आमापारा बालोद में खुला सतलोक आश्रम (नामदान केंद्र), यहां होगी बिना आडम्बर दहेज़ मुक्त शादी



बालोद –  सतलोक आश्रम नामदान केंद्र बालोद का शुभारंभ आमापारा में पूर्व विधायक स्व लोकेंद्र यादव के निवास में किया गया. इसका एकमात्र उद्देश्य  लोगों में सदभावना पैदा करना, मानव समाज में जागृति उत्पन्न करना और मनुष्यों को काल जाल से  मुक्ति मार्ग का उदय करना है. इस आश्रम में बिना किसी आडम्बर के  दहेज़ मुक्त शादियां होगी. पहले यह आश्रम सुरेगांव में संचालित हो रहा था लेकिन अब जिला मुख्यालय के हिसाब से उक्त आश्रम को बालोद आमापारा में शिफ्ट किया गया है.

इस निशुल्क नामदान दीक्षा केंद्र सतलोक आश्रम के शुभारंभ पर  छत्तीसगढ़ राज्य कोऑर्डिनेटर भगत पंकज दास, छत्तीसगढ़ राज्य सोशल मीडिया सेवादार शंभू साहू, दुर्ग संभाग कोऑर्डिनेटर सनत जांघेल सहित जिले भर से लोग पहुंचे थे. बालोद जिला कोऑर्डिनेटर प्रमोद कुमार साहू ने बताया जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल महाराज का मिशन है कि  दहेज मुक्त भारत हो, नशा मुक्त देश हो, भ्रष्टाचार से हमारा  समाज दूर  रहे, आडंबर और पापाचार खत्म हो.  उन्होंने अपने शिष्य को सत्संग के माध्यम से अनेक उदाहरण प्रस्तुत कर सभी धर्म ग्रंथों की आधार पर हमारे पुराण और उपनिषदों का अध्ययन कर सच्ची भक्ति मार्ग की ओर ले जा रहे हैं. उनकी सानिध्य में जगह  जगह  दहेज रहित,  आडंबर बिना बाजा के  विवाह संपन्न कर रहे हैं. जिस तरह से सनातन धर्म में सद्गुरु का परिचय दिया है, वह वास्तव में जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल महाराज में दिखाई देता है. उनकी आज कई करोड़ शिष्य  उनसे नाम उपदेश लेकर उनके बताए हुए भक्ति मार्गो को अपना रहे हैं. आज हमारा देश विश्व गुरु बनने के कगार पर जा रहा है.

जिले भर से पहुंचे लोग

वास्तव में यहां संत गुनी होने के साथ-साथ तत्वदर्शी है और कहा जाता है कि भवसागर से पार होना है, तो किसी तत्वदर्शी संत से ही नाम दीक्षा लेनी होगी. इसी सिलसिले में सतलोक आश्रम नामदान केंद्र बालोद का शुभारंभ आमापारा में पूर्व विधायक स्व लोकेंद्र यादव के निवास में किया गया है.

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