प्राचार्य बोले- विभाग को कई बार दी लिखित सूचना, जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा- जांच कराकर कराया जाएगा सुधार
बालोद। शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के दावों के बीच शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलोदा में विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। विद्यालय परिसर में स्थित शौचालय पिछले करीब तीन वर्षों से जर्जर स्थिति में पड़ा हुआ है। शौचालय की खराब हालत के कारण विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के साथ-साथ शिक्षकों को भी काफी असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी छात्राओं को उठानी पड़ रही है, जिन्हें स्वच्छ एवं सुरक्षित शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं हो पा रही है।
विद्यालय के प्राचार्य भागवत दास सोनवानी ने बताया कि शौचालय की जर्जर स्थिति एवं समस्या से संबंधित विभागीय अधिकारियों को कई बार लिखित रूप से अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि शौचालय निर्माण के लिए विकासखंड स्तर पर स्वीकृति होने की जानकारी है, लेकिन निर्माण एजेंसी कौन है, इसकी स्पष्ट जानकारी उन्हें नहीं है।
इधर, विद्यालय की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों एवं अभिभावकों में भी नाराजगी है। उनका कहना है कि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन एवं शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। इसके बावजूद लंबे समय से शौचालय की समस्या का समाधान नहीं होना चिंता का विषय है। ग्रामीणों और अभिभावकों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि जर्जर एवं अधूरे पड़े शौचालय का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा कराया जाए, ताकि विद्यार्थियों को आवश्यक मूलभूत सुविधाएं मिल सकें और विद्यालय का शैक्षणिक वातावरण बेहतर हो सके।
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी दीपक दुबे ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी और आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कराया जाएगा।
अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग द्वारा जांच के बाद इस समस्या के समाधान के लिए कितनी जल्दी ठोस कदम उठाए जाते हैं और विद्यालय के विद्यार्थियों को जर्जर शौचालय की समस्या से कब तक राहत मिल पाती है।











