बालोद। गणेश विसर्जन के दिन परसोदा गांव में हुए विवाद के मामले में विशेष न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाते हुए आरोपी को कठोर कारावास की सजा सुनाई है। माननीय एस.एल. नवरत्न, प्रधान विशेष/सत्र न्यायाधीश (अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम) बालोद ने 11 फरवरी 2026 को निर्णय देते हुए आरोपी राजेश यादव, पिता हेमंत यादव, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम परसोदा, थाना बालोद को दोषी करार दिया।
न्यायालय ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 296 (तीन बार) के तहत 3-3 माह का कठोर कारावास एवं 500-500 रुपये अर्थदंड तथा अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(ध) के तहत 1 वर्ष का कठोर कारावास एवं 2000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।
शासन की ओर से प्रकरण की पैरवी लोक अभियोजक तोमन लाल साहू द्वारा की गई। मामले के अनुसार प्रार्थी झनेश रात्रे ने थाना बालोद में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 8 सितंबर 2025 की शाम लगभग 4 बजे ग्राम परसोदा के बिंदास चौक में गणेश विसर्जन के दौरान वह एवं अन्य लोग सफेद कुर्ता-पैजामा पहनकर नृत्य कर रहे थे। वे लोग रंग-गुलाल का प्रयोग नहीं कर रहे थे और जुलूस नयापारा पहुंचा ही था कि गांव के राजेश यादव ने शराब के नशे में आकर उन्हें रोकते हुए गाली-गलौच शुरू कर दी।
रिपोर्ट के अनुसार आरोपी राजेश यादव प्रार्थी को बचपन से जानता था और उसकी जाति के बारे में जानकारी रखते हुए जातिगत टिप्पणी एवं अश्लील गालियां दीं। साथ ही धमकी दी कि “तुम लोग मेरे टारगेट में हो, आज तुम्हें जिंदा नहीं छोड़ूंगा।” इस घटना के बाद प्रार्थी ने थाना में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर थाना अजाक, बालोद में आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत अपराध दर्ज किया गया। प्रकरण की विवेचना उप पुलिस अधीक्षक बोनीफास एक्का द्वारा की गई। न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी पाते हुए न्यायालय ने उक्त सजा सुनाई।
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