DAILY BALOD NEWS

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दो साल की उपलब्धि बताते हुए संसदीय सचिव विकास ने कहा भूपेश है तो भरोसा है, जो ठान लेते हैं वह करते हैं, सरोज पाण्डेय के बयान पर और क्या कुछ कहा उन्होंने देखिये खबर

बालोद  राज्य में कांग्रेस सरकार के दो साल पुरे होने पर प्रेस वार्ता लेने के लिए पहुंचे संसदीय सचिव विकास उपाध्याय ने कहा भूपेश है तो  भरोसा है। एक बार उन्होंने किसी काम को करने के लिए दृढ संकल्प ले लिया तो उसे करके ही छोड़ते हैं। कांग्रेस सरकार ने अपनी घोषणा के 36 में से 24 घोषणा पुरे कर चुकी हैं। बांकी घोषणा भी पूरा करेंगे। जो कहते हैं वे करते हैं। उन्होंने कहा  राज्य में कांग्रेस की सरकार आने के बाद किसानों की स्थिति सुधरी है। किसान खुशहाल हैं। सरकार के शपथ लेते ही भूपेश बघेल ने कर्जा माफ किया और किसानों को 2500 रुपये प्रति किवंटल की दर से धान खरीदी जा रही हैं। समर्थन मूल्य से अधिक की राशि किसानों को राज्य सरकार दे रही है। जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। बस्तर जिले के लोहड़ीगुड़ा में 5000 से अधिक एकड़ की जमीन किसानों को लौटाने का कार्य यह सरकार की बड़ी उपलब्धि है। लाख की खेती को छत्तीसगढ़ में कृषि का दर्जा दिया गया है, किसानों को अन्य फसलों की तरह शार्ट टर्म लोन दिया जाएगा। 2 वर्षों में 25 हजार से अधिक सोलर पम्पों की स्थापना छत्तीसगढ़ सरकार ने की।

अगले साल खुलेंगे 100 अंग्रेजी स्कूल

संसदीय सचिव विकास ने कहा कि राज्य सरकार बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रकार हर जिले में अंग्रेजी माध्यम के सरकारी स्कूल खोले जा रहे हैं। अभी 53 स्कूल खुलें हैं अगले साल 100 स्कूल और खुलेंगे इससे गरीब व मध्यम तबके के बच्चे भी अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में पढ़ सकेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले दिन से अपने वादों पर काम किया है। राज्य सरकार के दो वर्षों पर प्रकाश डालते हुए, उपाध्याय ने कहा कि सरकार ने कई मील के पत्थर हासिल किए हैं। 2500 रुपये प्रति क्विंटल के प्रस्तावित एमएसपी पर धान की खरीद पूरी हो गई है। लगभग 18 लाख किसानों का अल्पकालिक कृषि ऋण, 9 हजार करोड़ रुपये तक का कर्ज माफ किया गया है। पिछले दो वर्षों में धान बेचने वाले किसानों की संख्या 12.6 लाख से बढ़कर 18.36 लाख हो गई है।

36 लाख गौवंशो विक्रेताओं को 56 करोड़ का भुगतान

उन्होंने कहा कि सरकार ने गाय के गोबर की खरीद के लिए 2 रुपए प्रति किलोग्राम की गोधन योजना शुरू की है। यह जैव कृषि को प्रोत्साहित करता है और किसानों की आय को बढ़ाता है। अब तक सरकार ने 36 लाख गौवंश विक्रेताओं को 56 करोड़ रुपये का भुगतान किया है। जिस गोबर को पहले लोग 700 रुपए ट्राली में बेंचते थे आज उसी गोबर के बदले वे 5000 रुपए प्रति ट्राली कमा रहे हैं

कोरोना काल में दुसरे राज्य के श्रमिकों को सीमा तक छोड़ा

कोरोना काल में 107 स्पेशल ट्रेन चलाई गई। लगभग 7 लाख श्रमिको का छत्तीसगढ़ में आना हुआ। कोविड काल में मुख्यमंत्री ने निर्णय लिया था कि छत्तीसगढ़ की सीमा में कोई भी श्रमिक पहुंचेगा। उसके इलाज भोजन की व्यवस्था, यदि छत्तीसगढ़ के श्रमिक है तो उन्हें गंतव्य तक छोड़ने का काम किया। दुसरे राज्य के मजदूरों को भी उनके राज्य की सीमा तक छोड़ने का काम किया गया। जो पूरे देश में किसी भी राज्य में नहीं किया। प्रेसवार्ता के दौरान विधायक संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष सोनादेवी देशलहरे,नगर पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा, कलेक्टर जन्मजेय महोबे,पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा व अन्य उपस्थित थे।

पत्रकारों के सवालों का दिया इस तरह जवाब

उपलब्धि बताने के बाद उन्होंने पत्रकारों के सवालों का भी जवाब दिया। स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल आया की जिला अस्पताल में चिकित्सक की कमी हैं। केस रेफर हो रहे हैं। पिछले दिनों उचित इलाज के अभाव में मौत भी हो चुकी हैं। इस पर संसदीय सचिव ने कहा सरकार चिकित्सकों की नियुक्ति को लेकर लगातार प्रयास कर रही हैं। कलेक्टर ने भी कहा जिला अस्पताल की व्यवस्था में पहले से ज्यादा सुधार आया है। शराब बंदी के सवाल पर उन्होंने कहा धीरे-धीरे उसे भी करेंगे। राम वन गमन पथ को लेकर जिस तरह से कांग्रेस सरकार काम कर रही है उसी तर्ज पर आने वाले दिनों में जिले के धार्मिक पर्यटन स्थलों को भी डेवलप करने, उनका राज्य व देश स्तर पर प्रचार करने की योजना बनाने की बात भी उन्होंने कही।

सरोज के बयान पर यह बोले सचिव व विधायक  

पिछले दिनों भाजपा नेत्री सरोज पाण्डेय द्वारा भूपेश सरकार के दो साल नांचने में बिताने वाली बयान को लेकर संसदीय सचिव ने कहा कांग्रेस कार्यकाल में राज्य का विकास देख भाजपा के पेट में दर्द होने लगा है। उनका बयान इसी का परिणाम है। उनके बयान पर विधायक संगीता सिन्हा ने भी कहा छग की सभ्यता संस्कृति को बचाने के लिए ही सीएम अलग अलग उत्सव को बढ़ावा दे रहे हैं। सरोज पाण्डेय को यह खुद सोंचना चाहिए की हमारी संस्कृति की एक अलग पहचान दिलाने वाली सुआ नृत्य का वह खुद आयोजन की थी।

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