जिला सरपंच संघ ने मुख्यमंत्री और कलेक्टर के नाम सौंपा ज्ञापन, पंचायत विकास, आवास, शिक्षकों की कमी, जल जीवन मिशन सहित कई अहम मुद्दे उठाए

बालोद, 30 जुलाई।
जिला पंचायत सभागार में बुधवार शाम 5 बजे से 7:30 बजे तक कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी की मौजूदगी में जिला सरपंच संघ के नेतृत्व में जिले के सभी विकासखंडों के सरपंचों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। लगभग ढाई घंटे तक चली इस बैठक में ग्राम पंचायतों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा हुई। जिला सरपंच संघ के अध्यक्ष क्रांति भूषण साहू ने मुख्यमंत्री एवं कलेक्टर के नाम तैयार 16 सूत्रीय मांगपत्र को बिंदुवार पढ़कर सभी सरपंचों की ओर से समस्याएं रखीं और उनके निराकरण की मांग की। कलेक्टर ने सभी मांगों और समस्याओं पर गंभीरता से विचार करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
बैठक में सरपंच संघ ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 की एआई जनरेटेड सूची में अपात्र घोषित हितग्राहियों को पुनः जोड़ने, प्रधानमंत्री आवास की राशि 2.50 लाख रुपये करने तथा पूर्व निर्मित मकानों के ऊपर आवास निर्माण की अनुमति देने की मांग की। इसके अलावा 50 लाख रुपये तक के विकास कार्य ग्राम पंचायतों के माध्यम से कराने और बाहरी ठेकेदारी व्यवस्था समाप्त करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई।
सरपंच संघ ने गरीबी रेखा सर्वे एवं सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए नई पात्रता सूची तैयार होने तक हितग्राही चयन का अधिकार ग्राम सभा को देने, प्रत्येक सरपंच को प्रतिवर्ष तीन लाख रुपये की सरपंच निधि उपलब्ध कराने तथा 16वें वित्त आयोग की राशि वर्तमान जनसंख्या के आधार पर जारी करने की मांग रखी। पंचायत अधिनियम में संशोधन कर अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया सरल बनाने और ग्राम सभा के प्रस्तावों के आधार पर किए गए कार्यों में सरपंचों पर कार्रवाई नहीं करने की मांग भी की गई।
बैठक में आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए गोधाम योजना पुनः शुरू करने, पंचायत भूमि को आबादी घोषित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने, पंचायत कर्मचारियों के मानदेय का प्रावधान सुनिश्चित करने, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र के लिए ग्राम सभा के प्रस्ताव को मान्यता देने, गौण खनिज मद की लंबित राशि जारी करने तथा सरपंच, उपसरपंच एवं पंचों के मानदेय में वृद्धि सहित पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग भी रखी गई।
सरपंच संघ ने वैकल्पिक रोजगार सहायकों के मानदेय का भुगतान जिला या जनपद स्तर से कराने, 16वें वित्त आयोग की प्रदर्शन आधारित राशि नहीं रोकने तथा जल जीवन मिशन के अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा कराने की मांग भी की। इसके साथ ही जिला स्तर पर सचिवों के लंबित स्थानांतरण, 15वें वित्त आयोग की लंबित फाइलों, शिक्षकों की कमी, जर्जर स्कूल भवनों, मोबाइल टावरों का लंबित किराया, डीएमएफ मद के अटके भुगतान, राजस्व प्रकरणों के निराकरण तथा पंचायतों में विकास कार्यों की स्वीकृति जैसे मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए।
कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बैठक में उपस्थित सभी सरपंचों को आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन ग्राम पंचायतों के विकास और जनहित से जुड़े प्रत्येक विषय पर सकारात्मक पहल करेगा तथा नियमों के अनुरूप समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने सरपंचों से विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जनभागीदारी को प्राथमिकता देने की अपील भी की।












