सुरडोंगर में बलवा- अवैध कब्जा का ऐसा अंजाम- गांव वालों ने लिया कानून को हाथ में, कब्जाधारी लोगों का अवैध मकान तोड़ा, बच्चों की किताबें भी जलाई



सोशल मीडिया में सामने आया वीडियो, पुलिस ने बलवा, मारपीट का भी केस दर्ज किया

बालोद। डौंडी ब्लाक के ग्राम सुरडोंगर में अवैध कब्जा के चलते विवाद इतना बढ़ा कि ग्रामीणों ने कानून को ही हाथ में ले लिया और भीड़ के साथ जाकर श्मशान घाट के पास कब्जा करके रह रहे 3 परिवारों के मकानों को तोड़ डाला। जिसमें से एक परिवार के साथ इस कदर मारपीट भी हुई कि मामले ने बलवा का रूप ले लिया। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में भी वायरल हो रहा है। तो साथ ही इस मारपीट के बाद उस परिवार के बच्चों का भी वीडियो सामने आया है जो इस घटना से बेघर हो गए हैं। बच्चों का वीडियो में कहना है कि गांव वालों ने उनकी किताबें तक जला दी है। पेड़ के नीचे उनका परिवार खाना बना रहा है। यही गुजारा कर रहे हैं। वही जो वीडियो सामने आया उसमें भी गांव वालों की निर्दयता नजर आ रही है। जो परिवार के सदस्यों को घेर कर लाठी व हांथ मुक्के से जमकर मारपीट कर रहे हैं। हालांकि इसमें दूसरा पहलू भी है। मारपीट दोनों पक्षों से हुआ है। डौंडी पुलिस ने इस मामले की जांच व वीडियो के अध्ययन के बाद कब्जा धारी परिवार की शिकायत पर गांव वालों के खिलाफ बलवा व मारपीट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। तो वही एक ग्रामीण नहल विश्वकर्मा की रिपोर्ट पर कब्जा करने वाले आरोपी गणेशराम बघेल, दसरू राम बारेकर, रूखमणी बघेल व साहिल बघेल के खिलाफ मारपीट का केस दर्ज किया है।

क्या कह रही पुलिस

डौंडी थाना प्रभारी अनिल ठाकुर का कहना है कि मामला मूलतः अवैध कब्जा को लेकर है। गणेशराम बघेल के द्वारा कई सालों से गांव के श्मशान घाट की जमीन के पास को कब्जा करके मकान बना लिया गया था। जिसे हटाने को लेकर कई बार उसे पंचायत प्रशासन द्वारा नोटिस भी दिया गया है। तो वही तहसीलदार के पास इसका केस भी चल रहा था। वहां से भी नोटिस आ चुका था इसे हटाया जाए लेकिन वह कब्जा नहीं हटाया था। जिसके बाद ग्रामीण आक्रोशित थे और फिर आवेशित ग्रामीणों ने जबरदस्ती जाकर वहां उनका मकान तोड़ दिया। उनके साथ मारपीट भी की। ग्रामीणों द्वारा यहां कानून को हाथ में लेकर गलती की गई। पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में अवैध कब्जे हटाने थे लेकिन वहां ग्रामीणों ने हटाया और परिवार वालों को मारपीट किया। जिस पर प्रार्थी गणेश बघेल की शिकायत पर मारपीट व बलवा का केस दर्ज किया गया है। जिसमें 6 लोग आरोपी बनाए गए हैं। गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। आरोपियों की पहचान हो गई है। गांव में अभी आक्रोश का माहौल है। इसलिए एक साथ गिरफ्तारी भी नहीं कर सकते। वरना अप्रिय स्थिति निर्मित हो सकती है। माहौल को देखते हुए कार्रवाई की जा रही है। ग्रामीणों का गुस्सा इस बात से है कि प्रशासन द्वारा भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। सिर्फ नोटिस दिया गया था। शासन प्रशासन द्वारा भी समय पर अवैध कब्जा नहीं हटाने के कारण ग्रामीणों ने खुद निर्णय लिया और कानून को हाथ में लेकर मारपीट करते हुए कब्जा हटाया, उनका मकान तोड़ा गया। जांच में यह भी बात आई की सिर्फ गणेश बघेल ही नहीं है बल्कि गांव के अन्य दो लोगों यानी कुल 3 लोगों का मकान इसी तरह से तोड़ा गया है। जो अवैध कब्जा करके रह रहे थे। मारपीट दोनों तरफ से हुआ है।

वायरल वीडियो को एसपी ने लिया गंभीरता से

मामले में घटना के दौरान व घटना के बाद की कुछ वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रही है। जिसमें 2 बच्चों द्वारा घटना के बारे में बताया जा रहा है तो साथ ही एक वीडियो में ग्रामीणों द्वारा घेर कर मारपीट करने का दृश्य भी सामने आया है। इस वीडियो को एसपी ने भी गंभीरता से लिया और संबंधित थानेदार को इस पर कार्रवाई के लिए निर्देश दिए। मामले में बलवा की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है तो वही दोनों पक्षों पर कार्रवाई हुई। क्योंकि गलती इसमें दोनों पक्षों से सामने आई है। ग्रामीणों का कहना है कि गणेश बघेल गांव का नहीं है। वह दामाद है और यहां कई साल से श्मशान घाट की जगह पर कब्जा करके रह रहा था। इसे हटाने के लिए कई बार कहा गया है लेकिन वह हटाता नहीं था। इस वजह से ग्रामीण उससे नाराज थे और शासन प्रशासन भी अतिक्रमण नहीं हटवा पा रहा था। जिसके चलते ग्रामीणों ने कानून को हाथ में ले लिया।

