DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

बरसात में 60 परिवारों की जिंदगी दांव पर: सुरक्षित रास्ते की मांग को लेकर ग्रामीणों ने प्रशासन से लगाई गुहार

गर्भवती महिलाओं, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीण चिंतित, रेलवे, WRD और जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

बालोद/गुंडरदेही। विकासखंड गुंडरदेही के ग्राम पंचायत मोंगरी के मोहल्ला भाटापारा के लगभग 60 परिवार बरसात के मौसम में गंभीर आवागमन संकट से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर, जनपद पंचायत गुंडरदेही के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (BDO), दक्षिण पूर्व रेलवे रायपुर मंडल के डीआरएम तथा जल संसाधन विभाग (WRD) के कार्यपालन अभियंता को संयुक्त आवेदन सौंपकर सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था कराने की मांग की है।

ग्रामीणों ने बताया कि भाटापारा मोहल्ले में लगभग 55 से 60 परिवार निवास करते हैं, जिनमें स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं तथा गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं। बरसात के दौरान मोहल्ले तक पहुंचने के दोनों रास्ते पूरी तरह खतरनाक हो जाते हैं, जिससे लोगों को जान जोखिम में डालकर आवागमन करना पड़ता है।

ग्रामीणों के अनुसार पहला रास्ता रेलवे लाइन के नीचे बनी पुलिया से होकर गुजरता है। बारिश के दौरान तेज बहाव के कारण पुलिया के दोनों ओर की मिट्टी और पत्थर बह जाते हैं, जिससे रास्ता पूरी तरह बंद हो जाता है। कई बार पैदल चलने वाले और बाइक सवार पानी के तेज बहाव में गिर चुके हैं।

दूसरा रास्ता जल संसाधन विभाग (WRD) की नाली के किनारे से होकर जाता है, जहां ग्रामीणों ने स्वयं मुरुम डालकर अस्थायी मार्ग बनाया है। लगातार बारिश के कारण यह रास्ता कीचड़ में तब्दील हो जाता है और दोपहिया व चारपहिया वाहन फिसलकर दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है।

ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि यदि किसी गर्भवती महिला को प्रसव के लिए अस्पताल ले जाना पड़े या किसी मरीज की अचानक तबीयत बिगड़ जाए, तो मुख्य सड़क और अस्पताल तक पहुंचने में लगभग एक घंटे का समय लग जाता है। ऐसी स्थिति में किसी भी समय बड़ी जनहानि हो सकती है। इसके अलावा बरसात में सांप-बिच्छू निकलने, संक्रामक बीमारियों के फैलने और स्कूली बच्चों व शिक्षकों के स्कूल नहीं पहुंच पाने जैसी समस्याएं भी लगातार बनी हुई हैं।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि रेलवे विभाग पुलिया के दोनों ओर स्थायी सुरक्षा दीवार एवं स्लैब का निर्माण कराए, जल संसाधन विभाग नाली किनारे चार फीट चौड़ा पक्का रास्ता एवं क्रॉसिंग के लिए स्लैब निर्माण की अनुमति प्रदान करे तथा जिला प्रशासन मनरेगा अथवा आपदा मद से तत्काल अस्थायी सुरक्षित मार्ग का निर्माण कराकर 60 परिवारों को राहत उपलब्ध कराए।

ग्रामीणों ने भावुक अपील करते हुए कहा कि वे नहीं चाहते कि केवल रास्ता नहीं होने के कारण किसी गर्भवती महिला, बच्चे या बीमार व्यक्ति की जान चली जाए। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई कर सुरक्षित आवागमन की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

आवेदन का अनुमोदन ग्राम पंचायत मोंगरी के सरपंच श्री रोशन देवदास द्वारा किया गया है, जबकि आवेदन पर मोहल्ला भाटापारा के ग्रामीणों के हस्ताक्षर भी संलग्न किए गए हैं।

You cannot copy content of this page