10 दिवसीय रचनात्मक शिविर का उत्साहपूर्ण समापन, विद्यार्थियों ने कला, विज्ञान, खेल और नवाचार में दिखाई शानदार क्षमता
डौंडीलोहारा। पीएम श्री शासकीय प्राथमिक शाला डौंडीलोहारा में आयोजित दस दिवसीय समर कैंप का सफलतापूर्वक समापन उत्साह, रचनात्मकता और विद्यार्थियों की बहुआयामी प्रतिभा के प्रेरणादायी प्रदर्शन के साथ संपन्न हुआ। यह समर कैंप बच्चों के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास निर्माण, अनुभवात्मक शिक्षा और रचनात्मक अभिव्यक्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
हर दिन नई गतिविधि, हर बच्चे को मिला सीखने का अवसर
समर कैंप के दौरान प्रतिदिन अलग-अलग विषय आधारित गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। कैंप में स्टोरी टेलिंग, न्यूज़ एंकरिंग, भूमिका अभिनय, चित्रकला, लिप्पण आर्ट, क्राफ्ट वर्क, मिट्टी कला, मूर्तिकला, बांस कला, पेपर क्राफ्ट, पपेट शो, मुखौटा निर्माण, विज्ञान एवं गणित के रोचक प्रयोग, मानसिक खेल गतिविधियां, खेलकूद, ध्यान, योग तथा संगीत कक्षाएं आयोजित की गईं।
मिट्टी, रंग और कल्पना से बच्चों ने रची नई दुनिया

समर कैंप का विशेष आकर्षण बच्चों द्वारा तैयार किए गए रचनात्मक कार्य रहे। विद्यार्थियों ने मिट्टी के बर्तन और खिलौने निर्माण, चाक संचालन, मंडला आर्ट, फिंगर पेंटिंग, वॉटर कलर पेंटिंग और सजावटी सामग्री निर्माण में अपनी कल्पनाशीलता और सृजनात्मक कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं विज्ञान एवं गणित आधारित गतिविधियों ने बच्चों में जिज्ञासा, तार्किक सोच और समस्या समाधान क्षमता को विकसित किया।
समर कैंप ने बढ़ाया नेतृत्व और आत्मविश्वास
इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, टीम भावना, सहयोग, आत्मविश्वास, अभिव्यक्ति कौशल और नवाचारी सोच को मजबूत करने का प्रयास किया गया। बच्चों ने “सीखो, सृजित करो और हर दिन खास बनाओ” की भावना को व्यवहार में अनुभव किया।
शिक्षकों ने बताया – यह सिर्फ अवकाश नहीं, सीखने का अवसर

समापन अवसर पर प्रधान पाठक राजेश कुमार लारेंद्र ने कहा कि समर कैंप बच्चों के लिए केवल अवकाश का कार्यक्रम नहीं बल्कि नई चीजें सीखने, अपनी प्रतिभा को पहचानने और जीवन कौशल विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखते रहने और जिज्ञासु बने रहने के लिए प्रेरित किया।
शिक्षक छगन बंसोर ने कहा कि समर कैंप का उद्देश्य बच्चों को पारंपरिक शिक्षा से आगे बढ़ाकर अनुभव आधारित शिक्षा देना है, जिससे उनमें रचनात्मक सोच और आत्मनिर्भरता विकसित हो।
संकुल समन्वयकों ने सराहा बच्चों का प्रदर्शन

समापन अवसर पर उपस्थित संकुल समन्वयक नरेंद्र साहू एवं मोहित भौंसार्य ने बच्चों द्वारा तैयार सामग्री और सीखी गई गतिविधियों का अवलोकन कर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अवकाश का समय जब सीखने और आत्मविकास में बदल जाए, तभी समर कैंप की वास्तविक सफलता मानी जाती है।
उत्कृष्ट प्रतिभागियों को मिला सम्मान
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागी विद्यार्थियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं सक्रिय सहभागिता के लिए प्रमाण-पत्र एवं सम्मान प्रदान किए गए। विद्यालय परिवार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले पालकों, शिक्षकों एवं सहभागी जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस सफल आयोजन में छगन बंसोर, अल्का खरे, खिलेश्वरी साहू, चंद्रकला ठाकुर, डोमेंद्र साहू, नरोत्तम जांगड़े, चित्रलेखा साहू तथा खेल प्रशिक्षक डोमेंद्र जगनायक का विशेष योगदान रहा।
विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि भविष्य में भी विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए ऐसे नवाचारी और अनुभवात्मक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। यह समर कैंप केवल एक कार्यक्रम का समापन नहीं बल्कि बच्चों के भीतर नई सोच, नई ऊर्जा और नए सपनों की प्रेरक शुरुआत बनकर यादगार बन गया।