ये है गांव वालों की रिपोर्ट में

गाँव से नहल विश्वकर्मा ने थाने में रिपोर्ट लिखाई है. आरोप लगाया है कि  दशरूराम बारेकर का दमाद गणेश राम बघेल अपने परिवार सहित करीब 02 वर्ष से गांव में निवास करते है । गणेश राम बघेल के द्वारा गांव के शमशाम घाट में अवैध रूप से बेजा कब्जा कर मकान बनाया है । जहां  निवास करते है । ग्राम पंचायत सुरडोंगर एवं समस्त ग्रामवासी सुरडोंगर के द्वारा गांव में अवैध निर्माण करने वालो के खिलाफ बेदखली करने का आवेदन तहसील कार्यालय डौंडी में पेश किया गया है । तहसील न्यायालय डौंडी के द्वारा बेदखली करने का आदेश भी पारित हो चुका है । ग्राम पंचायत सुरडोंगर के द्वारा ग्राम विकास समिति सुरडोंगर को अवगत कराया गया, कि अवैध निर्माण बेदखली करने का आदेश प्राप्त हो चुका है । जिस पर ग्राम पंचायत के द्वारा 24 जनवरी2022 को गणेशराम बघेल को मकान खाली करने का नोटिस भेजा गया था किंतु गणेश राम के द्वारा नोटिस लेने से इंकार कर दिया। 30 जनवरी के 1 बजे ग्राम पंचायत सुरडोंगर के सरपंच एवं पंचगण तथा ग्रामवासी गणेश राम बघेल को मकान खाली करने के लिए बोलने गए थे, तभी गणेश राम बघेल व उसकी पत्नी रूखमनी बघेल, ससुर दशरूराम बारेकर, लडका साहिल बघेल के द्वारा तुम लोग कौन होते हो मकान खाली कराने वाला कहकर गाली गलौच करते हुए मारने पीटने की धमकी देकर लकड़ी के डंडा से एवं हाथ मुक्का से मारपीट किये है । दशरू बारेकर के द्वारा मुझे लकडी के डंडा से मारपीट करने से सिर में चोट आया है तथा गणेश बघेल द्वारा हाथ मुक्का से मारपीट किया है व गंगा बाई साहू को रूखमनी बघेल के द्वारा डंडा से मारपीट करने से दाहिने हाथ की कोहनी में चोट आया है व चंपेश्वरी साहू को रूखमनी बघेल लकडी के डंडा से मारपीट किया है व साहिल द्वारा हाथ मुक्का से मारपीट किया गया है, जिससे बांए हाथ की पसली में चोट आया है । घटना को ग्राम सरपंच कोमेश कोर्राम, पंच आनंदी मरकाम, ग्रामवासी सुखचैन ठाकुर और देवधर साहू देखे सुने है ।

गणेश बघेल का ये है कहना

गणेश ने कहा मैं ग्राम सुरडोंगर वार्ड क्र0 08 थाना डौंडी जिला बालोद का रहने वाला हूं । वेल्डिंग का काम करता हूं । ग्राम सुरडोंगर मेरा ससुराल है । मैं करीब 20 वर्षो से परिवार के साथ सुरडोंगर में रहता हूं । मैं अपनी निस्तारी के लिए आठ वर्षो से गांव के शमशान घाट के पास कच्चा मकान बनाकर परिवार के साथ निवास करता हूं । इसके पूर्व सरपंच ग्राम पंचायत सुरडोंगर में आवास के लिए आवेदन दिया है आज तक आवास पास नही हुआ है, 30 जनवरी 2022 को दोपहर करीबन 01/30 बजे मैं और मेरी पत्नी रूखमणी लडका साहिल, सागर एवं ससुर दसरूराम बारेका के साथ घर में थे । उसी समय गांव का देवधर साहू, नहल विश्वकर्मा, संतु लोहार, शिव मरकाम, आनंदी बाई मरकाम, गंगा बाई साहू आये और एक राय होकर मकान खाली करो बोलने लगा, जिस पर हम लोग एक दो रोज का समय दो निवेदन करने पर सभी लोग एक राय होकर  गाली गुप्तार करते हुए मारने पीटने की धमकी देकर हाथ मुक्का से मारपीट किये है । मुझे  देवधर साहू द्वारा लकडी के डंडा से सिर में व नहल विश्वकर्मा हाथ मुक्का से दाहिने हाथ के भुजा में मारपीट कर चोट पहूंचाया है  तथा ससुर दसरूराम बारेका को संतु लोहार के द्वारा लकडी के डंडा से मारपीट किये है जिससे कमर में चोट आया है और लडका साहिल बघेल को नहल विश्वकर्मा व शिवकुमार मरकाम के द्वारा हाथ मुक्का से मारपीट करने से दाहिने हाथ के कोहनी व नाक के पास चोट आया है । पत्नी रूखमणी बघेल को आनंदी बाई मरकाम, गंगा बाई साहू के द्वारा हाथ मुक्का से मारपीट करने से दाहिने कोहनी, सिर, कमर में चोट आया है । लडका सागर को भी मारपीट करने से चोट आया है, मेरे मकान को भी तोडफोड कर दिये है ।

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