जर्जर सड़क और क्षतिग्रस्त पुलिया से ग्रामीण परेशान, लोगों ने की तत्काल मरम्मत की मांग
अंडा। दुर्ग–बालोद मुख्य मार्ग पर अंडा और खप्परवाडा के बीच स्थित पुलिया का डिवाइडर पिछले लगभग दो से तीन वर्षों से टूटा हुआ पड़ा है। इसके साथ ही सड़क की स्थिति भी लगातार खराब होती जा रही है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों, राहगीरों और वाहन चालकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से समस्या बने रहने के बावजूद जिम्मेदार विभाग अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाया है।
ग्रामीणों के अनुसार यह मार्ग क्षेत्र के कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। पुलिया का क्षतिग्रस्त डिवाइडर और सड़क की जर्जर स्थिति दुर्घटनाओं को लगातार न्योता दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां कई बार छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं और यदि समय रहते सुधार कार्य नहीं कराया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
रात के समय बढ़ जाता है खतरा

ग्रामीणों ने बताया कि दिन की तुलना में रात के समय यह मार्ग अधिक खतरनाक हो जाता है। अंधेरे में टूटा डिवाइडर और सड़क की खराब स्थिति स्पष्ट दिखाई नहीं देती, जिससे वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है। लोगों का कहना है कि सुरक्षा संकेतक और बैरिकेड तक नहीं लगाए गए हैं।
कई बार शिकायत, लेकिन समाधान नहीं
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस समस्या को कई बार लोक निर्माण विभाग (PWD) और जनप्रतिनिधियों के समक्ष उठाया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि अधिकारी केवल कागजों में व्यवस्था देख रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग – तत्काल हो मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था
ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों ने प्रशासन तथा लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि पुलिया के टूटे डिवाइडर की जल्द मरम्मत कराई जाए, सड़क का सुधार कार्य कराया जाए तथा दुर्घटना रोकने के लिए चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर और बैरिकेड लगाए जाएं।
अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या जिम्मेदार विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है या समय रहते लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कार्रवाई करेगा।
अंडा से संजय साहू की रिपोर्ट












