बालोद /जगन्नाथपुर। जगन्नाथपुर के बांध स्थित 11 वीं शताब्दी के शिव मंदिर में गुरुवार को विशेष शिवरात्रि मनाई गई। पुरातत्व विभाग द्वारा संरक्षित इस स्मारक को सहेजने का बीड़ा उठाते हुए पंचायत प्रतिनिधियों व ग्रामीणों ने मिलजुल कर यहां शिवरात्रि पर्व मनाने की नई परंपरा शुरू की। जो सफल रहा। सुबह 8 बजे से ही भक्तों की भीड़ जुटी। हवन पूजन हुआ। शिला चक्र को भी मंदिर परिसर में सजा कर रखा गया था। जिसकी वर्षों बाद पूजा की गई ।पूजन के बाद लोगों को खीर पूड़ी का प्रसाद वितरण किया गया।

ग्रामीणों व पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा किए जा रहे इस प्रयास की जानकारी मिलने के बाद जनपद सीईओ सुब्रत प्रधान, पंचायत इंस्पेक्टर सीपी यदु भी यहां पहुंचे और लोगों के कार्यों व भक्ति भाव को देखकर खुश हुए। उन्होंने सरपंच को मनरेगा के तहत यहां जो विकास कार्य हो सकते हैं उन्हें करवाने के लिए प्रस्ताव भेजने निर्देशित किया। सरपंच अरुण साहू ने बताया कि तालाब के तट को जोड़ते हुए इस जगह को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जा सकता है। अब हर साल शिवरात्रि पर्व यहां मनाया जाएगा।

इस पुरातत्विक शिव मंदिर को सहेजने का प्रयास हमेशा जारी रहेगा। जहां पहले सन्नाटा व वीरानी होती थी। वहां इस महाशिवरात्रि पर गांव के भक्तों की भीड़ देखने को मिली। खासतौर से बेटियां थाल सजाकर पूजा करने के लिए पहुंची। शिवरात्रि की उपवास रहने वाली महिलाओं व पुरुषों ने भी यहां पहुंचकर शिव जी को दूध व जल अर्पित किया। बेलपत्र से शिवलिंग का श्रृंगार किया गया। वर्तमान पीढ़ी जो इस जगह की पुरातात्विक महत्ता से अनजान थे उन्हें बुजुर्ग इसकी खासियत व इससे जुड़ी किस्से कहानी भी बताते रहे।

यहां पर 11वीं से 14 वे शताब्दी की शिवलिंग के अलावा गणेश की प्राचीन मूर्ति है। शासन के पुरातत्व विभाग ने इसे राज्य संरक्षित स्मारक घोषित किया है। आयोजन में प्रमुख रूप से सरपंच अरुण साहू व पत्नी सोनी साहू, जनपद सदस्य छगन देशमुख, मनोज सुकतेल, उपसरपंच नोखे पटेल, दानी राम देशमुख, नारायण देशमुख, रेवा राम साहू, कुसु राम ठाकुर, ईश्वरी साहू, कांति साहू, मालती ठाकुर, कमला मिथलेश, सुशीला देशमुख, यशोदा निर्मलकर, संतोष सेन, ओमलाल देशमुख, संजू गायकवाड़, दुलेन्द्र देशमुख, दीपक यादव, एवन विश्वकर्मा, वेदांत साहू,युगल देशमुख, नेमसिंग साहू, गुणेश्वर देशमुख का सहयोग रहा।

