बालोद। बालोद जिला सहित पूरे छत्तीसगढ़ में चर्चित बालोद ब्लॉक के करहीभदर पंचायत के सरपंच ओंकार साहू की हत्या के मामले में आज पुलिस ने खुलासा किया। मामले में अभी 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। तो वही अन्य संदेहियों से भी पूछताछ चल रही है। पूरे घटना की जड़ देखें तो एक विवादित खेत की खरीदी ही सरपंच के खात्मे की वजह बन गई। जिस परिवार के लोगों ने मिलकर हत्या की उस परिवार की एक बहु नूतन साहू ने उक्त खेत को लगभग ₹5 लाख में सरपंच को बेच दिया था। जो खेत विवादित था। खेत खरीदी के समय से लगातार उक्त परिवार के लोग सरपंच को चेता रहे थे कि यह खेत नहीं खरीदना था। यह हमारा है। इसे गलत तरीके से बेचा गया है। कभी आरोपी परिवार उस खेत में फसल लगाते थे तो उसे सरपंच कटवा देता था, कभी सरपंच कुछ फसल लगाते थे तो आरोपी परिवार उसे कटवा देता था। ऐसा विवाद कई वर्षों से चला आ रहा था। हत्या की घटना भी उसी खेत में विवाद के दौरान हुई। पुलिस के खुलासे व हमारी पड़ताल के मुताबिक घटना के दिन सरपंच खेत गया था। इस दौरान आरोपी पक्ष का ही ट्रैक्टर ड्राइवर अशोक साहू सरपंच से झगड़ा कर रहा था। सरपंच का कहना था कि खेत मेरी है। इस बार भी फसल मैं लगाऊंगा। मैं पहले धान बो चुका हूं। इस बार तुम लोग को फसल लेने नही दूंगा। फिर ड्राइवर ने आरोपी पक्ष को फोन करके बताया कि सरपंच झगड़ा कर रहा है। यहीं से तुरंत आरोपियों ने घर से ही प्लानिंग कर ली कि आज उसे जिंदा नहीं छोड़ेंगे और परिवार सहित आरोपी खेत पहुंच गए। बात बढ़ती गई और फिर क्या था।

खेत में ही सरपंच को बेदम पीटने मारने लगे। किसी ने फावड़े व डंडे से सिर पर तो किसी ने ट्रैक्टर के टूल बॉक्स में रखे पना पेंचीन्स से कई जगह वार किए। उसके कपड़े तक फाड़ दिए। उसे निर्वस्त्र कर दिया। जब सरपंच की मौत हो गई तो उसे दफनाने की प्लानिंग भी कर ली और खेत के बीच में उसे दलदल के बीच दफना दिया। इसके बाद आरोपी पक्ष ने ड्राइवर को थाने भेजकर यह साजिश रची गई की दुर्घटना हो गई है और सरपंच ट्रैक्टर की चपेट में आ गया है। ताकि यह हत्या ना लगे और बाकी आरोपी चुपचाप घर आ गए और अपने काम में लग गए। लेकिन घटना में एक चश्मदीद गवाह भी था। जिसके जरिए पुलिस को कड़ी से कड़ी मिलती गई और हत्या के संदेहियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। उनके बीच दुश्मनी की चर्चा पूरे गांव में थी। कड़ी पूछताछ व सबूतों के बाद आरोपियों ने हत्या करना स्वीकार किया।
पुलिस की प्रेस नोट भी पढ़िये

दिनांक 25.01.2021 को ग्राम चिरईगोड़ी खार में करहीभदर सरपंच ओंकार साहू की हत्या की सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बालोद जितेन्द्र सिंह मीणा के निर्देशन व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डी.आर पोर्ते के मार्गदर्शन में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बालोद दिनेश कुमार सिन्हा थाना बालोद पुलिस स्टाफ के साथ रवाना होकर घटना स्थल ग्राम चिरईगोडी खार में केनाल से लगभग 150 मीटर की दूरी, मृतक के हाल ही में खरीदे गये खेत पहुचे। जहां देखा गया कि आरोपी अशोक कुमार साहू पिता कामता साहू, के टैक्टर तथा पीछे लगे हुए दतारी के बीच ट्रैक्टर के पीछे पहिया के पास मृतक का शव खेत में धसा हुआ था उसके शरीर का मात्र पैर , कुल्हे तथा सिर का कुछ हिस्सा दिखाई दे रहा था जबकि बाकि हिस्सा पूरी तरह गिली मिटटी में नीचे धसा हुआ था। शव को ग्रामीणो की सहायता से खेत के गीली मिटटी से बाहर निकाला गया। शव को देखने पर ज्ञात हुआ कि मृतक ग्राम करहीभदर सरपंच ओंकार साहू की हत्या कर उसे खेत की गीली मिटटी में दबा दिया गया है तथा टैªक्टर को रिवर्स कर उसके पिछले हिस्से को चढा कर दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया है।
मौके पर देहाती मर्ग इंटीमेशन कायमी कर मर्ग पंचनामा की कार्यवाही के बाद प्रार्थी पुरानिक राम साहू पिता आत्माराम साहू, 56 वर्ष सा. ग्राम करहीभदर की रिपोर्ट पर आरोपियों के विरूद्ध धारा 302, 201, 34 भादवि. का देहाती नालसी दर्ज किया गया।

