कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने सीड बॉल बांटकर किया शुभारंभ, आमजन से की पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी की अपील
बालोद, 15 जून। जिले को अधिक हराभरा और पर्यावरणीय रूप से समृद्ध बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन बालोद द्वारा ‘मिशन अंकुर’ अभियान की शुरुआत की गई। संयुक्त जिला कार्यालय के जनदर्शन कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने आमजनों को सीड बॉल वितरित कर अभियान का शुभारंभ किया और उन्हें खाली स्थानों पर सीड बॉल डालकर हरियाली बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल, दुर्ग वनमंडल के वनमंडलाधिकारी श्री दीपेश कपिल, जिला पंचायत सीईओ श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
क्या है सीड बॉल?

सीड बॉल मिट्टी, खाद और विभिन्न उपयोगी वृक्षों के बीजों से तैयार की जाने वाली छोटी गेंद होती है। इसकी खास बात यह है कि इसे लगाने के लिए गड्ढा खोदने की जरूरत नहीं होती। इसे जंगल, पहाड़ी, खाली जमीन, हाई ट्रेंच या बंजर क्षेत्र में फेंका जा सकता है। बारिश के बाद यह अंकुरित होकर पौधे का रूप ले लेती है।
स्थानीय प्रजातियों के बीजों से तैयार हो रहे सीड बॉल
मिशन अंकुर के तहत नीम, पीपल, बरगद, मुनगा, करंज, कटहल और इमली जैसे स्थानीय एवं उपयोगी वृक्षों के बीजों का उपयोग किया जा रहा है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के स्व-सहायता समूहों द्वारा 2 लाख 50 हजार और वन विभाग द्वारा 1 लाख सीड बॉल तैयार किए गए हैं। इस तरह कुल 3 लाख 50 हजार सीड बॉल तैयार किए गए हैं।
जल संरक्षण और हरियाली दोनों पर जोर

कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जल संरक्षण के महत्व पर जोर दिया और लोगों को सोखता गड्ढा तथा रेन वाटर हार्वेस्टिंग अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जिले में सभी के सहयोग से 3 लाख 50 हजार से अधिक पौधारोपण किया गया था।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष भी जिले को हराभरा बनाने के लिए 2 लाख 25 हजार से अधिक ट्रेंच निर्माण किया गया है और अब मिशन अंकुर के माध्यम से जनभागीदारी को बढ़ाया जा रहा है।
“बीज बचाइए, सीड बॉल बनाइए, हरियाली बढ़ाइए”
कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की कि वे घरों में उपलब्ध फलों और वृक्षों के बीजों को सुरक्षित रखें, उन्हें मिट्टी से लपेटकर सीड बॉल बनाएं और खाली स्थानों पर डालें, ताकि बारिश के मौसम में वे अंकुरित होकर पौधों का रूप ले सकें।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक और वन विभाग के अधिकारियों ने भी पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों से अधिक से अधिक भागीदारी की अपील की। वहीं जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि पौधारोपण के साथ-साथ सीड बॉल मॉडल हरियाली बढ़ाने का एक सरल और प्रभावी तरीका है।
मिशन अंकुर अब केवल प्रशासनिक पहल नहीं, बल्कि जनभागीदारी से हराभरा बालोद बनाने का अभियान बनता नजर आ रहा है।









