पतियों पर जंगली सूअर और भालू का हमला, पत्नियों ने खुद की जान जोखिम में डाल बचाई उनकी जान



बालोद। बालोद थाना क्षेत्र में जंगली जानवरों के हमले की दो घटना सामने आई है। जिसमें एक में जंगली सूअर ने तो दूसरे में भालू ने हमला किया है । दोनों ही घटना में घायलों की स्थिति गंभीर है। घटना की अहम बात यह भी है कि दोनों घायलों को घटनास्थल पर उनकी-उनकी पत्नी ने अपनी जान जोखिम में डालकर बचाने का भी प्रयास किया और तब जाकर जंगली जानवर घटनास्थल से भाग खड़े हुए। पहली घटना ग्राम कन्नेवाड़ा( पर्रेगुड़ा) में हुई है जहां जगत राम पर जंगली सूअर ने हमला किया। जो कि तेंदूपत्ता तोड़ने गया हुआ था। इस दौरान उनकी पत्नी भीखम बाई भी साथ में थी। इस हमले को देखकर उनकी पत्नी जंगली सुअर को लाठी लेकर दौड़ाई। जंगली सूअर द्वारा उनके पति के हाथ पैर को बुरी तरह से नोच दिया गया है। दूसरी घटना मुल्ले में हुई है। जहां 45 साल के ललतु राम निषाद पर भालू ने हमला किया है। जिसने घायल के सिर को बुरी तरह से नोच डाला है। यहां भी उनकी पत्नी टेमिन बाई ने भालू को कुल्हाड़ी से मारा तब भालू भागा। सूचना पर संजीवनी 108 के ईएमटी कामत साहू और पायलट खेमलाल दोनों ने समय पर दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इधर जंगली जानवर से हमले की खबर मिलने के बाद वन विभाग का अमला भी जिला अस्पताल पहुंचा। डीएफओ आयुष जैन, स्थानीय रेंजर सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी भी पहुंचे और घायलों की खबर ली। उन्हें शासन की योजना के तहत लाभ दिलाने का आश्वासन दिया।

घने जंगल में जाने से बचे

इन दिनों तेंदूपत्ता तोड़ाई कार्य जोरों पर चल रहा है। ऐसे में शासन प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घने जंगलों में जाने से बचे। अक्सर लोग ज्यादा पत्तो के चक्कर में घने जंगल में जाते हैं। जहां पर जानवरों का बसेरा है या फिर कई बार पानी की तलाश में जानवर भटकते रहते हैं और इस तरह की घटना हो जाती है। जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने जा रहे हैं तो साथ में लाठी या कुल्हाड़ी या कोई ऐसा हथियार जरूर रखें जिससे अपनी रक्षा की जा सके। अकेले कभी जंगल में ना जाए। झुंड में तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए जाए।

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