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जिला प्रशासन सरपंचों और जनप्रतिनिधियों की हरसंभव मदद के लिए प्रतिबद्ध: कलेक्टर दिव्या मिश्रा

सरपंचों की बैठक लेकर कलेक्टर ने कहा—गांव के विकास से ही जिले और प्रदेश का विकास संभव, गुणवत्ता के साथ विकास कार्यों को दें गति

बालोद, 29 जुलाई 2026। जिला कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा कि सरपंच अपने ग्राम पंचायत के प्रथम नागरिक एवं निर्वाचित जनप्रतिनिधि होने के नाते समाज में महत्वपूर्ण एवं सम्माननीय स्थान रखते हैं। जिला प्रशासन ग्राम एवं ग्राम पंचायतों के विकास के लिए सरपंचों एवं जनप्रतिनिधियों को हरसंभव सहयोग एवं मदद उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी सरपंचों से अपने गांव, ग्राम पंचायत एवं जिले के सर्वांगीण विकास में सक्रिय सहभागी बनने की अपील की।

कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बुधवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिले के सरपंचों की बैठक लेकर ग्राम पंचायतों के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच उपस्थित रहे।

गांव के विकास में सरपंचों की भूमिका महत्वपूर्ण

बैठक में कलेक्टर ने कहा कि गांव के विकास से ही जिले, प्रदेश और देश का विकास संभव है। सरपंच ग्राम विकास को धरातल पर उतारने वाली महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ग्राम पंचायतों के विकास में सरपंचों की भूमिका और जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी सरपंचों से पूरी लगन एवं निष्ठा के साथ कार्य करते हुए अपने ग्राम पंचायतों में विकास के नए प्रतिमान स्थापित करने का आह्वान किया।

उन्होंने विकास कार्यों में गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कहते हुए कहा कि ग्राम पंचायतों में होने वाले प्रत्येक निर्माण कार्य में शत-प्रतिशत गुणवत्ता सुनिश्चित की जानी चाहिए। कलेक्टर ने कहा कि वे सरपंचों एवं जिलेवासियों की समस्याओं के निराकरण और आवश्यक सहयोग के लिए हर समय उपलब्ध हैं। उन्होंने नियमानुसार ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की स्वीकृति प्रदान करने तथा प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्यों को आगे बढ़ाने का आश्वासन भी दिया।

186 डीएमएफ प्रभावित गांवों में बनेगा विलेज एक्शन प्लान

कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बताया कि जिले के डीएमएफ से प्रभावित 186 गांवों में विकास कार्यों को गति देने के लिए ग्रामवासियों की सहमति से विलेज एक्शन प्लान तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सहमति और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए इस प्लान के आधार पर संबंधित ग्रामों में विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ अमलीजामा पहनाया जाएगा।

उन्होंने ग्राम पंचायतों के माध्यम से वीबी जीरामजी योजना के तहत प्राथमिकता के आधार पर विभिन्न निर्माण एवं विकास कार्य कराए जाने की जानकारी भी दी। जिला पंचायत सीईओ श्री सुनील चंद्रवंशी ने भी योजना के नए प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि जिला प्रशासन ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

वृहद वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील

कलेक्टर ने सरपंचों से अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे वृहद वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने गुरुवार 30 जुलाई को जिलेभर में आयोजित होने वाले वृक्षारोपण महाअभियान में अधिक से अधिक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन में अपना योगदान देने का आह्वान किया।

इसके साथ ही उन्होंने सरपंचों से जल संरक्षण की दिशा में भी प्रभावी पहल करने तथा किसानों को रबी सीजन में धान के स्थान पर अन्य फसलों का उत्पादन करने के लिए प्रेरित करने की अपील की, ताकि भूजल एवं जल संसाधनों का संरक्षण किया जा सके।

कर अदायगी और घुमंतू मवेशियों की समस्या के समाधान पर जोर

कलेक्टर ने ग्राम पंचायतों के सर्वांगीण विकास के लिए आम नागरिकों को नियमानुसार कर अदायगी के लिए प्रेरित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि पंचायतों के पास उपलब्ध संसाधनों को मजबूत करने से स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को गति दी जा सकती है।

उन्होंने पशुधन की सुरक्षा के उपायों को प्रभावी बनाने तथा सड़कों पर विचरण करने वाले घुमंतू मवेशियों की समस्या के समाधान के लिए भी ठोस कदम उठाने की अपील की। बैठक में उपस्थित सरपंचों ने ग्राम पंचायतों से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव एवं समस्याएं भी सामने रखीं। अधिकारियों ने संबंधित विषयों पर आवश्यक सहयोग एवं कार्रवाई का आश्वासन दिया।

बैठक के माध्यम से जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायतों के विकास में सरपंचों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए प्रशासन और पंचायतों के समन्वय से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास को नई गति देने पर जोर दिया।

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