कृषि विभाग में भृत्य के पद में नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले 2 लोग पकड़ाए, पुरूष आरोपी 2018 में भी इसी प्रकरण में जा चुका है जेल
दोनो आरोपीगण वर्ष 2016 से नौकरी लगाने के नाम पर कर रहे थे धोखाधड़ी
महिला आरोपी जिला अस्पताल मेकाहारा रायपुर में चपरासी के पद पर पदस्थ है
पुरुष आरोपी पूर्व में छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल तीसरी बटालियन अमलेश्वर जिला दुर्ग में प्रधान आरक्षक के पद पर पदस्थ था, जो वर्ष 2013 में विभाग से किया गया है सेवा से पृथक
बालोद। धोखाधड़ी के प्रकरण में पर पुलिस अधीक्षक बालोद गोवर्धन ठाकुर के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद प्रज्ञा मेश्राम के मार्गदर्शन में एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी प्रतीक चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक मनीष शर्मा के नेतृत्व में थाना स्तर पर एक विशेष टीम तैयार किया गया। प्रार्थी गाजेश्वर साहू पिता हिरामन साहू उम्र 27 साल निवासी कजराबांधा थाना रनचिरई जिला बालोद ने लिखित आवेदन रिपोर्ट दर्ज कराया था कि घटना दिनांक समय को आरोपीगण नारद नागवंशी, श्रीमती यशोदा साहू ग्राम परसोदा थाना व जिला बालोद के द्वारा प्रार्थी को कृषि विभाग में भृत्य पद में नौकरी लगाने के नाम पर 2,50,000 रू लेकर धोखाधड़ी करना व रकम वापसी का मांग करने पर प्रार्थी को गाली देकर जान से मारने की धमकी देने की रिपोर्ट पर थाना थालोद में अपराध क्रमांक 179/2022 धारा 420, 294, 506, 34 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। उक्त प्रकरण में आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु सउनि धरम भुआर्य के हमराह थाना बालोद का एक विशेष टीम तैयार कर रायपुर टीम रवाना किया गया था। टीम द्वारा जमीनी स्तर पर काफी मेहनत व लगन से आरोपी के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त कर आरोपीगण नारद प्रसाद नागवंशी पिता सुन्ना राम नागवंशी उम्र 59 साल स्थाईपता ग्राम जमुनिया पोस्ट उरथन तहसील परासिया जिला छिंदवाड़ा (मध्यप्रदेश), वर्तमान पता सत्यम विहार कालोनी महादेव घाट रायपुर रोड़ थाना डी.डी. नगर रायपुर जिला रायपुर, आधार कार्ड के आधार पर पता ग्राम भोथली पोस्ट सांकरा थाना अमलेश्वर जिला दुर्ग और यशोदा साहू पति स्व. लक्ष्मीनारायण साहू उम्र 39 साल स्थाईपाता ग्राम परसदा (झलमला) थाना व जिला बालोद वर्तमान में सत्यम विहार कालोनी महादेव घाट रायपुर रोड़ थाना डी.डी. नगर रायपुर जिला रायपुर को 15 अप्रैल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर लिया गया।
उक्त प्रकरण की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक मनीष शर्मा, सउनि धरम भुआर्य, महिला प्रधान आरक्षक देवकुमारी साह, आरक्षक भोपसिंह साहू की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस विवेचना में यह बात भी सामने आए थे 2018 में भी इसी तरह अन्य लोगों से भी पुरुष आरोपी नारद प्रसाद द्वारा 10 लाख से अधिक की धोखाधड़ी की गई थी। जिसमें 2018 में भी वह बालोद पुलिस की कार्रवाई के तहत जेल जा चुका था। वह बटालियन में पदस्थ था। उक्त आरोपी को इस कृत्य के चलते सेवा से हटाया भी जा चुका है। वहीं महिला आरोपी रायपुर अस्पताल में चपरासी थी।
ऐसे लिया था झांसे में
प्रार्थी गाजेश्वर साहू ग्राम कजराबांधा, थाना रनचिरई जिला बालोद ने शिकायत की थी कि सन 2016 में जान पहचान होने से आरोपी नारद नागवंशी एवं यशोदा साहू के द्वारा मुझसे कृषि उपज मंडी में भृत्य की नौकरी लगाने के नाम पर धोखाधडी कर नगदी रकम 2,50,000/- रूपये ले लिया । 05 वर्ष पूर्व नारद नागवंशी एवं यशोदा साहू, निवासी ग्राम परसदा (झलमला) थाना/तहसील/जिला बालोद (छ.ग.) से मुलाकात हुई तो नारद नागवंशी एवं यशोदा साहू के द्वारा मुझसे कहा गया कि, तुम्हे कार्यालय कृषि उपज मंडी समिति दुर्ग, जिला दुर्ग (छ.ग.) में भृत्य के पद पर नौकरी लगा दूंगा, और मुझे भृत्य के पद के लिए एक आवेदन पत्र दिया, उक्त आवेदन पत्र को भरकर अपने पास जमा करने के लिए कहा। जमा करने गया तो नारद नागवंशी एवं यशोदा साहू के द्वारा उक्त पद के लिए 2,50,000/- (दो लाख पचास हजार रूपये) का मांग कर कहने लगे कि, कहीं से भी पैसा की व्यवस्था कर तत्काल मेरे पास जमा कर दो। एक सप्ताह के बाद तुम्हारी नौकरी लग जाएगी । मै उन दोनों आरोपी के झांसे में आकर दिनांक 10 अप्रैल.2016 को 2,50,000 रूपए आरोपीगण को दिया । समय व्यतीत होने के बाद मेरी नौकरी नही लगाये तो मै, नारद नागवंशी एवं यशोदा साहू से लगातार राशि मांग किया तो नारद नागवंशी के द्वारा स्टेट बैंक आफ इंडिया का 1,00,000/- (एक लाख रूपये) का चेक क्रमांक 655494 दिया । उक्त चेक की राशि को आहरण हेतु मै अपने स्टेट बैंक आफ इंडिया गुण्डरदेही में जमा किया तो बैंक कर्मचारी ने बताया कि, नारद नागवंशी के द्वारा अपने खाते को बंद करा चुका है तथा उक्त चेक को फर्जी होना बताया। मै दिनांक 20 मार्च 2022 को नारद नागवंशी एवं यशोदा साहू के पास ग्राम परसदा जाकर राशि का मांग किया तो उक्त दोनों द्वारा मेरे साथ गाली-गलौच व जान से मारने की धमकी देते हुए कहने लगे कि, हमारा काम तो नौकरी के नाम पर लोगों को ठगना है तुझे एक पैसा नही देंगे, तुझे जो करना है कर लो तू कही भी हमारे खिलाफ शिकायत करेंगा कोई हमारा कुछ नही बिगाड सकेगा, हमारा बहुत ऊपर तक पहूंच है । इस प्रकार से नारद नागवंशी एवं यशोदा साहू के द्वारा नौकरी के नाम पर मुझे झांसा देकर 2,50,000/- रूपये का ठगी किया। उक्त राशि की मांग करने पर मुझे विगत सालों से अब तक लगातार शारीरिक, आर्थिक, मानसिक रूप से परेशान किया जाता रहा।
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