
बालोद। बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक के ग्राम खेरुद में धान के खरही में आग लगने की अब तक की बड़ी घटना सामने आई है। यहां दोपहर करीब 1 से 2 बजे के बीच थ्रेसर से धान मिंजाई के दौरान एक किसान राजेंद्र साहू पिता तिहारु राम के धान की खरही में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पड़ोस के किसान हेमू साहू पिता लेड़गा राम के खरही तक भी पहुंच गई और देखते देखते आग ने कई खरही और पैरावट को चपेट में ले लिया। आग की शुरुआत थ्रेसर से हुई।

जिस थ्रेसर से धान मिंजाई करवा रहे थे वहीं से कहीं चिंगारी निकली और फिर आग फैल गई। आग कैसे लगी इसका स्पष्ट खुलासा तो नहीं हो पाया है। लेकिन जानकारों की माने तो अनुमान है कि थ्रेसर में धान डालते समय कहीं भारा के बीच पत्थर के टुकड़े रहने पर थ्रेसर के भीतर जाने पर लोहे से घर्षण के दौरान चिंगारी निकलती है और इसी वजह से कई बार आग लग जाती है। किसान खेतों में भारा करपा बांधते समय ध्यान नहीं देते हैं कि खेतों में पड़े पत्थर के टुकड़े भी करपा के साथ बंध रहे हैं। कई बार यह छोटी सी चूक बड़ी घटना का कारण बन जाती है। हालांकि इस घटना में वास्तविकता क्या है अभी जानकारी सामने नहीं आई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद टैंकर व फायर ब्रिगेड बुलवाकर आग बुझाने का प्रयास किया गया। अर्जुंदा थाना प्रभारी कुमार गौरव साहू भी आग बुझाने में लगे रहे। तो ग्रामीण भी 2 से 3 घंटे तक आग बुझाने का प्रयास करते रहे। ताकि आग आसपास और ना फैले। इस घटना में खरही तो जला ही, थ्रेसर और ट्रैक्टर भी स्वाहा हो गया। आगजनी की इस घटना से गांव में दिनभर हाहाकार मचा रहा। प्रत्यक्षदर्शी गांव के पशु चिकित्सक घनश्याम यादव ने बताया कि ट्रैक्टर, थ्रेसर गुंडरदेही के देवराज चंद्राकर नाम के व्यक्ति की है। वही जानकारी अनुसार दोनों किसानों की लगभग आठ से 10 एकड़ फसल की खरही खाक हुई। पुलिस आगे की जांच कर रही है। कुछ ही मिनटों में आग काफी फैल चुकी थी। गांव से लगे हुए खलिहान के पास यह हादसा हुआ। आग गांव की ओर ना बढ़े इसलिए जल्द से जल्द इस पर काबू पाना भी था। ग्रामीणों के बीच दहशत भी देखी गई।
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