीर साहू,दीपक महोबिया, नरेंद्र साहू , आरआई वीरेंद्र कुंजाम , उद्धव साहू , बालेन्द्र साहू, त्रिलोक सिन्हा ,उमेश गंगराले ,अजय वर्मा सहित अनेक सम्मानित जन व चिटौद के ग्राम विकास समिती, ग्राम पंचायत के पंचगण, मितानिन, आँगन बाड़ी शिक्षिका व कार्यकर्ता, हेड मास्टर काशी साहू सहित विद्यालय के शिक्षक स्टॉफ ने शुभकामना प्रेषित की।