विवेचना के दौरान पता चला कि मृतक के द्वारा हरिशचंद की भाभी नूतन साहू से लगभग 04-05 माह पूर्व खेत को मृतक ओंकार साहू के द्वारा खरीदे जाने के कारण हरिशचंद साहू के परिवार एवं ओंकार साहू का अक्सर वाद-विवाद होते रहता था। दिनांक 25.01.2021 को मृतक ओंकार साहू अपने गांव के एक अन्य लड़के के साथ चिरईगोड़ी अपने खेत को देखने आया था, उसी समय वहां अशोक साहू भी उसी खेत में बुआई करने आ गया, जिस पर दोनों के मध्य वाद विवाद एवं लड़ाई झगड़ा शुरू हो गया, इसी दौरान वहां पर अशोक साहू के अन्य परिजन हरिशचंद साहू, नेमीचंद साहू उर्फ नवीन साहू , हेमन्त साहू, कामता साहू, ईश्वरी साहू , सरस्वती साहू भी वहां आ गये, और ओंकार साहू हमारे जमीन पर कब्जा कर लिया है, हमेशा लड़ाई झगड़ा करता है कहते हुए सभी मिलकर बांस के डण्डा, लकड़ी के डण्डा, एक लोहे के पाना और एक रापा (फावड़ा) से मार कर ओंकार साहू की हत्या कर दिये।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बालोद के सतत् मार्गदर्शन में बालोद पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए घटना के मात्र 06 घंटे के भीतर अपराध में शामिल सभी 07 संदेहियो को पकड़कर थाना लाया गया। सभी आरोपियों ने पूछताछ करने पर अपराध करना स्वीकार किये। आरोपियों से हत्या मंे प्रयोग किए गए बांस के डण्डा, लकड़ी के डण्डा, एक लोहे के पाना और एक रापा (फावड़ा) तथा घटनास्थल में आने एवं घटना के बाद जाने के लिए प्रयोग किए गए 03 नग मोटर सायकल जप्त किया गया है। घटना स्थल से आरोपी के मैसी फग्र्युशन टैªक्टर तथा मृतक के होण्डा साईन मोटर सायकल को भी जप्त किया गया। प्रकरण में 07 आरोपियों के विरूद्ध धारा सदर का पर्याप्त साक्ष्य पाये जाने पर दिनांक 26.01.2021 को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया है।
उक्त नृशंस हत्या की गुत्थी को सुलझाने व आरोपीगण के त्वरित गिरफ्तारी में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बालोद दिनेश कुमार सिन्हा के नेतृत्व में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक जी.एस. ठाकुर, उप निरीक्षक यामन कुमार देवांगन, उप निरीक्षक शिशिर पाण्डे, सउनि. कांताराम घिलेन्द्र, सउनि बीजू डेनियल, प्रधान आर. 131 नर्मदा कोठारी ,आर. 1732 योगेश सिन्हा, 563 भोपसिंह साहू, 115 सुनील नेताम, 162 वेदप्रकाश साहू, 215 पुरूषोत्तम यादव, 270 रवि बंजारे व अन्य स्टाफ की सराहनीय भूमिका रही।
नाम अभियुक्तगण:–

01. अशोक कुमार साहू पिता कामता साहू, 37 वर्ष सा. चिरईगोड़ी थाना व जिला बालोद (छ.ग.), 02. हरिशचंद साहू पिता स्व. पंचम साहू, 53 वर्ष सा. चिरईगोड़ी 03. नेमीचंद साहू उर्फ नवीन साहू पिता हरिशचंद साहू, 25 वर्ष चिरईगोड़ी,(छ.ग.), 04. हेमन्त कुमार साहू पिता स्व. गुहाराम साहू, 41 वर्ष , 05. कामता साहू पिता स्व. पंचम साहू, 61 वर्ष सा. चिरईगोड़ी, 06. ईश्वरी साहू पति अशोक कुमार साहू, 30 वर्ष सा. चिरईगोड़ी, 07. सरस्वती साहू पति हेमन्त कुमार साहू, 39 वर्ष सा. चिरईगोड़ी
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