बालोद। शहर में लगातार गंदे एवं मटमैले पानी की शिकायतें मिलने के बाद कांग्रेस पार्षद दल ने बुधवार को बालोद फिल्टर प्लांट का निरीक्षण कर पेयजल व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान पार्षदों ने फिल्टर प्लांट की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए शहरवासियों को स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की।
निरीक्षण के दौरान कांग्रेस पार्षद दल ने आरोप लगाया कि फिल्टर प्लांट में उपयोग के लिए लाई गई रेती करीब एक वर्ष से रखी हुई है, लेकिन अब तक उसे फिल्टर बेड में नहीं डाला गया है। पार्षदों ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर रेती को फिल्टर बेड में नहीं डालने का कारण क्या है, इसका जवाब शहर की जनता को मिलना चाहिए।

पार्षदों ने यह भी कहा कि फिल्टर प्लांट में एलम, फिटकरी और चूने का नियमित उपयोग किए जाने के बावजूद यदि शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल नहीं मिल पा रहा है, तो यह पूरी जल शोधन व्यवस्था और पानी की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से व्यवस्था की जांच कर कमियों को तत्काल दूर करने की मांग की।

कांग्रेस पार्षद दल ने नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को पूरे मामले की तत्काल जांच कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ताकि बालोद शहर के नागरिकों को जल्द से जल्द स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। पार्षदों ने कहा कि स्वच्छ पानी प्रत्येक नागरिक का अधिकार है और पेयजल की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका परिषद बालोद के नेता प्रतिपक्ष कसीमुद्दीन कुरैशी सहित पार्षद सुनील मालेकर, निर्देश पटेल, सुमित शर्मा, रीता सोनी एवं किरण साहू उपस्थित रहे।











