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सेवा और संवेदना के साथ मनाया स्थापना दिवस: नवचेतना समाज सेवी संगठन पहुंचा वृद्धाश्रम

जन्मदिवस को बनाया समाजसेवा का माध्यम, बुजुर्गों के बीच बांटी खुशियां

बालोद। नवचेतना समाज सेवी संगठन ने अपना स्थापना दिवस तांदुला जलाशय स्थित आदमाबाद वृद्धाश्रम में सेवा, स्नेह और आत्मीयता के वातावरण में मनाया। खास बात यह रही कि संगठन की संस्थापक एवं संयोजिका पद्मिनी देवेंद्र साहू ने अपने जन्मदिवस को समाजसेवा से जोड़ते हुए इसी दिन संगठन की स्थापना की थी। इसी कारण संगठन का स्थापना दिवस और उनका जन्मदिन एक साथ मनाया जाता है।

कार्यक्रम के दौरान वृद्धाश्रम की स्वरूपलता पांडे ने पद्मिनी साहू का मुंह मीठा कराकर जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं तथा धर्मकार्य, प्रकृति संरक्षण, जनसेवा, कन्या पूजन, जीवदया एवं भंडारा जैसे विभिन्न सामाजिक कार्यों में उनके योगदान की सराहना की।

“बुजुर्गों के चेहरे की मुस्कान ही सबसे बड़ा उपहार” – पद्मिनी साहू

इस अवसर पर पद्मिनी साहू ने कहा कि उनका उद्देश्य उन बुजुर्गों के जीवन में खुशियां लाना है, जो अपनों से दूर रहकर एकाकी जीवन व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि उनके प्रयासों से प्रेरित होकर लोग अपने जन्मदिन और विशेष अवसर वृद्धाश्रमों तथा सेवा संस्थानों में मनाने लगें, तो यही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।

उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष अपने जन्मदिवस पर किसी न किसी जनकल्याणकारी पहल की शुरुआत करना उनकी प्राथमिकता रहती है। इसी क्रम में इस वर्ष उन्होंने अरिना शिक्षण जनकल्याण समिति की सदस्यता ग्रहण कर सहयोग प्रदान किया है, जो लावारिस शवों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार का कार्य करती है।

सेवा कार्यों में सक्रिय संगठन की टीम

संगठन की अध्यक्ष पद्मिनी साहू के साथ उपाध्यक्ष दुर्गा जोशी, सचिव डिलेश्वरी साहू, कोषाध्यक्ष रीता पाठक तथा रुक्मणी कोसरे, सरिता साहू, वर्षा दुबे, ज्योति यादव, सुशीला गरिया सहित अनेक सदस्य लगातार सेवा कार्यों में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।

कार्यक्रम में डिलेश्वरी साहू, सरिता साहू, सुशीला गरिया, देवेंद्र साहू (सिविल इंजीनियर), डॉ. विजय क्षत्रिय, घनाराम साहू तथा अरिना शिक्षण जनकल्याण समिति की अध्यक्ष अपर्णा श्रीवास्तव, सचिव स्वरूपलता पांडे, उपाध्यक्ष अरीना पांडे, प्रबंधक अमित श्रीवास्तव सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन बुजुर्गों के साथ आत्मीय संवाद, शुभकामनाओं और समाजसेवा के संकल्प के साथ हुआ।

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