जगह-जगह जलभराव, नदी-नाले उफान पर; बालोद शहर के वार्ड 12 समेत कई इलाकों में घरों में घुसा पानी, आवागमन प्रभावित
बालोद। सावन के आगमन से पहले ही बालोद जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है। छोटे-बड़े नदी-नाले उफान पर हैं, वहीं कई निचले इलाकों में पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क मार्ग बाधित होने की स्थिति बनी हुई है।
भारी बारिश का सबसे अधिक असर जिले के निचले इलाकों में देखने को मिल रहा है। बालोद शहर के वार्ड क्रमांक 12, गंजपारा, कुर्मीपारा और तांदुला नगर क्षेत्र में जलभराव की स्थिति ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। तांदुला नगर वार्ड 12 के रहवासियों का कहना है कि बारिश के बाद क्षेत्र में इतना पानी भर गया है कि कई स्थानों पर लोगों का घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार कुछ जगहों पर पानी कमर तक पहुंचने की स्थिति बन गई है, जिससे रोजमर्रा के कामकाज के साथ-साथ आवागमन भी पूरी तरह प्रभावित हो रहा है।
नाली और सड़क निर्माण के टेंडर के बाद भी काम शुरू नहीं होने का आरोप

स्थानीय वार्डवासियों ने बताया कि क्षेत्र में जलभराव की समस्या को लेकर उन्होंने स्थानीय पार्षद से भी चर्चा की थी। लोगों के अनुसार उन्हें बताया गया था कि नाली एवं सड़क निर्माण के लिए टेंडर स्वीकृत हो चुका है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं होने के कारण हर बारिश में जलभराव की समस्या गंभीर रूप ले रही है। रहवासियों ने प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि जल निकासी की तत्काल व्यवस्था की जाए और प्रस्तावित नाली एवं सड़क निर्माण कार्य जल्द शुरू कराया जाए, ताकि भविष्य में बारिश के दौरान लोगों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
निचले इलाकों में पानी भरने से बढ़ी परेशानी
जिले के कई ग्रामीण क्षेत्रों में भी भारी बारिश का असर दिखाई दे रहा है। लगातार बारिश के कारण खेत-खलिहानों में पानी भर गया है, जबकि नदी और नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई छोटे-बड़े जलस्रोत उफान पर होने के कारण ग्रामीणों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक आने-जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा लोगों से नदी-नालों के उफान के दौरान उन्हें पार नहीं करने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतने की अपील किए जाने की आवश्यकता है।
सिया देवी मंदिर नारा गांव में घंटों फंसे रहे पर्यटक

भारी बारिश का असर पर्यटन स्थलों पर भी देखने को मिला। नारा गांव स्थित सिया देवी मंदिर में बारिश के कारण दोपहर करीब 1 बजे से शाम 7 बजे तक पर्यटकों के फंसे रहने की जानकारी सामने आई है। भारी बारिश के चलते यहां आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया। बताया जा रहा है कि काड़े क्षेत्र में निर्माणाधीन पुल के पास करीब 150 फीट लंबी सड़क भी पानी में डूब गई, जिसके कारण लोगों का आवागमन बाधित रहा।
बारिश के कारण सड़क और पुल निर्माण वाले स्थानों पर विशेष सावधानी की जरूरत है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे स्थानों पर प्रशासन को तत्काल सुरक्षा व्यवस्था एवं वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि बारिश के दौरान पर्यटकों और ग्रामीणों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बारिश ने खोली जल निकासी व्यवस्था की पोल
बालोद जिले में हुई भारी बारिश ने कई इलाकों में जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आने के बाद अब लोगों की नजर प्रशासन और नगर पालिका की कार्रवाई पर है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आती है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं होने के कारण समस्या लगातार बनी हुई है।
अब देखना होगा कि प्रशासन द्वारा जलभराव वाले क्षेत्रों में तत्काल राहत एवं जल निकासी की व्यवस्था कब तक की जाती है और लंबे समय से चली आ रही समस्या के स्थायी समाधान के लिए नाली एवं सड़क निर्माण जैसे कार्यों को कितनी जल्दी जमीन पर उतारा जाता है।
कुर्मीपारा में इन्द्रमणि के घर घुसा बारिश का पानी, नाली सफाई नहीं होने से बढ़ी परेशानी
बालोद शहर के कुर्मीपारा क्षेत्र में भारी बारिश के बाद इन्द्रमणि के घर में पानी घुसने की जानकारी सामने आई है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र की नालियों की नियमित सफाई नहीं होने के कारण बारिश का पानी निकासी के बजाय घरों और आसपास के इलाकों में भर रहा है। इससे रहवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते नालियों की सफाई और जल निकासी की उचित व्यवस्था कर दी जाती तो बारिश के दौरान इस तरह की स्थिति निर्मित नहीं होती। रहवासियों ने नगर पालिका प्रशासन से तत्काल नालियों की सफाई कराने और जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है।











