एक्सक्लूसिव- आखिर ऐसा क्या हुआ कि मंत्री अनिला भेड़िया रो पड़ी भरी सभा में,देखिए यह मार्मिक खबर और तस्वीरें



दल्लीराजहरा में माथुर सिनेप्लेक्स में हुआ स्वर्गीय आलोक माथुर को समर्पित अर्पण पुस्तक का विमोचन,उनकी मां ने लिखी है बेटे को समर्पित यह पुस्तक

विमोचन में पहुंचे थे मंत्री अनिला, संसदीय सचिव कुंवर निषाद, विधायक संगीता सहित अन्य अतिथि

बालोद/ दल्ली राजहरा। आज दल्ली राजहरा, चिखला कसा के माथुर सिनेप्लेक्स में हर किसी की आंखें नम हो रही थी। वक्त ही ऐसा आया था कि दल्ली राजहरा के हर व्यक्ति के चहेते माथुर सिनेप्लेक्स के संचालक आलोक माथुर को याद करते हुए आज उनके नाम पर समर्पित अर्पण नामक पुस्तक का विमोचन जो हो रहा था। इस पुस्तक की खास यह है कि इसे उनकी मां शिरोमणि माथुर ने ही लिखा है। जो कि कवयित्री व लेखिका भी है। इस पुस्तक के विमोचन पर मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंची महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री अनिला भेड़िया इस दौरान भाषण देते देते भावुक हो गई और रो पड़ी। और उन्होंने स्वर्गीय आलोक माथुर की पत्नी की ओर देखते हुए कहा कि तुम्हारा दर्द क्या होता है? यह मुझसे ज्यादा कौन समझ सकता है। ऐसा कहते कहते मंत्री भरी सभा में बिलख पड़ी।

वहां मौजूद विधायक संगीता सिन्हा व स्वयं स्वर्गीय आलोक की मां शिरोमणि माथुर ने उन्हें संभाला और कुर्सी पर बैठाया। बता दें कि कुछ महीने पहले ही मंत्री अनिला भेड़िया के पति रिटायर्ड आईजी रविंद्र का भी हार्ट अटैक से निधन हुआ था। आयोजन में पहुंचे अन्य अतिथियों ने भी स्वर्गीय आलोक माथुर सहित उनके परिवार की बहू स्वर्गीय अनामिका माथुर, स्वर्गीय श्री राम माथुर व स्वर्गीय विनोद गुप्ता को भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान सभी ने वहां 3 मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की तो वही सभी अतिथि सभा को संबोधित करते भावुक हो गए।

लोगों ने स्वर्गीय  आलोक माथुर के कार्यों को याद किया।खुद स्वर्गीय आलोक की मां शिरोमणि माथुर भी भावुक होते हुए कहने लगी कि अपने बेटे के बारे में जितनी लिखूं वह कम है। अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द ही नहीं थे। उन्होंने अपने बेटे व बहू की याद में लिखी एक सुंदर कविता को पढ़कर सुनाया। जो लोगों के दिल को छू गई। उक्त कविता इस अर्पण पुस्तक का भी हिस्सा है। सभी अतिथियों ने माता शिरोमणि माथुर को सांत्वना दिया कि जब भी जरूरत पड़ेगी वे उनके साथ खड़े होंगे। बस एक आवाज दीजिए। इस दौरान परिवार से स्वर्गीय आलोक के भाई आशुतोष माथुर सहित अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। आलोक की बेटी अनादि भी पिता व चाची अनामिका की याद में माइक पर बोलती रो पड़ी।

