नकली पुलिसकर्मी युवक का असली ड्रामा, पापा की वर्दी पहन पहुंचता था कार में, लगाया था पुलिस का ही सायरन, करता था अवैध वसूली, पढ़िए पूरा मामला



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बालोद और गुण्डरदेही पुलिस ने मिलकर पकड़ा,आरोपी का पिता और बहन है पुलिस में

दीपक यादव,बालोद। बालोद जिले में नकली पुलिस का एक मामला सामने आया है। दरअसल में एक युवक जिसके पिता और बहन दोनों ही पुलिस में है l, वही अपने पिता की वर्दी पहन कर और राइफल लेकर फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया में प्रसारित करता था। लोग उनकी तस्वीर देखकर उन्हें असल में पुलिस वाला समझते थे और इसी नकली पहचान का फायदा उठाते हुए युवक गांव गांव में जाकर धौस दिखाता था। लोगों से अवैध वसूली करता था। इसका भांडा उस वक्त फूटा जब वह पैरी में एक महिला के घर उसे अवैध काम करती हो कहकर कर रेड मारने की बात करते हुए वहां पहुंचा था। नकली पुलिस बनने वाला आरोपी का नाम खपरी निवासी प्रवीण महिलांगे है। जिस पर अब पुलिस ने धारा 420 और लोक सेवक प्रतिरोपण की धारा 170 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल भेजा है।

बालोद थाना प्रभारी ने बातों में उलझाया, एसडीओपी और टीम ने रंगे हाथ पकड़ा

जब उक्त युवक प्रवीण पैरी में एक महिला के घर पहुंचा था और कहने लगा कि मैं क्राइम ब्रांच से हूं और रेड मारने आया हूं, तुम लोग अवैध काम करते हो तो वहां मौजूद एक युवक ने तत्काल बालोद के क्राइम ब्रांच के पहचान एक स्टाफ को फोन लगाया और पूछा कि आपका कोई आदमी रेड करने आया है। स्टाफ द्वारा उसकी फोटो भेजने कहा गया। जब युवक ने स्टाफ को फोटो भेजी तो कहा कि यह तो हमारे स्टाफ से नहीं है। इस पर फिर संदेह होने लगा। आरोपी द्वारा खुद को ग्रामीणों के समक्ष पुलिस कर्मी ही बताया जा रहा था और बाकायदा उसने बालोद के थाना प्रभारी रवि शंकर पांडे को फोन लगाकर कहने लगा कि सर मैं यहां रेड करने आया था और गांव वाले मुझे पकड़ लिए हैं। मेरी बात नहीं मान रहे हैं। थाना प्रभारी को भी उनकी बातों पर संदेह हुआ और उनसे बात करते हुए पूछा गया कि कहां से हो, कहां पदस्थ हो तो फिर वह गोलमोल जवाब देने लगा। कहने लगा कि मैं सीआरपीएफ से हूं। पहले कह रहा था क्राइम ब्रांच से हूं। जब थाना प्रभारी ने पूछा कि कौन से बटालियन से हो तो फिर वह आवाज ठीक से नहीं आ रही है, नेटवर्क नहीं है,, कहते हुए फोन काट दिया। ऐसे में तत्काल थाना प्रभारी ने जानकारी उच्च अधिकारियों को दी और उसे पकड़ने की प्लानिंग की गई। थाना प्रभारी लगातार आरोपी से बात कर उसे बातों में उलझाए रखे रहे। तब तक एसडीओपी देवांश सिंह राठौर और उनकी टीम ग्राम पैरी पहुंची और रंगे हाथ आरोपी युवक को पकड़ लिया गया। उसके घर खपरी ले जाकर भी उससे पूछताछ कर तलाशी ली गई और कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामान भी जप्त किए गए।
मतगणना के दिन भी पेट्रोल पंप में पेट्रोल डलवाकर बिना पैसा दिए हो गया था फरार, सीसीटीवी फुटेज से हुई आरोपी की हुई पहचान
जानकारी के मुताबिक इसी युवक के द्वारा पैरी के एक पेट्रोल पंप में मतगणना के दिन बाकायदा एक कार लेकर पहुंचा। जिसमें पुलिस की सायरन भी लगाया हुआ था। लगातार सायरन बज रहा था और पंप कर्मचारियों से कहने लगा कि मैं वीआईपी ड्यूटी में हूं। 3000 का पेट्रोल डाल दो। जब पैसे देने की बारी आई तो पैसा निकल रहा हूं कहकर वह कार में बैठा और फरार हो गया। इस दौरान उसका कुछ फुटेज पेट्रोल पंप की सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ था। जिसके आधार पर पंप कर्मचारियों ने उसकी पहचान की। जब वहा दोबारा पैरी में एक महिला के घर के पास आया और इसकी फोटो जब वहां खड़े एक युवक ने उन्हें भेजी तो पेट्रोल पंप वाले ने भी उसे पहचान लिया।

बलौदा बाजार पुलिस भी किया गिरफ्तार, तोड़फोड़ और चोरी करते कैमरे में कैद हुआ आरोपी प्रवीण
आरोपी युवक के खिलाफ बलौदा बाजार पुलिस ने भी मामला दर्ज किया है. विगत दिनों बलौदाबाजार में आगजनी की घटना हुई थी उस दिन भी आरोपी प्रवीण वहां मौजूद था। उसके द्वारा कलेक्तोटोरेट में तोड़फोड़ किया गया साथ ही एक कार का शीशा तोड़कर उसमें रखे लैपटॉप, मोबाइल एवं हार्ड डिस्क को पार कर दिया था. प्राप्त वीडियो फुटेज के आधार पर आरोपी की स्पष्ट पहचान हुई. जिसे गिरफ्तार कर, पूछताछ कर चोरी का लैपटॉप, मोबाइल एवं हार्ड डिस्क बरामद कर जेल भेजा गया. वहीं यह भी पता चला है कि आरोपी पूर्व में पोक्सो एक्ट के आरोप में जेल भी जा चुका है। जो जमानत पर छूट कर हाल ही में आया हुआ था। गांव वाले भी उसकी हरकतों से परेशान रहते थे। अक्सर वह अपने पिता के पुलिस में होने का रौब झाड़ते हुए अवैध वसूली करता था और खुद को भी पुलिस वाला बताता था। अपनी नीले रंग के कार में पुलिस का सायरन लगाकर रखा था और उसे बजाते हुए इधर-उधर घूमता था।

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