शादी का प्रलोभन देकर नाबालिग को बिहार भगाया, अलग-अलग स्थानों पर दुष्कर्म, मिला 20 वर्ष का सश्रम कारावास



बालोद। शादी का प्रलोभन देकर एक नाबालिग को बहलाकर बिहार ले जाकर रिश्तेदारों के घर में रुक कर दुष्कर्म किया गया था। मामले में कोर्ट ने आरोपित युवक को 20 साल की सजा सुनाई है। मुकेश कुमार पात्रे विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) बालोद के न्यायालय द्वारा आरोपी चेतन शर्मा पिता ताम्रध्वज शर्मा, उम्र 20 वर्ष, निवासी- कुंदरूपारा वार्ड 17 बालोद, थाना बालोद, जिला बालोद (छ०ग०) को अपहरण और दुष्कर्म के आरोप में दोष सिद्ध होने के बाद विभिन्न धाराओं के तहत उक्त दंड से दंडित किया। प्रकरण विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो), छन्नू लाल साहू के अनुसार अभियोगी / सूचनाकर्ता पीड़िता 7 नवम्बर 2019 को थाना बालोद में आकर इस आशय लिखित आवेदन पेश किया कि पीड़िता जब कक्षा दसवीं की पढ़ाई कर रही थी तब माह जून 2019 में स्कूल के बाहर चेतन से जान पहचान हुई। पहचान होने से आरोपी पीड़िता को प्रेम करने का इजहार किया, जिससे पीड़िता आरोपी के बातों में आकर उनके साथ प्रेम संबंध हो गया, जिसकी जानकारी घर वालों को होने पर पीड़िता को डांटा, जिससे पीड़िता गुस्सा होकर घर में बगैर किसी को बताये अपने मौसी के घर चली गई। उसके बाद नाना-नानी अपने साथ गुरूर ब्लॉक के ग्राम ले गये, जहां से आरोपी पीडिता को भगाकर बिहार पटना के पिरो गांव में अपनी बड़ी बहन के यहां ले गया। जहां पर आरोपी पीड़िता के साथ लगातार 12-13 दिन अनाचार किया। फिर वहां से आरोपी वापस बालोद में अपने भैया-भाभी के यहां ले जाकर 5 दिन रखा, वहां पर भी आरोपी द्वारा लगातार अनाचार किया। फिर आरोपी 29 अक्टूबर 2019 से 31 अक्टूबर 2019 तक सिवनी में अपने साथ रखा, वहां भी शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ लगातार दुष्कर्म किया। पीड़िता के परिवार वाले द्वारा पता तलाशी करने पर पीड़िता को आरोपी के साथ पाया गया। जहां से पीड़िता को थाना बालोद में ले जाया गया। पीड़िता के लिखित शिकायत के आधार पर उ. निरी. शोभा यादव द्वारा आरोपी चेतन शर्मा के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया गया। प्रकरण विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। जहां विचारण न्यायालय द्वारा प्रकरण में आये साक्ष्य के आधार पर उक्त दण्ड से दण्डित किया गया।

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