सफलता: सोरर की छात्रा साधना साहू ने ऐसा बनाया मॉडल कि बच सकते हैं सरकार के लाखों रुपए, जानिए आप भी…



“इलेक्ट्रिक ओवरहेड स्टेक कवर” मॉडल का राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शनी के लिए हुआ चयन

बालोद/गुरुर …गुरुर ब्लॉक के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सोरर की छात्र साधना साहू द्वारा शिक्षकों के मार्गदर्शन में बनाए गए इलेक्ट्रिक ओवरहेड स्टेक कवर मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शनी में शामिल करने के लिए चुना गया है। इंस्पायर अवार्ड मानक योजना 2022-23 के अंतर्गत विगत दिनों राज्य स्तरीय प्रोजेक्ट स्पर्धा का आयोजन दिग्विजय स्टेडियम राजनंदगांव में हुआ था। जहां से मॉडल को चयनित किए जाने के बाद अब राष्ट्रीय स्तर के लिए भेजा जा रहा है। साधना साहू द्वारा बनाए गए इस मॉडल को अगर सरकार लागू करती है और यह तरीका अपनाती है तो वाकई में लाखों, करोड़ों रुपए बचाए जा सकते हैं। साधना के मॉडल का उद्देश्य खासतौर से धान संग्रहण केंद्र, सोसायटी, फड़ में होने वाले अनाजों की बर्बादी को रोकना है। इस मॉडल के जरिए बे मौसम बारिश या बारिश के दिनों में परिवहन के अभाव में स्टॉक में रखें धान को भीगने से बचाया जा सकता है। अक्सर देखा जाता है कि हर साल सोसाइटी में धान भीगता है। काफी धान खराब हो जाता है तो शॉर्टेज की समस्या आती है। जिससे शासन प्रशासन को ही काफी नुकसान पहुंचता है। और इसकी भरपाई करनी पड़ती है। ऐसे में साधना साहू द्वारा तैयार किया गया मॉडल अपनाए तो कम श्रम, कम मजदूर और कम समय में ही धान को भीगने से बचाया जा सकता है और घंटे का काम मिनटों में हो सकता है।

जानिए मॉडल के बारे में

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सोरर की छात्रा द्वारा बनाए मॉडल का नाम इलेक्ट्रीक ओवरहेड स्टेक कवर है। इसका उद्देश्य संग्रहण केन्द्रों में अनाज के स्टेक को बेमौसम बारिश से संरक्षित करना है।
कैसे काम करेगा ये मॉडल
चूंकि संग्रहण केन्द्रों में रखे अनाज के बोरियों को बेमौसम बारिश से बचाने में पारम्परिक विधि कारगर साबित नहीं होता है, यह मॉडल इलेक्ट्रीक विधि से कार्य करता है।
क्यों है इसका महत्व
चूंकि संग्रहण केन्द्रों में रखे अनाज बेमौसम बारिश से बचाने की पारम्परिक विधि में धन एवं श्रम की अधिक लागत होती है, यह मॉडल इलेक्ट्रीक ओवरहेड कवर घंटो का काम कम समय में सम्पन्न करता है, जिससे धन व श्रम की बचत तो होती है, साथ ही साथ अनाज भी सुरक्षित रहता है। इसका उपयोग इलेक्ट्रीसिटी या बैटरी या सोलर एनर्जी या मेनुअल मशीन से किया जाता है।

आठ बच्चों ने राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में किया था अपने मॉडल का प्रदर्शन

इंस्पायर अवार्ड मानक योजना 2022-23 के अंतर्गत राज्य स्तरीय प्रोजेक्ट स्पर्धा राजनांदगांव में संपूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के विभिन्न जिले के शासकीय एवं निजी विद्यालय के कक्षा छठवीं से लेकर दसवीं तक के 216 प्रतिभागियों ने जिला स्तर पर चयनित अपने प्रादर्श का प्रदर्शन किया था. बालोद जिले के विभिन्न पांच विकासखंड  से कुल 8 प्रतिभागियों का चयन राज्य स्तर की प्रदर्शनी के लिए हुआ था। इन प्रतिभागियों में कुमारी जय आरदे शासकीय हाई स्कूल खैरवाही ,डौण्डी कु.तरुणा शा. पू. मा. शाला  बम्हनी, कु. पूजा धुर्वे शा. कन्या पूर्व मा. शाला कुसुमकसा, कु. मीनाक्षी शास. हाई स्कूल नेवारीकला ,अमित कुमार साहू शास.हाई स्कूल भंडेरा, ऐश्वर्य शासकीय हाई स्कूल देवरी डी, वासुदेव टेकाम शास. पूर्व मा. शाला हितेकसा एवं कु. साधना साहू शा. उ.मा. विद्यालय सोरर, इन सभी आठ विद्यार्थियों ने अपने प्रादर्श का प्रदर्शन राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में किया । प्रदर्शनी में  आए वैज्ञानिकों द्वारा 20 श्रेष्ठ प्रादर्श का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी के लिए किया गया ।जिसमें बालोद जिले से कुमारी साधना साहू शास. उ. माध्यमिक विद्यालय सोरर के मॉडल का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी के लिए किया गया है.

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