मां पर संसदीय सचिव ने पढ़ी सुंदर पंक्तियां

विशेष अतिथि संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद ने कहा जब कोई अनायास हमें छोड़कर चला जाता है, उनकी यादें ही रहती हैं। दिवगंत आत्माओं को नमन करता हूं। शिरोमणि माथुर से हमने बहुत कुछ सीखा है। कांग्रेस में भाषण के दौरान जब हम उनके भाषण को सुनते थे तो एक अजीब सा शब्द संयोजन होता था। आज मुझे यहां आकर इस मां का प्यार मिला, उनके एक बुलावे पर आया। शिक्षा स्वास्थ्य व समाज सेवा में आलोक का योगदान रहा। उनकी यादें इस कविता में चिर स्थायी रहेगी। मां ही सब कुछ होती है। उन्होंने मां पर केन्द्रित एक सुंदर पंक्तियां पढ़कर मां के नाम की महत्ता बताई।

ऐसे उदाहरण भारत में कम मिलतें हैं

छत्तीसगढ़ फिल्म एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश अग्रवाल ने कहा आलोक हर पग पग मेरे साथ रहें। हम उन्हें काव्य रूप में आज श्रद्धाजंलि दे रहे है। जो अनुकरणीय हैं। ऐसे उदाहरण भारत में बहुत कम हैं। विधायक संगीता सिन्हा ने कहा ऐसे मां को मेरा नमन जो सब दुख को छिपाकर सब को खुश रखती है। उम्र दराज होकर भी माथुर मां में ऊर्जा है। उससे मुझे लगाव है। लगातार इस परिवार में दुख का पहाड़ टूटा। एक साल में सब कुछ बिखर गया। भावुक हो विधायक परिवार वालों से कहने लगी आपके पास मां है, संभलकर चलना है सभी को।

आलोक के काम को याद की मंत्री ने

मंत्री अनिला भेड़िया ने कहा गमगीन माहौल में आये हैं। मां की ममता इस पुस्तक में नही समा पायेगा। मां की आँचल बहुत बड़ी होती है। जिसमें वह सब समेट लेती है। उन्होंने आलोक के काम को याद करते हुए कहा चुनाव के समय केंद्रीय मंत्री का आगमन हुआ, तो अधिकारी हेलिकॉप्टर उतारने परमिशन नही दे रहें थे। तब आलोक ऐसा शख्स था, जिसने रातोरात अफसरों को उठाकर परमिशन निकलवाया।

साहित्यकार जेआर महिलांगे ने कहा अर्पण नाम देकर काव्य को परिणित किया गया है। आलोक की मां ने इसमें सभी तरह के विषयों को स्पर्श किया है।

राज योगिनी ब्रम्ह कुमारी पूर्णिमा ने कहा हर आत्मा का अपना एक विशेष पार्ट होता है। उस हिसाब से हर आत्मा अपना रोल निभाकर जाता है। आज जो विमोचन हुआ वह स्व आलोक के पीछे बहुत बड़ा राज है। शिक्षा के स्तर को उन्होंने उठाया। कवर्धा के  डीपीएस स्कूल का उन्होंने निर्माण किया। कुछ अपने लिए करके जाना है, यह बोलते थे। ध्यान भी करते थे। आध्यात्म के क्षेत्र में भी आगे रहे। हम सभी एक ऐसे स्थान पर जहां पर आज नही तो कल अपने आप को पहचानना है कि मेरी आने वाली पीढ़ी मेरे द्वारा बहुत आगे बढ़े और स्तर भी ऊंचा रहे, यह सब हमने आलोक में देखा।

ये भी रहे मौजूद

विमोचन के मुख्य अतिथि महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री अनिला भेड़िया थे। अध्यक्षता योगेश अग्रवाल ने की। विशेष अतिथि संसदीय सचिव व गुंडरदेही के विधायक कुंवर सिंह निषाद, बालोद विधायक संगीता सिन्हा, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चंद्रप्रभा सुधाकर, अपेक्स बैंक के पूर्व अध्यक्ष महावीर सिंह राठौर, प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष बीरेश ठाकुर, नगर पालिका दल्ली राजहरा के अध्यक्ष शिबू नायर, प्रदेश किसान मोर्चा के उपाध्यक्ष आलोक ठाकुर, भानुप्रतापपुर के पूर्व विधायक ब्रह्मानंद नेताम व अन्य उपस्थित रहे।

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