जिले के विभिन्न स्कूलों में पहुंची पुलिस टीम, विद्यार्थियों को यातायात नियमों, साइबर अपराध, नवीन कानून और नशे के दुष्परिणामों की दी जानकारी

बालोद, 29 जुलाई 2026। नाबालिग वाहन चालकों को वाहन चलाने से रोकने और विद्यार्थियों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बालोद पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के स्कूलों में विशेष यातायात जागरूकता अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक श्री किरण गंगाराम चव्हाण के निर्देशन एवं नेतृत्व में आयोजित इस अभियान के दौरान स्कूली विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को यातायात नियमों, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराध, नवीन कानूनों तथा नशे के दुष्परिणामों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। वहीं, जागरूकता अभियान के साथ-साथ नाबालिग बच्चों को वाहन देने वाले 11 अभिभावकों के विरुद्ध कुल 22 हजार रुपये की चालानी कार्रवाई भी की गई।
पुलिस अधीक्षक श्री किरण गंगाराम चव्हाण के निर्देशन में डीएसपी मुख्यालय श्रीमती श्रुति सिंह, डीएसपी बालोद श्री बोनीफास एक्का, सीएसपी राजहरा श्री विकास पाटले एवं डीएसपी गुरुर श्रीमती माया शर्मा के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

इसी क्रम में यातायात प्रभारी बालोद श्री रविशंकर पाण्डेय, थाना प्रभारी बालोद श्री शिशुपाल सिन्हा, थाना प्रभारी राजहरा निरीक्षक अविनाश सिंह, थाना प्रभारी सनौद श्री नरेश देशमुख, थाना प्रभारी गुण्डरदेही श्री नवीन बोरकर, थाना प्रभारी रनचिरई श्री दिनेश कुर्रे, थाना प्रभारी मंगचुवा श्री उत्तम गावड़े, थाना प्रभारी सुरेगांव श्री सोनसिंह सोरी सहित अर्जुन्दा एवं डौण्डी थाना प्रभारियों द्वारा विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया।

नाबालिगों को वाहन देने पर अभिभावकों को कानूनी प्रावधानों की दी जानकारी
महावीर इंग्लिश मीडियम स्कूल बालोद, संस्कार शाला बालोद, स्वामी आत्मानंद स्कूल अर्जुन्दा, सनौद एवं गुण्डरदेही, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भर्रीटोला, डौण्डी, शासकीय महाविद्यालय अर्जुन्दा, शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल भंवरमरा, शासकीय स्कूल राजहरा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भीमकन्हार एवं स्वामी आत्मानंद स्कूल डौण्डीलोहारा सहित विभिन्न विद्यालयों में आयोजित जागरूकता कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने विशेष रूप से विद्यार्थियों को समझाया कि 18 वर्ष से कम आयु में बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाना कानूनन अपराध है। नाबालिगों को वाहन चलाने से रोकने के लिए अभिभावकों की जिम्मेदारी पर भी प्रकाश डाला गया तथा संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने नाबालिग बच्चों को वाहन न दें और उनकी सुरक्षा के साथ-साथ सड़क पर अन्य लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
विद्यार्थियों ने ली सड़क सुरक्षा की शपथ
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा एवं नाबालिगों द्वारा वाहन नहीं चलाने के संबंध में शपथ दिलाई गई। विद्यार्थियों ने सदैव यातायात नियमों का पालन करने, सुरक्षित तरीके से वाहन चलाने तथा अपने परिवार एवं आसपास के लोगों को भी यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाइश देते हुए कहा कि 18 वर्ष की आयु से पहले वाहन न चलाएं, वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करें, शराब का सेवन कर वाहन न चलाएं और वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही वाहन चलाएं। साथ ही सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करने तथा सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए भी प्रेरित किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा संबंधी पाम्पलेट भी वितरित किए गए।
नाबालिगों को वाहन देने वाले 11 अभिभावकों पर कार्रवाई
जागरूकता अभियान के साथ शाम के समय जयस्तंभ चौक बालोद एवं डौण्डीलोहारा क्षेत्र में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के मामलों में कार्रवाई की गई। पुलिस द्वारा 11 नाबालिग वाहन चालकों के अभिभावकों पर कुल 22 हजार रुपये की चालानी कार्रवाई की गई। इसके साथ ही अभिभावकों को बुलाकर स्पष्ट समझाइश दी गई कि वे भविष्य में अपने नाबालिग बच्चों को वाहन न दें। पुलिस ने कहा कि बच्चे की उम्र 18 वर्ष पूर्ण होने तथा वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने के बाद ही उन्हें वाहन चलाने की अनुमति दी जाए।
साइबर अपराध से बचाव के बताए उपाय
कार्यक्रम के दौरान सभी थाना प्रभारियों एवं साइबर सेल प्रभारी श्री धरम भूआर्य द्वारा विद्यार्थियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति भी जागरूक किया गया। बच्चों को अनजान कॉल एवं वीडियो कॉल से सावधान रहने, अज्ञात लिंक पर क्लिक नहीं करने तथा ओएलएक्स ठगी, इनाम एवं लालच आधारित धोखाधड़ी सहित विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के उपाय बताए गए। पुलिस ने विद्यार्थियों को साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क कर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।
नशे से दूर रहने और जिम्मेदार नागरिक बनने की अपील
पुलिस अधिकारियों ने स्कूली बच्चों एवं शिक्षकों को नवीन कानूनों, सामाजिक जिम्मेदारी और सुरक्षित जीवनशैली के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए अनुशासन, कानून का पालन और नशे से दूरी बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए किसी भी प्रकार के नशे एवं गलत संगत से दूर रहने, अच्छे संस्कार अपनाने तथा परिवार, समाज एवं देश के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस ने विद्यार्थियों से कहा कि यदि उन्हें किसी प्रकार की समस्या, अपराध या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलती है तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। आपात स्थिति में 112 पर संपर्क कर पुलिस की सहायता प्राप्त की जा सकती है।
बालोद पुलिस की अपील
बालोद पुलिस ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन चलाने के लिए न दें। बच्चों की सुरक्षा के साथ-साथ सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की सुरक्षा भी सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। पुलिस ने नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करने, साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और नशे से दूर रहकर समाज को सुरक्षित बनाने में सहयोग करने की अपील की है।
बालोद पुलिस का संदेश— “सुरक्षित रहें, सतर्क रहें और जिम्मेदार नागरिक बनें।”












