फॉलोअप- सुरडोंगर कांड- अब तक नहीं हो पाई आरोपियों की गिरफ्तारी, मामले में कब्जाधारी परिवार के समर्थन में संगठन आ रहे सामने, एसटी एससी की धारा के तहत कार्रवाई की भी उठ रही मांग



बालोद। सुरडोंगर में अवैध कब्जे को लेकर हुए बलवा व मारपीट के मामले में कब्जा धारी परिवार के समर्थन में विभिन्न संगठन और लोग सामने आ रहे हैं और मामले में ठोस कार्रवाई की मांग उठने लगी है। लोगों का कहना है कि अवैध कब्जा तो कई जगह हुआ रहता है लेकिन इस तरह से कानून को हाथ में लेकर लोगों द्वारा तोड़फोड़ करना व उनके साथ मारपीट करना गलत है। यह भी आरोप लग रहा है कि गांव वालों द्वारा पीड़ित परिवार गणेश बघेल को जातिगत गालियां देकर प्रताड़ित की गई है व केस वापस लेने के लिए धमकी दी जा रही है। जिसको देखते हुए विभिन्न संगठन के लोग गणेश का साथ देते हुए मामले में ठोस कार्रवाई की मांग करने लगे हैं। मामले में जातिसूचक गालियां व धमकी देकर मारपीट की गई है। इस पर भी एसटी एससी एक्ट के केस दर्ज करने की मांग की जा रही है। इस मामले में गणेश बघेल को जाति प्रमाण पत्र पेश करने कहा गया है। पुलिस से प्राप्त जानकारी अनुसार पीड़ित मूलतः फिंगेश्वर क्षेत्र का निवासी है। वर्तमान का जाति प्रमाण पत्र दस्तावेज पेश करने के बाद मामले में अन्य धारा जोड़ने की बात पुलिस द्वारा कही गई है। इधर आगे मामले में गिरफ्तारी तो नहीं हो पाई है लेकिन डौंडी पुलिस ने बयान लेने की प्रक्रिया शुरू की है। हालांकि पीड़ित गणेश बघेल का कहना है कि वे अपने समाज के लोगों के सामने सार्वजनिक रूप से बयान देंगे। उनकी इच्छा अनुसार पुलिस ने उनके बयान दर्ज करने की बात कही है। तो वही पुलिस ने पीड़ित को जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेज पेश करने के लिए समय दिया है। ताकि मामले में एसटी एससी एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत भी केस दर्ज कर कोर्ट में चालान पेश किया जा सके। बयान व अन्य कार्रवाई के बाद मामले में गिरफ्तारी की बात पुलिस कर रही है। इधर इस घटना से विभिन्न संगठनों में आक्रोश की स्थिति निर्मित हो गई है। वर्तमान में पीड़ित परिवार अपने ससुर के घर गांव में ही रह रहा है। वही उनके लिए खाने पीने की व्यवस्था के तहत राशन सामग्री का इंतजाम पुलिस व प्रशासन की संयुक्त प्रयास से किया जा रहा है।

जातिगत शोषण नही बर्दाश्त करेंगे हम आजाद भारत में -नितिन भांडेकर (भाजयुमो उपाध्यक्ष)

इस मामले में भाजयुमो उपाध्यक्ष एवं सिविल कोर्ट रायपुर के एडवोकेट नितिन भांडेकर ने आरोप लगाया कि लोगो ने सिर्फ इसलिये की वो मोची है।जोकि अनुसूचित जाति में (sc) में आता है, करके अपने ग्राम से छुआ छूत हटा रहे, करके एक लाचार के साथ पूरा ग्रामीण इतनी अत्याचार की हदे पार कर दिए कि उनका घर तोड़ दिए। बच्चों के पुस्तक कापियां जला दिए और जब रिपोर्ट दर्ज करवाने गए तो वहाँ भी पुलिस वाले कार्रवाई करने में कतराते नजर आए और उनके साथ बदसलूकी भी की गई। और मामला सिर्फ बलवा और मार पीट का बनाया गया और अगले दिन से उनको राजीनामा करने का दबाव बनाया जा रहा है।अगर राजीनामा नही किया गया तो जान से मारने की धमकी दी जा रही। इस दर्दनाक घटना को देखते हुए भाजयुमो उपाध्यक्ष एवं सिविल कोर्ट रायपुर के एडवोकेट नितिन भांडेकर ने कड़ी निन्दा करते हुए कहा की मेरे आजाद भारत देश जहां अंबेडकर जी के संविधान की गरिमा पूरे विश्व में गौरवपूर्ण है।ऐसे कानून को हाथ में लेने वाले और उनका समर्थन करने वाले प्रशासनिक लोगो को कानून की ताकत बताऊंगा और ऐसे कानून हाथ में लेकर जाति भेद भाव कर एक परिवार का आशियाना तोड़ मारपीट कर जान से मारने की धमकी देने वालो को कानूनी रूप से कार्रवाई करवा कर जेल भेजने तक मैं न्याय की मांग करता रहूंगा। साथ ही प्रशासन से यही अनुरोध है की दोषी गांव वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही जल्द से जल्द करें। नही तो आगे सामाजिक स्तर पर आंदोलन होना तय है। साथ ही मैं आईजी और राज्यपाल को इस संबंध में पत्र लिख कार्यवाही की मांग करूंगा। भूपेश बघेल के राज में ऐसी जातिगत घटनाएं हमे देखने को लगातार मिल रही है। कवर्धा,पत्थलगांव,बस्तर और अब बालोद में भी ऐसी घटनाए होना इशारा करती है की कांग्रेस सरकार हमे आपसी झगड़ा करवा कर प्रदेश में जातिगत लड़ाई कर राजनीति करने का प्रयास कर रही है।जिसमे गृहमंत्री के निर्देशानुसार पुलिस चुप्पी साधे बैठ तमाशा देख रही है। लेकिन कांग्रेस सरकार भूल गई है की अब समाज में पढ़े लिखे युवा ऐसे जातिगत राजनीति को बढ़ावा नही देती है और ना ही ऐसे पार्टी को चुनना उचित समझती है।
मैं नितिन भंडेकर प्रताड़ित परिवार को न्याय दिलाए बिना चैन से नहीं बैठूंगा।

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